खुदाई में 2000 साल प्राचीन शिवलिंग निकला, जो चमत्कारिक रूप से तुलसी की खुशबू बिखेरता है।

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2000 year old Shiva Linga found in Chhattisgarh
2000 year old Shiva Linga found in Rajsamand Chhattisgarh. Sirpur Chhattisgarh Shivling Who Has Smell Of Tulsi. Ancient 2000 year Shivling found in Sirpur Chhattisgarh. There was ancient Mahadev Temple.

Image Credits: Social Media

Sirpur, Chhattisgarh: पूरी दुनिया से भारत की प्राचीनता छुपी नहीं है। दुनिया के कोने कोने से पुरातत्वविद और इतिहासकार भारत आते रहे है। भारत की संस्कृति और यहाँ का हिन्दू धर्म पूरी दुनिया में सबसे पुराना और प्राचीन है। भारत में समय समय पर हर राज्य से खुदाई में और नदियों से प्राचीन मुर्तिया और मंदिर अवशेष निकलते रहे है। भारत की सबसे प्राचीनतम स्थानों में से एक स्थान छत्तीसगढ़ राज्य है।

आपको बता दे की पिछले साल एक खबर बहुत तेज़ी से देश की मीडिया और सोशल मीडिया में वायरल हुई थी। अगर आप इस खबर से बासे में जानते है तो अच्छा है और अगर नहीं तो हम आपको इस अनोखी घटना के बारे में बता देते है। छत्तीसगढ़ के सिरपुर में उस वक़्त चल रही खुदाई में पुरातत्व विशेषज्ञों को एक शिवलिंग मिला।

यह एक प्राचीन मंदिर के अवशेष होना बताया गया था। खबर आई थी की यह शिवलिंग लगभग 2000 साल पुराना है। इतने प्राचीन शिवलिंग में सबसे ज्यादा हैरान कएने वाली बात यह थी की इससे तुलसी के पत्तों की खुशबू आती है। इसकी पड़ताल में बता चला की यह शिवलिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों वाले पत्थर से बना हुआ है।

इस शिवलिंग के आस पास तुलसी की खुशबु महक जाती है। जानकारों ने इस शिवलिंग को बहुत जानकारी जुटाने के बात गंधेश्वर महादेव नाम दिया। यह 2000 साल पुराना शिवलिंग 4 फीट लंबा और 2.5 फीट की गोलाई का है। इस शिवलिंग में विष्णु सूत्र (जनेऊ) और अनेक शिव-धारियां पाई गई थी।

जानकारों और इतिहासकारों के अनुसार इस स्थानपर कभी विशाल मंदिर हुआ करता था, जिसका निर्माण पहली शताब्दी के शुरू में यहाँ के सरभपुरिया राजाओं द्वारा कराया गया था। फिर माना जाता है की 12वीं सदी में एक विनाशकारी भूकम्प आया था, जिसमे मंदिर ढ़य गया था और इसके बाद चित्रोत्पला महानदी बाढ़ का कहर भी आया और इस मंदिर परिसर को डुबो गया था। हालांकि उस बाढ़ में शिवलिंग दबकर सुरक्षित यह गया।

आपको बता दे की इस स्थान पर बहुत पहले से पुरातत्व विभाग की खोज बीन का काम ज़ारी था और पिछले कई सालों से खुदाई करा काम भी चल रहा है। यहां अब तक कई छोटे-बड़े शिवलिंग और अन्न चाचिन चीज़े नितल चुकी हैं। परन्तु लोग तब हैरान हो गए जब पहली बार इतना बड़ा शिवलिंग मिला।

एक हिंदी अख़बार की खबर में बताया गया की पुरातत्व के जानकार अरुण कुमार शर्मा ने बताय की ब्रिटिश पुरातत्व खोजी बैडलर ने साल 1862 में लिखे एक लेख में इस स्थान पर एक विशाल शिवमंदिर होने का उल्लेख किया था। जिसके मुताबिक़ यहाँ के लक्ष्मण मंदिर परिसर के दक्षिण में स्थित एक टीले के नीचे एक बड़े और प्राचीन शिव मंदिर को खुदाई के जरिये निकाले जाने की योजना का जिक्र था। जिसे बाद में भारतीय पुरातत्व विभाग ने पूरा किया।

2000 year old Shiva Linga found in Rajsamand near Sirpur Chhattisgarh. This Sirpur Shivling Smell Of Tulsi. Ancient Shivling proofed that here was ancient Mahadev Temple which has damaged and ruined by earthquake and flood.

पुरातत्व विशेषज्ञ मानते है कि यहां की जमीन धरती के नीचे एक पूरी सभ्यता का इतिहास दबा हुआ है। समय के फेर में भूकम्प और बाढ़ के चलते रेत और मिट्टी की चादर ने इस क्षेत्र को ढक लिया। हिंदी अख़बार में बताया गया था की यहाँ खुदाई में सिक्के, मूर्तियां, ताम्रपत्र, बर्तन, शिलालेख और अन्न प्राचीन चीज़े मिलती रही हैं।

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