
Indore: बीते दिनों फैले वायरस और महामारी काल और फिर लॉकडाउन की परेशानी से उद्योग अब अपनी पटरी पे वापस आने लगा हैं। देश में कई रुके काम अब रफ़्तार पकड़ रहे है। ऐसे में मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के पास इस वक़्त लगातार उद्योगपति निवेश की जमीन मांगने के लिए पहुंच रहे हैं। इंदौर-उज्जैन रीजन (Indore-Ujjain Reason) इन दिनों निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है।
भारत सरकार का मिशन आत्मनिर्भर भारत अब देश और मध्यप्रदेश में बन रहे माहौल को देखते हुए प्रदेश सरकार ने भी अपना काम तेज़ करते हुए दिल्ली-मुबंई एक्सप्रेस वे (Delhi-Mumbai Expressway) के आसपास इंदौर और उज्जैन संभाग (Indore Ujjain Sambhag) में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का रोडमेप तैयार किया है। निगम इस रीजन में दो बड़े और दो छोटे औद्योगिक क्षेत्र बनाने की तरफ अग्रसर है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ बड़ा निवेश क्षेत्र MP के रतलाम के समीप तैयार हो रहा है। यहां 2 हजार एकड़ में लॉजिस्टिक पार्क और 3 हजार एकड़ में मल्टी प्रॉडक्ट औद्योगिक क्षेत्र और इसके अलावा 1 हजार एकड़ में मंदसौर, नीमच में मल्टी प्रॉडक्ट व टेक्सटाइल पार्क (Textile Park in MP) बना रहे हैं। इस तरह 6 हजार एकड़ के नए औद्योगिक क्षेत्र की योजना बनाए गई है। ऐसे में मध्य प्रदेश के इस रीजन को बहुत लाभ होने वाला है।
नीमच में भीलवाड़ा की 4 टेक्सटाइल कंपनियां शिफ्ट
समाचार अखबार में आई रिपोर्ट के मुताबिक़ एमपीआइडीसी के कार्यकारी संचालक रोहन सक्सेना ने बताया, तीनों जिलों में विभाग के आला अफसरों ने जमीन तय कर दी है। नीमच में तो भीलवाड़ा की चार टेक्सटाइल कंपनियां शिफ्ट हो रही हैं। इनके लिए स्थानीय प्रशासन ने जमीनें चिह्नित कर उद्योग विभाग को हस्तांतरित कर दी है।
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अभी के हालिया समय में औद्योगिक निवेश का बहुत अच्छा वातावरण बना है। ऐसे में डिमांड के अनुरूप तैयार जमीनों के लिए निवेशकों को इंतजार करना पड़ रहा है। अभी औद्योगिक क्षेत्रों में से अधिकांश में बुकिंग पूरी हो चुकी है। अब लोग यहाँ बिज़्नेस स्थापित कर रहे है।
बेटमा के समीप औद्योगिक टाउनशिप
इसके अलावा बेटमा के समीप पीथमपुर-7 (Pithampur-7) में लगभग 3500 एकड़ में औद्योगिक टाउनशिप व उज्जैन में भी लघु-सूक्ष्म उद्योग का मॉडल तैयार हो कर काम भी शुरू हो चुका है। इस तरह एक्सप्रेस-वे के आसपास 10 हजार एकड़ से अधिक के औद्योगिक क्षेत्र तैयार हो रहे हैं। इनमें अगले तीन सालों में 70 हजार से अधिक लोगो को रोजगार (Jobs) मिलेगा और व्यवसाय (Business) भी बढ़ेगा।
Delhi-Mumbai Expressway – A glimpse of its progress in Madhya Pradeshhttps://t.co/ysJW9NCi3S
In own promo vids u can see previously fertile land being turned into a moon or mars like surface for the expressway
But he allegedly saved 1 tree & u r supposed to be grateful for it pic.twitter.com/pdnFrJb9bF
— Spatel (@Rjrasva) July 27, 2020
देश की केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली-मुबंई एक्सप्रेस हाई-वे की योजना तैयार की गई है। इसका निर्माण शुरू हो गया है। इससे दिल्ली मुबंई के बीच की दूरी को कम कर 12 घंटे में पहुंचने का लक्ष्य रखा है। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मप्र, गुजरात व महाराष्ट्र राज्यों से गुजरेगा। मध्य प्रदेश में यह पश्चिम में रतलाम, मंदसौर, नीमच, झाबुआ व आलीराजपुर जिलों से गुजरेगा।
सरकार ने इसके लिए मुख्य क्रॉसिंग मंदसौर जिले (Mandsaur) के गरोठ के समीप दिया है। यहां से दोनों ओर जाने में 6-6 घंटे का समय लगेगा। सरकार ने इसका फायदा लेने और स्थानीय संसाधनों आधारित उद्योगों को स्थापित करने के लिए यह योजना तैयार की है। इसका लाभ इंदौर व धार के समीप विकसित हो रही बेटमा औद्योगिक टाउनशिप (Betma Area) को भी मिलेगा। यह रीजन सेंटर में होने से यहां लॉजिस्टिक हब (Logistics hub) में अच्छी संभावना भी है।
The National Infrastructure Pipeline envisions better the Ease of Living for every Individual citizen in the country.
The Delhi-Mumbai Expressway will be completed by 2023.
More Tejas-type trains will be started to connect iconic destinations.#JanJanKaBudget pic.twitter.com/b3rPxy3UEi
— BJP (@BJP4India) February 1, 2020
ऐसे में इसके लिए रतलाम के पास ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसके लिए लगभग 4 हजार एकड़ जमीन पॉइंट कर ली गई है। एक हजार एकड़ के लिए कार्रवाई चल रही है। इस तरह पांच हजार एकड़ में यह औद्योगिक क्षेत्र आकार लेगा। यहां पर लॉजिस्टिक पार्क, फार्मा व ऑटो एनसीलरी पर बल दिया जाएगा। यहाँ विकाश कार्य जोरों पर है।
अन्य निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा
मध्य प्रदेश के मंदसौर में लगभग 400 एकड़ जमीन पॉइंट की गई है। यहां पर स्थानीय कृषि उत्पादों आधारित उद्योग लगवाने की तैयारी है। इसके लिए फूड प्रोसेसिंग प्लांट, फार्मा व अन्य निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। इससे खेती किसानी के क्षेत्र में लोगो को फ़ायदा होगा।
Haryana, Rajasthan, Gujarat and Maharashtra will gain momentum in infra development through Delhi-Mumbai Expressway. A glimpse of its progress in Madhya Pradesh. #TransformingIndia #NewIndia #PragatiKaHighway @NHAI_Official pic.twitter.com/eKmqNWZKFO
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) July 17, 2020
लैंड पूलिंग आधारित यह मध्यप्रदेश की पहली औद्योगिक टाउनशिप है। अभी की समय की बात करें तो लगभग 3500 एकड़ जमीन मिल चुकी है। इस पर पीथमपुर-7 के नाम से योजना आकार ले रही है। यहां पर बड़े, मध्यम उद्योग के साथ ही कुछ क्लस्टर भी बनाएंगे। यहां पर आवासीय विकास के लिए भी जमीन दी गई है। ऐसे में अब अब रीजन को मध्य प्रदेश की सोने की चिड़िया कहा जा रहा है। इस एक्सप्रेस वे के आप पास के सभी क्षेत्र और लोगो को रोजगार और व्यवसाय के उन्नत अवसर हासिल होंगे।



