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Delhi: पूरी दुनिया के दुह और लोग कोरोना वायरस संकट के कहर से जूझ रहे हैं। विदेशी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में कोरोना से चार लाख 13 हजार से ज्यादा लोगों के प्राण चले गए है और 73 लाख 18 हजार से ज्यादा लोग COVID-19 संक्रमित हैं, जबकि 36 से ज्यादा लोगों ने कोरोना पर जीत हासिल की है। वहीं, सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका में कोरोना से 1 लाख 14 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 20 लाख 45 हजार से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हैं।
अमेरिकी अभिनेत्री जुडी इवांस कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई हैं और वह अभी अस्पताल में भर्ती हैं। रूस में बीते 24 घंटे के दौरान 171 और लोगों की जा चली गई है। अब रूस में कोरोना की वजह से अपने प्राण गवाने वालों की संख्या 6,142 हो गई है। इस दौरान संक्रमण के 8,595 नए मामले भी सामने आए हैं।
पाकिस्तान में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड बने
पाकिस्तान में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के सबसे अधिक 5387 नए मामले सामने आए। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पाकिस्तान में तेज़ी से कोरोना संक्रमण पढ़ने की आशंका जताई है और इसे कंट्रोल करने के लिए ‘रुक-रुककर लॉकडाउन’ लगाने का सरकार से अनुरोध किया था। यहाँ 24 घंटे में 83 और जानें चली गई गई। आप पाक में जान गवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 2,255 हो गई है।
पाक मंत्रालय के आकड़ो के मुताबिक़ संक्रमितों के कुल 113,702 मामलों में से पंजाब में 43,460, सिंध में 41,303, खैबर-पख्तूनख्वा में 14,527, बलूचिस्तान में 7,031, इस्लामाबाद में 5,963, गिलगित-बाल्टिस्तान में 974 और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 444 मामले सामने आए हैं।
भारत में कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या में इज़ाफ़ा
भारत में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या बढ़कर 2,76,583 हो गई है, जिनमें से 1,33,632 सक्रिय मामले हैं। पूरे देश में अब तक 1,35,206 लोग ठीक हो चुके हैं और 7,745 लोगों की अब तक जान जा चुकी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देशभर में पिछले 24 घंटे में 9,985 नए मामले सामने आए हैं और 279 लोगो ने कोरोना की वजह से अपने प्राण गवा दिए है।
भारत में राजधानी दिल्ली कोरोना की भयंकर चपेट में आ गई है, आशंका है की अब दिल्ली कोरोना मामलों में जांद की महाराष्ट्र का रिकॉर्ड तोड़ देगी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इस बीच कोरोना के खिलाफ जंग में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घुटने टेक दिए है। अभी प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक़ दिल्ली में कोरोना वायरस के 31309 मामले आये है, जिनमे 11861 लोग ठीक हो चुके है और 905 लोगो के प्राण जा चले है।
मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस
आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा है कि वह उप-राज्यपाल अनिल बैजल का हर एक आदेश मानेंगे। दिल्ली में राज्य द्वारा संचालित अस्पतालों में बाहरी लोगों का इलाज होगा। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने यह भी कहा कि ये अब आपस में उलझने का वक्त नहीं है। जबकि पहले केजरीवाल ने दिल्ली के अस्पतालों में केवल दिल्ली वासियों का ही इलाज करने की बात की थी।
LG और केंद्र के आदेश को लागू किया जाएगा। हमें एक दूसरे से नहीं, मिलकर कोरोना से लड़ना है। https://t.co/KX2Iu0Zfww
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 10, 2020
आपको बता दे की बीते दिनों उपराज्यपाल ने उनका ‘दिल्ली में दिल्ली वालों का इलाज’ वाला आदेश बदल दिया था। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही कि अरविंद केजरीवाल और केंद्र के बीच की इस उलझन में अब नया नया सीन आ गया। परन्तु अब इसके विपरीत हुआ। केजरीवाल ने आज साफ कहा कि उनकी सरकार केंद्र और उपराज्यपाल के आदेश को मानेगी और दिल्ली के अस्पतालों में सभी का इलाज होगा।
केजरीवाल ने कहा कि यह वक्त आपस में उलझने का नहीं है, बल्कि कोरोना से मिलकर जंग करने का है। दिल्ली में कोरोना के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में दिल्ली सरकार का यह स्टैंड, एक बदली हुई रणनीति का भी इशारा हो सकता है। केजरीवाल सरकार ने कोरोना महामारी के सामने खुद हार कुबूल है (3 बार) कर ली है। बता दें कि केजरीवाल सरकार COVID-19 से निपटने में लगातार नाकाम साबित हो रही है।
CM अरविंद केजरीवाल कोरोना के आगे घुटने तक दिए है
अब इसके फलस्वरूप मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कोरोना की बढ़ती मुश्किल को देखते खुद हार मान ली है, इसके अलावा अब केजरीवाल ने इस महामारी से निपटने के लिए बल्लेबाज़ी की स्ट्राइक मोदी की केंद्र सरकार को रोटेट कर दी है। आपको बता दे की इससे पहले कई बार केजरीवाल सरकार ने खुद को कोरोना वायरस से निपटने के लिए अति सक्षम बताया था। परन्तु आज खुद केजरीवाल ने अपनी हार स्वीकार कर ली है।
जितने बेड दिल्ली के लोगों के लिए चाहिए होंगे, उतने ही बेड दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए चाहिए होंगे। ये बहुत बड़ी चुनौती है, लेकिन हम पूरी कोशिश करेंगे।
हम होटल्स, स्टेडीयम्स को तैयार करवाएँगे। इसके लिए मैं ख़ुद ज़मीन पर उतरूँगा। हमारी नीयत, कोशिश में कमी नज़र नहीं आएगी pic.twitter.com/WWJUqNhSWF
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 10, 2020
इसके पीछे एक ठोस कारण है। ऐसी आशंका जाने गई है की दिल्ली की भविष्य की तस्वीर और भयानक होने वाली है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) के मुताबिक, दिल्ली में 31 जुलाई तक कोरोना संक्रमण के साढ़े पांच लाख (5.5 Lakh) केस हो सकते हैं। अभी के समय में दिल्ली में 12.6 दिन में कोरोना केस डबल हो रहे हैं।
मनीष सिसोदिया ने यह भी कहा था कि दिल्ली सरकार को लगता है कि दिल्ली में कम्यूनिटी स्प्रेड (community transmission in delhi) शुरू हो गया है। सिसोदिया ने यह बात एसडीएमए (स्टेट डिजॉस्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) की बैठक के बाद कही। इसमें उपराज्यपाल अनिल बैजल भी शामिल थे।
By 15 June, there'll be 44,000 cases & 6,600 beds will be needed. By 30 June we'll reach 1 lakh cases & 15,000 beds will be required. By 15 July there'll be 2.25 lakh cases & 33,000 beds will be needed. By 31 July, 5.5 lakh cases expected & 80,000 beds will be needed: Delhi Dy CM pic.twitter.com/F5iXDlgO7R
— ANI (@ANI) June 9, 2020
मनीष सिसोदिया ने कहा था कि 15 जून तक दिल्ली में कोरोना के कुल केस 44 हजार तक पहुंच सकते हैं। आंकड़ा 30 जून तक बढ़कर एक लाख तक पहुंच सकता है। वहीं 15 जुलाई तक कोरोना केस सवा लेख होने की उम्मीद है और 31 जुलाई तक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या साढ़े 5 लाख (5.5 Lakh Corona Positive Case) तक पहुंच सकती है। उस वक्त इलाज के लिए 80 हजार बेड की जरूरत होगी।



