मीडिया और सोशल मीडिया पर आयकर को लेकर कई तरह से दावे किये गए है, किन्तु आज खुद आयकर बिभाग (Income Tax) ने सही बात बताई है। आयकर विभाग ज्यादा पगार हासिल करने वाले अफसरों और नौकरी करने वालों की तनखाह पर GST लगाने का विचार अभी कर रहा है।
सूत्रों से मिली जानकरी के अनुसार सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) ने ऐसी किसी भी न्यूज़ को गलत बताया है। मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया में में ऐसी खबरें आने के बाद CBIC को अपना जवाब जारी करना पड़ा है।
CBIC ने एक ट्वीट के ज़रिये सच से अवगत कराया
आज ही CBIC ने एक ट्वीट करके बताया कि मीडिया में ऐसी खबरें आ रही हैं कि आयकर विभाग सभी कंपनी के CEO स्तर के अघिकारियों की सैलरी पर GST लगाने का मन बना रहा है। CBIC ने ट्वीट के ज़रिये अब यह बता दिया है कि किसी भी प्रकार की तनखाह GST के दायरे में नहीं आती है। जो भी खबरें अब तक फैलाई जा रही थी, वह गलत खबरें हैं।
आपको बता दें की ऐसे खबरें आई रही की IT विभाग CEO की तनखाह पर 18% GST लगाने का विचार कर रहा है। जबकि नई खबर के अनुसार सरकार नौकरी पेशा और कामगारों के हितों की सुरक्षा के लिए ‘एक राष्ट्र, एक वेतन दिवस’ जैसी योजना को लागू करने पर विचार कर रही है। मतलब पूरे देश में सभी कर्मचारियों को एक ही दिन सैलरी मिल सके।
Central Board of Indirect Taxes & Customs (CBIC): CBIC, today, clarified that salaries are not subject to Goods and Services Tax (GST) and no GST has been demanded on salaries paid to CEOs or employees. pic.twitter.com/EsUXujc0cQ
— ANI (@ANI) November 15, 2019
News Agency ANI Tweeted that Central Board of Indirect Taxes & Customs (CBIC): CBIC, today, clarified that salaries are not subject to Goods and Services Tax (GST) and no GST has been demanded on salaries paid to CEOs or employees.
आपको बता दें की देश के श्रम मंत्री (Labour Minister) संतोष गंगवार ने मीडिया में कहा कि पूरे देश में प्रत्येक महीने सभी लोगों को एक ही दिन वेतन मिलना चाहिए, इससे लोगों को समय से वेतन का भुगतान हो सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आने वाले दिनों में इस विधेयक के पास होने की उम्मीद है। इसी तरह हम अन्य क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन लागू करने पर भी विचार कर रहे हैं, जिससे कामगारों का जीवनयापन और जीवनस्तर अच्छा और सुरक्षित हो सके।



