यहाँ सरकार ड्रिप सिंचाई तकनीक के लिए 90 प्रतिशत सब्सिडी दे रही, इसका लाभ लेने ऐसे आवेदन करें

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drip irrigation systems
Drip irrigation systems in fields of farmers demo file photo.

Patna: दोस्तों भारत एक कृषि प्रधान देश है। लेकिन एक वक्त था जब अनाज की कमी के कारण हमें दूसरे देशों पर निर्भर होना पड़ता था। परंतु भारत के बिहार (Bihar) में जन्मे देश के लाल जिन्होंने प्रधानमंत्री बनते ही नारा दिया जय जवान जय किसान का और हरित क्रांति का आगाज किया।

हम बात कर रहे हैं लाल बहादुर शास्त्री जी की जिसका नतीजा है कि, आज हमारा देश खेती के मामले में न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि हम विदेशों को भी लाखों क्विंटल अनाज निर्यात करते हैं। परंतु समय-समय पर खेती में कई तरह के चैलेंजेस आते हैं जैसे मौसम का प्रकोप और सिंचाई के लिए पानी की कमी। खेत को पानी देने के लिए कई प्रांत ऐसे हैं कि उनके पास पर्याप्त पानी ही नहीं बचा।

Farmers Farm in India

ऐसे में सिंचाई की समस्या से निपटने एक नई तकनीक जिसे ड्रिप टेक्नोलॉजी (Drip Technology) बोला जाता है का बहुतायत प्रयोग होने लगा है और बिहार सरकार ने किसानों के बीच इसे अपनाने के लिए सब्सिडी का ऐलान किया है। यदि आप बिहार के किसान हैं, तो आइए जानते हैं क्या है, यह ड्रिप तकनीक और कैसे मिलेगी आपको सब्सिडी।

आइए समझते हैं क्या होती है ड्रिप टेक्नोलॉजी

खेतों में सिंचाई के अभी तक दो ही तरीके प्रचलित थे। पहला खेत में मिट्टी की क्यारी बनाकर ट्यूबवेल या नहर के माध्यम से पूरे खेत को पानी से भर दिया जाता था। या फिर स्प्रिंकलर की मदद से खेत में पानी का छिड़काव होता था। परंतु इन दोनों ही तरीकों में पानी की खपत बहुत ज्यादा होती है। जबकि हकीकत में पौधों को सिर्फ जड़ में पानी की जरूरत होती है।

आधुनिक तकनीक (Drip Irrigation Systems) में एक पतले प्लास्टिक के पाइप के द्वारा पौधों की जड़ तक एक सप्लाई बनाई जाती है। जिससे बूंद-बूंद पानी पौधों की जड़ को लगातार दिया जाता है। इसे टपक तकनीक भी कहते हैं। देखा गया है कि,ड्रिप टेक्नोलॉजी से करीब 70 प्रतिशत तक पानी की बचत हो जाती है। और फसल में 20 प्रतिशत से ज्यादा की उपज प्राप्त होती है।

सब्सिडी पाने कैसे करना होगा आवेदन

खेती में पानी की बचत एवं उपज के 20 प्रतिशत बढ़ने के फायदे को देखते हुए सेंट्रल गवर्नमेंट ने प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत किसानों को ड्रिप टेक्निक अपनाने में प्रोत्साहन देने हेतु यह 90 प्रतिशत सब्सिडी योजना निकाली है। अगर आप बिहार के किसान हैं, तो सब्सिडी हेतु आपको अपने जिले के किसान विभाग में कार्यरत सहायक निदेशक से संपर्क करना होगा।

इसके अलावा बिहार उद्यान विभाग के ऑफिशियल ऑनलाइन पोर्टल http://horticulture.bihar.gov.in पर दिए गए आवेदन फॉर्म को भर कर भी इस सब्सिडी योजना के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस वेबसाइट में सब्सिडी से संबंधित अन्य जानकारियां भी उपलब्ध की गई है।

किसान सुविधा के लिए हेल्पलाइन सपोर्ट मिलेगा इस नंबर पर

दोस्तों जैसा कि हम सब जानते हैं कि अधिकतर किसान पुश्तैनी तरीके से खेती करते हैं और उन में शिक्षा का भी काफी अभाव होता है। ऐसे में किसी भी सरकारी योजना को लाना तो आसान है, परंतु सभी किसानों तक उसका फायदा पहुंचाना अपने आप में सरकार के लिए एक चैलेंज होता है।

इसलिए सरकार ने बकायदा प्रखंड उद्यान अधिकारी नियुक्त किए हैं एवं कुछ कंपनी अनुबंधित की है, जिनसे आप संपर्क कर सकते हैं या अधिक जानकारी लिए घर बैठे सीधे आप इस 1800-180-1555 किसान हेल्प लाइन नंबर पर कॉल करके सब्सिडी (Subsidy) हेतु अपनी पात्रता एवं प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

खेती को फायदे का व्यापार बनाना है अपनाने होंगे सभी उन्नत तकनीक

अगर किसान भाई अपनी खेती को और अधिक उन्नत करना चाहते हैं, तो आज की आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा। आज के इस बदलते मौसम के परिवेश में हम उन पुश्तैनी तरीके के जरिए फायदे की खेती तक नहीं पहुंच पाएंगे।

आप सरकार द्वारा बनाए गए विभागों के जरिए अपने खेतों की सॉइल टेस्टिंग करवाएं। जिससे पता चलेगा कि जमीन को कौन सी यूरिया और वर्धक की जरूरत है। जमीन की टेस्टिंग द्वारा सुझाए गए बीज ले एवं उनका सही उपचार करें। ड्रिप इरिगेशन और अन्य आधुनिक तकनीकों को अपनाएं। इससे आप कम मेहनत और लागत में मौसम के विपरीत प्रभाव के बावजूद हमेशा बेहतर फसल निकाल सकेंगे।

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