
Muzaffarpur: कुछ करने की चाहत और जस्बा हो तो कोई भी रास्ता कठिन नही होता। सफलता खुद आपके कदम चूमती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है बिहार मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में रहने वाले एक गरीब परिवार के होनहार बेटे ने। वो कहते हैं न कि जब इंसान मे काबिलियत हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं मुजफ्फरपुर के दूधनाथ तिवारी (Dudhnath Tiwari) ने इसे बात को सच कर दिखाया है।
दूधनाथ (Dudhnath Tiwari) के पिता अशोक तिवारी एक गरीब पुजारी (Pujari) हैं और जैसे तैसे अपना घर खर्च चलाते हैं, कम आमदनी और ज्यादा खर्चों की वजह से वह अपने बेटे को जेईई मेन परीक्षा के लिये कोचिंग नहीं करा पाए।
दूधनाथ के पिता किराए के मकान में रहते हैं और घर घर जाकर पूजा करते हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्हें अपने छोटे छोटे खर्चों के लिये भी बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि इन दिक्कतों के बीच भी उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि उनके बेटे की पढ़ाई नहीं रुके।
दूधनाथ ने घर से दूर मुजफ्फरपुर में रहकर JEE की पढ़ाई की। अपने होसलो को कभी कम नही होने दिया। हमेशा आगे बढ़ने के लिए कोशिश करते रहे। कहते है ना कि कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती। परन्तु इसके लिये कोई कोचिंग नहीं की। बिना किसी सहायता के स्वम अध्यन के दम पर ही दूधनाथ ने ऑल इंडिया 548 रैंक (JEE All India Rank 548) हासिल किया है।
बता दें कि जेईई परीक्षा (JEE Exam) देश की सबसे कठिन और सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है। दूधनाथ के पिता पंडित अशोक तिवारी (Priest Ashok Tiwari) ने बताया कि उन्होंने अपना जीवन गरीबी में बिताया है और उन्होंने कभी भी अपने पुत्र पर पढ़ाई के लिए दबाव नहीं डाला।
उन्होंने कहा कि मैं सदेव ही अपने बेटे से यही कहता था कि अभी पढ़ाई बंद करो और अब कल पढ़ना। हमें अपने लड़के पर गर्व है और हमें लगता है कि भविष्य में यह लड़का हमारे इलाके का नाम रोशन करेगा।
उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि मेरा बेटा जेईई एडवांस्ड परीक्षा (JEE Advanced) में भी बेहतरीन प्रदर्शन करे और किसी अच्छे संस्थान में एडमिशन ले बता दें कि जेईई मेन परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में जो TOP 2.5 लाख रैंक में हैं, वह जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) में सम्लित हो सकते हैं। जेईई एडवांस्ड परीक्षा में क्वालिफाई करने के बाद वह IITS में दाखिला मिलता हैं।



