IMF Managing Director Kristalina Georgieva Image Credits: IANS
Delhi: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष मतलब IMF की चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जीवा पूरी दिनिया को जगह किया है और कहा है कि कोरोना महामारी के कारण वैश्विक मंदी का आरम्भ हो गया है। क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि 2020 की मंदी 2008 में हुई मंदी से भी बड़ा वित्तीय संकट होने वाला है। उन्होंने कहा कि यह मंडी दोहरा संकट होने वाला है। इस दौर में आर्थिक और स्वास्थ्य दोनों समस्याएं से जूझना पद सकता हैं।
जॉर्जीवा ने कहा कि दुनियाभर में कोरोना वायरस से जंग के बीच जीवन बचाने और अपनी रोज़ो-रोटी की रक्षा पर साथ में काम किए जाने की आवश्यकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 10 लाख से अधिक लोग दुनियाभर में कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित हुए हैं, जिनमें से 52 हजार से अधिक लोगो ने अपने प्राण खो दिए है।
छोटे कामगारों और डेली वर्कर्स को होगी परेशानी
आपको बता दे की कोरोना लॉकडाउन के कारण पूरे देश में सब-कुछ बंद है। एक तो भारत पहले से ही बेरोज़गारी चरम पर थी। यहां दिहाड़ी और टेम्पररी वर्कर्स की संख्या काफी अधिक है। हाल हो में दिल्ली और अन्न शहरों में मज़दूरों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी थी। अब लॉक डाउन के कारण फैक्ट्री और मिलें बंद हैं। लॉकडाउन का सबसे बुरा असर इन्हीं दिहाड़ी और टेम्पररी वर्कर्स पर पड़ा है। उनके सामने अब 2 नहीं बल्कि 1 वक़्त के खाने की भी समस्या पैदा हो गई है।
International Monetary Fund (IMF) Managing Director Kristalina Georgieva has warned of a recession worse than the global financial crisis back in 2008 #COVID19 #Coronavirus #IMF pic.twitter.com/pwDN1T3eEC
— IANS (@ians_india) April 4, 2020
अब मीडिया में कीच बड़े आर्थिक जानकार कह रहे है कि लॉकडाउन के बीच में थोड़ी राहत इन मजदूरों को ध्यान में रखते हुए दी जानो चाहिए। उनका कहना है कि अगर लॉकडाउन और लंबा चलता है, तो ये भारत की आबादी का बड़ा हिस्सा बेरोज़गारी और भुखमरी के हालात का सामना कर सकता है। मनरेगा जैसी योजना से भी लाखों गरीब वंचित हैं। IMF ने कहा कि लॉकडाउन के साथ-साथ सरकारों को आजीविका सुरक्षित और सुनिश्चित करने पर भी काम करने पर ध्यान देना चाहिए।
आपको बारे दे की दुनिया के बड़े देश जैसे अमरीका, इटली, स्पेन और ब्रिटैन में भी अब आर्थिक स्थिति कखराब होने के संकेत मिल रहे हैं। कोरोना कई देशों पर कहर बनकर टूटा है और अब इससे जान और माल की हानि होने लगी है। विश्व स्वास्थ संगठन ने कोविड-19 को वैश्विक महामारी घोषित कर दिया है। कोरोना वायरस के संक्रमण से दुनिया भर में 10,98,762 लोग पीड़ित हैं, जबकि लगभग 59,172 लोगों के प्राण कोरोना से जा चुके है।
“We have witnessed the world economy coming to a standstill. We are now in recession. It is way worse than the global financial crisis” of 2008-2009” @KGeorgieva #IMF says – with @andrea_shalal https://t.co/YFneFICLaa
— Stephanie Nebehay (@StephNebehay) April 4, 2020
भारत के अलावा दुनिया के कौन से 20 देश इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित हैं। भारत में कोरोना से संक्रमित मरीज़ों की संख्या 2902 हुई और इससे प्राण गवाने वालों की संख्या 68। दुनिया में सबसे अधिक संक्रमित मरीज़ों की संख्या अमरीका में 2।76 लाख देखने को मिली है। कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में सबसे अधिक 14,681 जान इटली में गई है। उसके बाद स्पेन और अमरीका का नंबर आता है। अर्थशास्त्रियों का मुताबित, अगले कुछ महीनों में अमरीका में बेरोज़गारी दर का प्रतिशत दो अंकों में जा सकता है।
कोरोना वायरस का कहर देश में लगातार बढ़ता जा रहा है। आज महाराष्ट्र में 47, उत्तर प्रदेश के आगरा में 25, राजस्थान में 19, गुजरात में 10 और गोवा में एक नए मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में कोरोना मरीजों की संख्या पिछले 24 घंटे में दोगुनी बढ़ गई है।
खबर के अनुसार शनिवार सुबह आई रिपोर्ट में आगरा में एक ही दिन कोरोना वायरस से संक्रमण के 25 नए मामले सामने आए हैं। इनमें अधिकतर केस निजामुद्दीन मरकज जलसे से जुड़े हुए हैं। आगरा में शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के 20 पॉजिटिव मामले थे। शनिवार सुबह यह संख्या बढ़कर 45 पहुंच गई। इन 25 नए कोरोना मरीजों में अधिकतर तबलीगी जमात के हैं।
मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने बताया है की कोरोना वायरस (COVID-19 )से राज्य में 3 और मरीजों अपने प्राण खो दिए है। इंदौर में दो और छिंदवाड़ा में 1 मरीज के प्राण चले गए है। मध्यप्रदेश राज्य में कोरोना से प्राण जाने की संख्या 11 हो गई है और 158 मामलों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक भारत में कोरोना वायरस (COVID-19) से 2900 से अधिक लोग संक्रमित हो गए हैं।




