बिहार के गोपालगंज को सौगात, अब यहाँ से फ्लाइट मिलेगी, एयरपोर्ट बनाने यह काम तेज़ी से शुरू हुआ

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Flight Plane
Flight Plane Demo File Photo Credits Pixabay

Gopalganj: दोस्तों बिहार राज्य के लिए एक खुशखबरी मिल रही है। जानकारी के अनुसार सुनने में आ रहा है कि अब केंद्र सरकार रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर बिहार के गोपालगंज शहर को हवाई यातायात से जोड़ने की तैयारी में जुट गई है।

गौरतलब है कि सरकार उड़ान योजना के तहत भी देश के तमाम शहरों को हवाई जहाज की सौगात देने की योजना 2017 से चला रही है। परंतु अभी तक गोपालगंज एयरपोर्ट के डेवलपमेंट की बात ठंडे बस्ते पर पड़ी हुई थी। सालों की कवायद एवं लंबे प्रयासों के बाद भी यहां कोई हलचल होती नहीं दिखी।

लोकसभा में भी इस बात को उठाया गया, जिसके चलते अब रिजल्ट आया है कि, जल्द ही इस एयरपोर्ट को राष्ट्रीय स्तर के मापदंडों के अनुसार तैयार करके चालू कर दिया जाएगा। हम सब जानते हैं कि आज यातायात के सुगम साधन किसी भी क्षेत्र के डेवलपमेंट के लिए कितना अधिक फायदेमंद होता है। यह रक्षा की दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है।

काफी अहम साबित होगा गोपालगंज का ये एयरपोर्ट स्थानीय लोगो के लिए

दोस्तों आपको बताना चाहेंगे गोपालगंज बिहार राज्य का एक जिला है, जो सारना संभाग के अंतर्गत आता है। यह बिहार की राजधानी पटना से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां के स्थानीय लोग सालों से एयरपोर्ट की डिमांड कर रहे थे। ज्ञात हो कि गोपालगंज एवं करीब स्थित सिवान क्षेत्र से करीब डेढ़ लाख लोग ऐसे हैं, जो भारत से निकल के दूसरे देशों में रोजगार हेतु गए हैं।

Plane File Photo Credits Pixabay.

आपको बता दें ज्यादातर लोग अपने रोजगार के लिए गल्फ कंट्रीज जैसे बेहरीन, दुबई, ओमान, सऊदी और मस्कट में कार्य करते हैं। ऐसे में उनको आने जाने के लिए पटना एयरपोर्ट पर डिपेंड होना पड़ता है। जिसकी वजह से अधिक समय खर्च होता है, एवं कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है।

गोपालगंज का एयरपोर्ट (Gopalganj Airport) इस लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण बताया जा रहा है क्योंकि, इससे विदेशों में काम करने वाले भारत के इन नागरिकों को जबरदस्त फायदा हो सकेगा। वही टूरिज्म बढ़ने से जिला का विकास भी होगा।

लोक सभा में उठाई थी इसके सर्वे की मांग

आपको बताना चाहेंगे स्थानीय लोगों की लंबे समय से चलती आ रही डिमांड को लेकर यहां के सांसद डॉ आलोक सुमन ने लोकसभा में कई बार गोपालगंज एयरपोर्ट डिवेलप करने की डिमांड को उठाया। इस काम को गति देने के लिए डॉ अलोक सुमन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी विशेष मुलाकात की।

नतीजतन अभी 4 जनवरी को ही रक्षा मंत्रालय की एक टीम ने गोपालगंज के अंग्रेजों के समय से जीर्ण पड़े एयरपोर्ट की जमीन का सर्वे किया। जिस में पाया गया कि यह लगभग 700 एकड़ के क्षेत्र में फैला है। रक्षा मंत्रालय की टीम स्थानीय डीएम के साथ मिलकर अब इसके सीमांकन के कार्य में जुट गई है।

जल्द ही जमीन सुरक्षित कर, ट्रांसफर होगी रक्षा मंत्रालय को

दोस्तों आपको जानकारी देना चाहेंगे कि, गोपालगंज एयरपोर्ट को सबसे पहले 1868 में अंग्रेजों ने तैयार किया था। दरअसल चीन देश की सीमा से सटे होने की वजह से इस एयरपोर्ट को सैन्य दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता रहा है।

यही वजह है कि रक्षा मंत्रालय भी इसे काफी अहम मानते हुए जल्द से जल्द इसे चालू करने की कवायद में जुट गया है। सर्वे के दौरान डीएम ने बताया ईसकी 700 एकड़ भूमि पर काफी कुछ अतिक्रमण भी हो गया है, जिसे युद्धस्तर पर हटाकर फेंसिंग एवं दीवार के जरिए चारों तरफ से इसकी सीमा को सुरक्षित किया जाएगा। तत्पश्चात यह जमीन रक्षा मंत्रालय को ट्रांसफर कर दी जाएगी।

उड़ान योजना, छोटे शहरों को जोड़ेगी हवाई यात्रा से

उड़ान योजना, क्षेत्रीय जन संपर्क योजना है। जिसे 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी। जिसके अंतर्गत टियर 2 एवं टियर 3 शहरों को वायु मार्ग से जोड़ने का प्रस्ताव रखा।

इसमें 200 से 600 किलोमीटर के दायरे में आने वाले शहरों को कम लागत में हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके। उड़ान योजना की पंच लाइन है, “उड़े देश का आम नागरिक”। इसमें 78 नए एवं पुराने शहरों को जोड़ने का टारगेट लिया गया। ये योजना निश्चय ही छोटे शहरों के डेवलपमेंट के लिए वरदान साबित होगा।

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