भाजपा सांसद गौतम गंभीर की नज़रों में ये धरती के सबसे बहादुर इंसान है, क्या आप सहमत है

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Gautam Gambhir Image Credits: Twitter(@GautamGambhir)

दिल्ली: वैसे तो भाजपा सांसद और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी अक्सर अपने बयानों और व्यूज के चलते मीडिया और सोशल मीडिया पर बने रहते हैं। आज भी उनके बयान और सोच की चर्चा हो रही है। जम्मू-कश्मीर के हंडवाड़ा में दहशतगर्दों से लोहा देश हुए जनता की रक्षा करते हुए बीते रविवार को देश ने 5 बहादुर जवान हमने खो दिए। भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने जम्मू-कश्मीर के हंडवाड़ा में शहीद हुए जवानों को असली हीरो बताया है। उन्होंने शहीद जवानों के माता-पिता को भी सम्मान दिया है।

गौतम गंभीर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा ‘असली हीरो कौन है, एक्टर, खिलाड़ी, राजनेता, नहीं, केवल एक सैनिक। हमेशा और सदैव। वीर जवानों के माता-पिता को सलाम है। यह धरती के सबसे बहादुर इंसान हैं’। इसके बाद गौतम गंभीर का यह बयान ट्विटर पर छा गया और अनेक लोगो ने इसे गमसीन होते हुए सांझा किया।

जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में पाक परस्त दहशतगर्द एक घर में छिपकर गोलियां बरसा रहे थे। इस लोगो ने घर में कई लोगों को बंधक बनाया था। खबर मिलते ही राष्ट्रीय राइफल्स के कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद, नायक राजेश और लांस नायक दिनेश घर में घुसे।

भारतीय जवानों की इस कार्यवाही के दौरान सेना के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर शकील काजी भी थे। उन देसशतगर्द लोगो साथ चली लंबी मुठभेड़ में कर्नल समेत सभी जवान शहीद हो गए। इस दौरान 2 दुश्मनों को ही धराशाही कर दिया गया। शहीद मेजर अनुज सूद के पिता रिटायर्ड ब्रिगेडियर चंद्रकांत सूद ने बेटे की शहादत को लेकर कहा, उसने सबसे बड़ा त्याग किया है। यह उसके कर्तव्यों का हिस्सा है और इसके लिए उसे तैयार किया गया था।

हंदवाड़ा में शहीद हुए कर्नल आशुतोष शर्मा (Colonel Ashutosh Sharma) उनकी 7 साल की बेटी तमन्ना हो छोड़ गए है। मीडिया में खबर आई की वह अकसर अपने साथियों से अपनी बेटी की बातें किया करते थे। आखिरी बार दोनों की मुलाकात जयपुर में एक पिज्जा आउटलेट पर हुई थी। आखिरी तस्वीर में उनकी बेटी तमन्ना उनकी गोद में बैठी हुई दिखी और दोनों बेहद खुश थे।

कर्नल आशुतोष अपने साथियों के बीच टाइगर नाम से जाने जाते थे। एक सैन्य अधिकारी ने मीडिया चैनल को बताया की वे हमें अपनी बिटिया की कई बातें बताते थे, जैसे की शॉपिंग के लिए ज़िद करना, स्पोर्ट्स शूज के लिए उसका प्यार, छुट्टियों पर घूमने का प्लान और फिल्मों के लिए कहना। हम सब उनकी बातों पर हंसते थे। आज वे हमें छोड़ गए है।

आपको बता दे की 21 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी कर्नल आशुतोष शर्मा मात्र 45 वर्ष के थे और उनको 2 बार वीरता के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। वह बहुत बहादुर थे और हमेशा फ्रंट पर लीड करते थे। कुछ सैनिकों के मुताबिक, वह लगभग 30 देश के दुश्मनों को धूल चटा चुके थे।

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