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दीपा मालिक की 36 साल की उम्र में तीन ट्यूमर सर्जरी, 31 Operation और 183 टांके। यह सब सुन सभी के दिल मे उनके लिए सम्मान जाग जाता है। दीपा मलिक की Story सहानूभुति नहीं बल्कि स्वयं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित करती। शरीर का निचला भाग काम ना करने के बावजूद दीपा ने दुनिया भर में तिरंगा फहराया।
दीपा मलिक अब भले ही अपने पैरों पर खड़े नहीं हो सकती, लेकिन न जाने कितनों का प्रोत्साहित किया और आत्मविश्वास जगाया। पूरी दुनिया के लिए जज्बे और हौसले का दूसरा नाम बन चुकीं ओलंपियन दीपा मलिक को खेल दिवस के अवसर पर देश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार से सम्मानित किया।
29 अगस्त को दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन का दरबार हॉल तब तालियों की आवाज से गूंज उठा, जब उद्घोषिका दीपा के खेल, उपलब्धियों और कारनामो की फेहरिस्त पढ़ रहीं थीं। महामहिम रामनाथ कोविंद ने हरियाणा की इस बेटी को राजीव गांधी खेल रत्न से नहीं नवाजा बल्कि उनकी जीवटता को सैल्युट किया।
खेल रत्न पुरुस्कार पाने वाली पहली भारतीय महिला पैरा एथलीट बन चुकी दीपा रियो पैरालंपिक 2016 में शॉट पुट में सिल्वर मेडल जीतने वालीं प्रथम भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। दीपा मलिक का ले सिलसिला आगे बढ़ता चला एशियन गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीता था। अपनी खेल और उपलब्धियों के लिए दीपा मलिक को पद्मश्री पुरुस्कार से भी नवाजा गया था।
अगले वर्ष वह 50 वर्ष की हो जाएंगी। उन्होंने अपना लक्ष्य निर्धारित किया है कि अपने जीवन के 50वें वर्ष में वह समुद्र पार कर नया ऐतिहासिक रिकार्ड बनाएंगी। पैरालंपिक में शामिल होने के लिए उन्होंने डिस्कस थ्रो प्रारम्भ कर दिया, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें इसके लिए परमिशन नही दी क्योकि उनकी शारीरिक हालत ऐसी नहीं है कि वह अपने खेल को आगे जारी रख पाएं।
President Kovind confers the Rajiv Gandhi Khel Ratna Award, 2019 upon @DeepaAthlete in recognition of her outstanding achievements in Para-Athletics.
⏺️Bronze Medal (Javelin Throw) in Asian Para Games 2018
⏺️Silver Medal (Shot Put) in Paralympic Games 2016 pic.twitter.com/P32usp4L6I— President of India (@rashtrapatibhvn) August 29, 2019
दीपा को राष्ट्रपति रोल मॉडल पुरुस्कार-2014, लीडर एशिया एक्सीलेंस पुरुस्कार-2014, लिम्का पीपल ऑफ द ईयर पुरुस्कार-2014, कांगो करमवीर अवार्ड-2014, एमेजिंग इंडिया पुरुस्कार-2013, कर्मवीर चक्र पुरुस्कार-2013, अर्जुन पुरुस्कार-2012, एक्सीलेंस अवार्ड फॉर स्पोर्ट्स-2012, महाराणा मेवाड़ अरावली स्पोर्ट्स पुरुस्कार-2012, मिसाल ए हिम्मत पुरुस्कार-2012, महाराष्ट्र छत्रपति पुरुस्कार स्पोर्ट्स-2009-10, हरियाणा कर्मभूमि पुरुस्कार-2008, स्वावलंबन अवॉर्ड महाराष्ट्र-2006 आदि से सम्मनित किया जा चुका है।
Thank you everyone for the good wishes. Apologies if I haven’t been able to respond to any one personally. I’d like to express my sincere gratitude towards our President @rashtrapatibhvn, Hon. PM Shri @narendramodi ji and sports minister @KirenRijiju ji & (1/2) pic.twitter.com/M7nHzG2DdO
— Deepa Malik (@DeepaAthlete) August 30, 2019
दीपा मलिक को यह सम्मान मिलने से सही मायने में उनके जैसे दिव्यांग खिलाड़ी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित और उनसे प्रेरित होंगे। दिव्यांग महिलाओं की हिस्सेदारी खेलों में कम होती है। लोगों के विचार कुछ हद तक बदले है, लेकिन अभी बहुत कुछ बदलना रह गया है।
46 वर्ष की उम्र में पैरालंपिक मेडल जीता। 47 वर्ष की उम्र में फिर से एशियन रिकॉर्ड बनाकर मेडल जीता। जब दीपा मलिक की कहानी यह सब लोग पढ़ेंगे और सुनेंगे तो लोगो को उनसे प्रेरणा मिलेगी जिससे शायद समाज में कीच परिवर्तन आये।।



