CRPF कोबरा कमांडो सचिन सावंत के साथ पुलिस का दुर्व्यवहार, CRPF अब हिसाब ऐसे लेगी

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Image Credits: Twitter




Belgami/Karnataka: कोरोना वायरस (Coronnavirus) के कारण पूरे देश में जारी लॉकडाउन के बीच कर्नाटक से एक चौंकाने वाला मामला देखने में आया है। यहां कर्नाटक पुलिस के द्वारा CRPF के कोबरा कमांडो के साथ दुर्व्यवहार की खबर मिली है। अब यह खबर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।

कर्नाटक के बेलगामी जिले के रहने वाले CRPF कोबरा कमांडो सचिन सुनील सावंत अपने घर के बाहर बाइक धो रहे थे। उसी वक़्त एक पुलिसकर्मी ने देखा बाइक धो रहे आदमी ने मास्क (Mask) नहीं लगाया है। इसके बाद बिना किसी चेतावनी और बातचीत के Karnataka पुलिसकर्मी ने कमांडो सचिन की के साथ दुर्व्यवहार और हाँथ-पैर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

पुलिस ने CRPF कमांडो सचिन सावंत की एक ना सुनी

CRPF कमांडो सचिन सावंत बार-बार पुलिस को बताते रहे कि वह CRPF के COBRA कमांडो हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उनकी एक ना सुनी और हांथापाई करते रहे। यही नहीं पुलिस ने कमांडो सचिन के कपड़े फाड़ दिए और हथकड़ी पहनाकर कमांडो को सड़क पर बिना चप्पल के घुमाया भी। सचिन में हांथो में लोहे की बढ़िया डाल दी गई।



इसके बाद भी पुलिस की मनमानी समाप्त नहीं हुई, उसने कमांडो को जंजीरों में जकड़ दिया। इस पूरे मामले में CRPF के प्रवक्ता का बयान सामने आया है। सीआरपीएफ ने कहा है कि हमने इस मामले को कर्नाटक के पुलिस प्रमुख के सामने रखा है। मंगलवार को जवान की जमानत याचिका को कोर्ट के सामने रखा जाएगा। CRPF भी स्थानीय अधिकारी के साथ न्यायालय में होगी। मामले की जांच के बाद इसे तार्किक निष्कर्ष पर ले जाने का प्रयास किया जाएगा।

अब सोशल मीडिया में देश की जनता यह सवाल उठा रही है की क्या पुलिस को किसी को भी बिना चेतावनी दिए और कारण बताये परेशान करने और हाँथ-पैर चलाने की अधिकार मिल जाता है। इस मामले में कर्नाकट की भाजपा सरकार अभी तक चुप क्यों है। देश की रक्षा करने वाले CRPF कोबरा कमांडो के साथ ऐसा दुर्व्यवहार पुलिस कर रही है, तो आम जनता का क्या होता होगा।

अब सोशल मीडिया पर CRPF कोबरा कमांडो सचिन सुनील सावंत के समर्थन में ट्रेंड #ReleaseSachinSavant भी चलाया गया है। Release Sachin Savant ट्रेंड में अनेको भारतीय लोग अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे है। देश के वीर जवान का मनोबल तोड़ने वाली यह घटना बहुत ही निंदनीय है और इस घटना ने एक बार फिर देश की जनता के सामने पुलिस का अमानवीय चेहरा ला दिया है। आज कोरोना संकट के समय जहां पुलिस के प्रति जनता के मन में सम्मान जाग रहा था, आज वह फिर से समाप्त हो गया।


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