देश की ऐसी एक इकलौती ट्रेन, जिसमें टिकट नहीं लगता है, आप भी फ्री में उठाये सफर का आनंद

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2026
Free Train India
World Free Train Bhakra Nangal Train. Here people from 25 villages traveling free for 71 years. The Bhakra Railway Train gives a heritage ride.

Photo Credits: indiarailinfo.com

Nangal: घूमने का शौक रखने वालों के लिए खुशखबरी है। ट्रेन से सफर करने के लिए आपको कई दिनों पहले रिजर्वेशन लेना पड़ता है। रिजर्वेशन (Reservation Rules) दो तरह से करना पड़ता हैं। पहला टिकट रिजर्वेशन खिड़की से और दूसरा ऑनलाइन माध्यम से टिकट बुक (Online Train Ticket Booking) करनी पडती है।

इन सब परेशानियों को देखते हुए सरकार ने एक ऐसी ट्रेन चलाई है, जिसमे किसी भी प्रकार की कोई टिकट नही लगती। देश में एक ऐसी ट्रेन है, जिसमें सफर करने के लिए कोई पैसा नहीं वसूला जाता। इसमें कानूनी तरीके से फ्री में सफर का आनंद प्राप्त कर सकते हैं। आइये हम आपको उस ट्रेन के बारे में बताते है।

हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बॉर्डर पर चलती है यह रेलगाड़ी

यह रेलगाड़ी हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बॉर्डर पर चलती है और आप लोग इस ट्रेन (Bhakra Nangal Train) में फ्री सफर (Free Train Journey) करके आप भांखड़ा नांगल बांध देखने के लिए जा सकते हैं। यह रेलगाड़ी नागल से भांखड़ा बांध तक चलती है। इस रेलगाड़ी से 25 गांव के लोग करीब 73 वर्ष से फ्री में यात्रा कर रहे हैं।

भाखड़ा नांगल बांध का निर्माण

इस बांध (Bhakra Nangal Dam) की योजना की बातचीत 1944 में शुरू हुई थी और इस पर तात्कालिक पंजाब के राजस्व मंत्री श्री छोटू राम और बिलासपुर के राजा के बीच नवम्बर 1944 में समझौता हुआ। 8 जनवरी 1945 को इस योजना की वार्तालाप समाप्त हुई।

इस बांध का प्रारंभिक निर्माण कार्य 1946 में स्टार्ट हुआ तथा 1948 में बांध बनना प्रारंभ हो गया। 17 नवम्बर 1955 को उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की उपस्थिति में कंक्रीट के द्वारा बांध का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया था। निर्माण अमेरिकी इंजीनियर हार्वे स्लोकेम के निर्देशन में किया गया जिसको अक्टूबर,1963 में बनकर तैयार हुआ।

Railway Train

सरकार द्वारा इस रेलगाड़ी को चलाने का मुख्य उद्देश्य देश के युवा पीढ़ी को भांखड़ा डैम के बारे में इन्फॉर्मेशन प्रदान करना है। कि वह यह जान सके कि देश का सबसे बड़ा भांगड़ा डैम किस प्रकार और कैसे बना था और इसके निर्माण में किन-किन परिस्थितियों का सामना किया गया था। भाखड़ा नांगल डैम खूबसूरती में सबको पीछे कर देता है। इतना सुंदर दृश्य होता है की वँहा आने वाले पर्यटक को अपनी ओर आकर्षित करता है।

डीजल वाले इंजन से चलती है यह रेल

यह रेल डीजल के इंजन से अपने गंतव्य को पहुंचती है तथा इसमें 1 दिन में 50 लीटर से अधिक डीजल की खपत हो जाती है जब इसका इंजन एक बार चालू हो जाता है, तो भांगड़ा (Bhakra) से वापस आने के बाद ही इसको बंद किया जाता है। इस प्रकार यह ट्रेन हिमाचल प्रदेश से यात्रियों को लेकर भांगड़ा डैम तक सफर कराती है और भांगड़ा से वापस हिमाचल प्रदेश (Bhakra To Himachal) तक की यात्रा करती है।

किस समय चलती है ट्रेन

आपको फ्री ट्रेन में सफर करने का समय भी पता होना चाहिए। जिससे उसकी फ्री सेवा (Free Train Service) का फायदा उठाया जा सके। ट्रेन नंगल से सुबह 7:05 से चलती है और फिर ये ट्रेन 8:20 पर भाखड़ा से वापस नंगल की ओर आती है। फिर एक बार दोपहर में नंगल से 3:05 से चलती है और शाम 4:20 पर ये भाखड़ा डैम से वापस नंगल को आती है।

यह ट्रेन करीब 40 मिनट में डैम तक पहुँचा देती है

जानकारी के मुताबिक नंगल से भाखड़ा डैम पहुंचने में ट्रेन को लगभग 40 मिनट का समय लगता है। इस ट्रेन को जब स्टार्ट किया गया था, उस दौरान इसमें 10 बोगीयां चलती थीं, लेकिन अब इसमें केवल 3 ही बोगीयां हैं। अब इस ट्रेन में पर्यटकों के लिए एक डिब्बा और महिलाओं के लिए भी एक डिब्बा आरक्षित है।

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