
Delhi: आज लोग जो कुछ भी कमाते है, वो सिर्फ इसी लिए की वे अपने पसंद का खा सके और सभी सुख सुविधा वाला जीवन बिता सके। ज्यादातर लोगों को घर का खाना पसंद नहीं आता। वे बाहर के चाट समोसे से ज्यादा खुश रहते है और इन स्ट्रीट फूड (Street Food) वालो को अच्छा खासा रोजगार भी मिल गया है।
लोग इन चीजों को घर में बनाने से ज्यादा बाहर खाना पसंद करते है। बहुत से लोग कहते है पानी पूरी को जब तक ठेले वाले के पास से न खाओ मजा नही आता। परंतु इसके नुकसान भी है। जब खाद्य पदार्थ कही खुली जगहों पर रखा होता है तो उसके दूषित होने की संभावना होती है।
आप जानते है पिछले 2-3 सालो से बीमारी का आपदा काल चला आ रहा है, जो लोगो के संपर्क से फैलती है, ऐसे में बाहर की चीजों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। इसी लिए अब FSSAI के द्वारा स्ट्रीट फूड के विक्रेताओं को भी लाइसेंस (Food License) बनवाने जरूरी कर दिया है। यदि जो बिना फूड लाइसेंस के फूड बेचता मिल गया, तो उसको भरी जुर्माना चुकाना पड़ सकता है साथ ही 6 माह तक जेल में भी रहना पड़ सकता है। तो आइए जानते है संपूर्ण प्रक्रिया।
एक नई पहल
भारत में एक नई पहल हुई है, इसके अंतर्गत बिना लाइसेंस के खाद्य व्यंजन को बेचने पर पांच लाख रुपए का जुर्माने लग सकता है, साथ ही छह माह का कारावास का भी प्रावधान किया गया है। FSSAI के फूड प्रोडक्ट के प्रोडक्शन की स्टैंडर्ड वैल्यू भी निर्धारित की गई है।
आप भी जान लें यदि कोई खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग में बिना पंजीकरण के चाट-पकौड़ी, समोसा, चाय जैसी कई तरह की खाद्य सामग्री बेचते हुए पाया जाता हैं। तो उसे पांच लाख रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। और यह बात भी न भूले की छह महीने तक की जेल की सजा हो सकती है। इसके अंतर्गत राशन डीलर, शराब विक्रेता और पान, फल और सब्जी दुकानदार आदि आते है।
मिली जानकारी के अनुसार अब देश में खाद्य सामग्री का व्यापार करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India) का लाइसेंस होना बेहद आवश्यक है।
यह उपभोक्ताओं और देश हित में किया गया कार्य है। इससे लोग को गुणवत्ता का खाद्य पदार्थ मिलेगा। आपको बता दें कि इस लाइसेंस में कुल 14 अंक है, जो पंजीकरण संख्या है। इसकी मुख्य बात यह होगी कि यह संख्या खाने की पैकेजिंग पर अंकित होगी।
दी गई वेबसाइट के माध्यम से आसानी से करे आवेदन
यदि आप स्वयं एक दुकानदार हैं और अपनी खाद्य सामग्री को बेचने के लिए लाइसेंस (To Get Food License) बनाना चाहते हैं, तो हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको सरल तरीका बता रहे हैं। जिससे आप खुद अपने लाइसेंस के लिए घर बैठे अप्लाई कर सकते हैं।
आवेदक करने के लिए https://foodlicensing.fssai.gov.in नामक बेवसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और यदि आपको ऑफलाइन आवेदन करना हैं, तो आप स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी से संपर्क कर अपना आवेदन करे। दस्तावेजों को सत्यापित करने के करीब दो महीने के अंदर आपका लाइसेंस जारी हो जाएगा।
5 वर्ष की होगी वेलेडिटी
बेवसाइट को खोलने पर एक रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस प्राप्त करने के लिए फॉर्म खुलेगा। जिसमे आपको अपनी सभी जरूरी जानकारी भरनी है। मूल पंजीकरण करने के शुरुआत से आवेदन करने के लिए आपको हर वर्ष 100 रुपये का शुल्क देना होगा है। यह पंजीकरण मात्र पांच वर्ष के लिए वैध है। पांच वर्ष के बाद आपको फिर से आवेदन करना होगा।
जरूरी जानकारी यह है कि यदि आपका बिजनेस 12 लाख रुपए से कम वार्षिक टर्नओवर करता है, तो ऐसे दुकानदारों को 100 रुपये का निबंधन शुल्क ट्रेजरी में जमा करना होगा और यदि 12 लाख रुपए से ज्यादा का वार्षिक टर्नओवर होता है, तो उन दुकानदारी को ढाई से साढ़े सात हजार रुपए का शुल्क भरना पड़ेगा।
आवश्यक दस्तावेज
इस लाइसेंस के लिए मुख्य दस्तावेज कुछ इस प्रकार हैं। व्यवसायी का फोटो, पहचान प्रमाण, पैन कार्ड,
एक पासपोर्ट साइज का फोटो, परिसर के कब्जे का प्रमाण अर्थात भूमि के कागजात या फिर किराये का समझौता, निगमन/साझेदारी विलेख के प्रमाण पत्र के लेख, यदि लागू हो।
मिली जानकारी से पता लगा है कि अब फल-सब्जी से लेकर पान के दुकानदारों, चाट-पकौड़ी, कचौड़ी-जलेबी बेचने वालो को भी अब अपने व्यापार को अच्छे से चलाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का लाइसेंस होना बहुत जरूरी होगा। इसके साथ ही मेडिकल स्टोर, देशी-विदेशी शराब, बीयर ठेकेदारों और राशन दुकानदारों के लिए भी यह लाइसेंस बनवाना जरूरी है। तभी आप अपना व्यापार कर सकते है।



