
Demo File Photo Credits: IANS
Delhi: दोस्तों भारतीय रेल दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में एक मानी जाती है। आज भारत में कई तरह की आधुनिक ट्रेनें चलाई जाती है, जैसे शताब्दी एक्सप्रेस, वंदे भारत एवं हाल ही में चालू की गई विस्टाडोम कोच वाली ट्रेंन जिनका सफर ना केवल सुविधाजनक है बल्कि मनोरंजक भी है।
इसके अलावा अब भारतीय रेल (Indian Railway) तैयारी कर रही है देश को पहली बुलेट ट्रेन देने की, जिसकी तैयारी पिछले कई सालों से चल रही है। बुलेट ट्रेन दुनिया में सबसे ट्रेन तेज चलने वाली ट्रेनों में गिनी जाती है, जिनकी स्पीड 300 किलोमीटर से लेकर 500 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।
आज देश में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट बहुत तेजी से डेवलप किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कई किलोमीटर की लंबी सुरंग भी बनाई जाएंगी, जो जमीन के अलावा समुद्र के अंदर भी बनने वाली है, जिससे होकर के बुलेट ट्रेन गुजरेगी हवा की स्पीड पे, आइए हैं इस प्रोजेक्ट की कंपलीट डीटेल्स।
क्या होगा बुलेट ट्रेन का रूट, कनेक्ट करेगी 2 स्टेट्स को
दोस्तों भारत में बनने वाली बुलेट ट्रेन महाराष्ट्र के आर्थिक कैपिटल माने जाने वाले मुंबई से शुरू होकर गुजरात के अहमदाबाद तक का सफर तय करेगी। इस रेल नेटवर्क का टोटल डिस्टेंस 508 किलोमीटर होगा, जिसे हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर के नाम से डिवेलप किया जा रहा है।
बताया जाता है कि इस रूट पर बुलेट ट्रेन की स्पीड लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलाई जाएगी एवं मुंबई से अहमदाबाद (Mumbai to Ahmedabad) पहुंचने में मात्र 2 घंटे का समय लगेगा।
The time-frame for the competition of the much-debated #India's first bullet train project between Ahmedabad-Mumbai is not yet fixed, as per an RTI reply. pic.twitter.com/TzFVtHfKt4
— IANS (@ians_india) November 3, 2022
इस बीच में कितने स्टॉपेज होंगे अभी इसकी डिटेल नहीं दी गई, परंतु इतना कह सकते हैं की फ्लाइट के जरिए जितना समय लगता है, उतने ही समय में अब हम ट्रेन से भी पहुंच पाएंगे।
21 किलोमीटर लंबी सुरंग में 7 किलोमीटर हिस्सा होगा समुद्र के नीचे
दोस्तों जानकारी के अनुसार इस हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को बनाने के लिए भौगोलिक दृष्टि से एक जगह 21 किलोमीटर तक की रेल टनल बनाने की जरूरत पड़ने वाली है। जिसके लिए टेंडर ऑलरेडी जारी कर दिए गए हैं। भारत में ऐसा पहली बार होगा कि कोई ट्रेन 21 किलोमीटर तक लगातार टनल के अंदर सफर करेगी।
Wrapping the year 2022 with the shoot of India's first underwater metro tunnel. #journalism #HappyNewYear pic.twitter.com/ie4GFL2s9c
— Ashoke Raj (@Ashoke_Raj) December 31, 2022
इस सुरंग को बनाने के लिए टीबीएम अर्थात टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा एवं साथ ही अत्याधुनिक ऑस्ट्रेलियन टनल मेथड का भी इस्तेमाल किया जाना है। साथ ही इस 21 किलोमीटर की सुरंग (Tunnel) में 7 किलोमीटर का हिस्सा समुद्र के नीचे बनने वाला है, जो अपने आप में काफी रोमांचक लग रहा है।
यह सुरंग बनेंगी जमीन में 114 मीटर से अधिक गहराई पर
आपको बताना चाहेंगे सामान्य तौर पर शहरों के अंदर मेट्रो ट्रेन के लिए बनाई जाने वाली टनल का व्यास लगभग 6 मीटर होता है, परंतु हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए ये टनल करीब 13 मीटर व्यास की बनाई जाने वाली है। जिसकी एवरेज गहराई की बात करें, तो धरती की सतह से कम से कम 25 मीटर नीचे से लेकर कहीं-कहीं इसकी गहराई 65 मीटर नीचे होगी।
Here's how Mumbai's under sea tunnel for bullet train will be! India's first High Speed Rail (HSR) project moves ahead. @nhsrcl has invited bids for the tunneling for 21 km (approx.) long tunnel, including 7km undersea tunnel using TBM & NATM (Package No. MAHSR-C-2). pic.twitter.com/3ho0jFA3rI
— Rajendra B. Aklekar (@rajtoday) September 23, 2022
सबसे ज्यादा गहराई वाली टनल 114 मीटर शिलफाटा के करीब पारसिक पहाड़ियों के नीचे से हो के गुजरेगी। चूंकि बुलेट ट्रेन की स्पीड अधिक होती है। इसलिए इन्हें धरती की सतह से काफी नीचे बनाया जाता है, ताकि उसके वाइब्रेशन का असर धरती के बाहरी सतह पर ना हो।
दुनिया भर की बुलेट ट्रेन एक नजर में
पूरी दुनिया में बुलेट ट्रेन के नेटवर्क पर नजर डालें तो चाइना एवं जापान में सबसे ज्यादा बुलेट ट्रेन चलाई जाती है। वही चाइना का Bullet Train नेटवर्क सबसे बड़ा माना जाता है, जो लगभग 9500 किलोमीटर से ज्यादा का है।
सबसे लंबी दूरी की ट्रेन शंघाई से चलती है, जो लगभग 2200 किलोमीटर का सफर तय करती है, सिर्फ कुछ घंटों में, स्पीड की बात करें, तो इन ट्रेन की स्पीड 460 किलोमीटर प्रति घंटे होती है।
हाल ही में किए गए एक परीक्षण के दौरान जापान की एक बुलेट ट्रेन ने 600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को भी छू लिया था। बुलेट ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड को सिर्फ 50 सेकेंड में टच कर लेती है। जल्द ही इस ट्रेन की स्पीड का मजा हम भारतवासी भी लेने वाले हैं।



