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Delhi: प्राचीन समय से ही गौमाता हमारे देश की संस्कृति रही है और गाये को यहाँ पूजा भी जाता है। ऐसे में जबसे हिमंता बिस्व सरमा ने असम के मुख्यमंत्री पद का भार लिया है, सभी से अपने कड़े फैसलों को लेकर वे मीडिया में चर्चा में हैं। अब CM हिमंता ने कहा है कि अगर अप-राधी पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश करे, तो पुलिस उस पर गो-ली दाग सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि गौरक्षा हमारी प्राथमिकता है, गौमाता को बचाने के लिए गौ-तस्करों पर सख्त कदम लिया जाना चाहिए। अगर जरूरत पड़े तो पुलिस उनको ढेर करने में भी संकोच न करे। सरमा ने सोमवार को राज्य के सभी पुलिस थानों के प्रभारी अधिकारियों (ओसी) को महिलाओं के खिलाफ अपराधों से सख्ती से निपटने और ऐसी घटनाओं के खिलाफ जीरो टॉल-रेंस निति अपनाने का निर्देश जारी किया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा कि गाय हमारी भगवान है। गाय हमें दूध देती है, गोबर देती है और ट्रैक्टर आने से पहले हमने मवेशियों की मदद से खेती की थी और यह कई हिस्सों में जारी भी है। अब लोग पशु त’स्करी, गलत दवाओं की त-स्करी में भी शामिल हो गए हैं। लेकिन अब किसी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, जो गौ-तस्करी करते दिखे उनके खिलाफ सख्त कदम लिया जाए।
उन्होंने थानों के प्रभारी अधिकारियों को विशेष रूप से कहा है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए राजनीतिक दबाव या अन्य प्रलोभनों के आगे न झुकें पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करें। इसके अलावा हिमंत बिस्वा सरमा ने जनता को सर्वोत्तम संभव सेवा देने पर भी जोर दिया। जिससे की जनता को किसी भी प्रकार दिक्कत न हो सके. उन्होंने कहा कि अब से हर 6 महीने में प्रभारी अधिकारियों के साथ एक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा और इन सभी मोर्चों पर प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
असम में गोरक्षा के लिए बिल लाया गया है। इसका बचाव करते हुए राज्य के नए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार (मई 24, 2021) को कहा कि जहाँ गोवंश की पूजा होती है और हिन्दू रहा करते हैं, वहाँ गोहत्या पर पाबंदी होनी चाहिए। pic.twitter.com/cAgxRkNI2b
— अनुष्का कट्टर हिन्दू (भगवा शेरनी ) (@Anushkapant3) May 25, 2021
इंडिया टुडे की एक खबर के अनुसार, सीएम हिमंता ने कहा है कि सभी ओसी को उनके पुलिस थानों के लिए एक वाहन प्रदान किया जाएगा, जबकि उन पुलिस स्टेशनों के लिए मोटरसाइकिल प्रदान की जाएगी जो कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में हैं। FIR दर्ज करने और अन्य गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने के लिए सभी पुलिस स्टेशनों को तीन कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक पुलिस स्टेशन को एक बिजली जनरेटर प्रदान किया जाएगा।
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कई बार लखनऊ के दारुल उलूम का बयान देखा है कि जिन जगहों पर हिंदू रहते हैं, वहां बीफ नहीं खाना चाहिए। उन्होंने कहा की फैंसी बाजार या सांतिपुर या गांधीबस्ती (गुवाहाटी में) जहां बीफ दिया जाता है की जरूरत नहीं है, क्योंकि वहां लोगों में इसे लेकर संवेदनशीलता है। जहां इस तरह की संवेदनशीलता नहीं है, वहां ये व्यक्तिगत आदतें जारी रहेंगी। भारतीय संविधान कहता है कि गायों को कोई नुक्सान नहीं पहुँचाना जाना चाहिए, यह हमारे नीति निर्देशक तत्वों में है।
स्वागत योग्य कदम_____
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी चले योगी जी की राह पर
गोरक्षा पर बनेगा कानून— Puri Anoop (Official account of Anoop Puri_BJP) ®️ (@PuriAnoop1) May 25, 2021
15वीं असम विधानसभा सत्र के पहले सत्र को संबोधित करते हुए 22 मई को राज्यपाल जगदीश मुखी ने कहा था कि लोग गायों की पूजा करते हैं और राज्य सरकार बाहर से लाए जाने वाले पशुओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए अगले सत्र में गौ सुरक्षा बिल लेकर आ रही है। असम में बीफ का उपयोग गैरकानूनी नहीं है और असम पशु संरक्षण कानून, 1950 किसी इलाके में पशु अधिकारी द्वारा उचित प्रमाण के बाद 14 साल से अधिक उम्र के पशुओं पर अनुमति देता है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को विधानसभा में इस मुद्दे पर दूसरे BJP विधायकों का भी समर्थन मिला। भाजपा विधायक मृणाल सैकिया ने कहा कि गायों के साथ हमारे धार्मिक संबंध हैं, उन्हें हिंदू बहुल इलाकों में नुकसान पहुँचाने पर रोक लगना चाहिए। वहीं राज्य सरकार के इस प्रस्ताविक विधेयक का विरोध करते हुए AIUDF विधायक अमिनुल इस्लाम ने सवाल उठाया कि गोवा, मिजोरम या मेघालय में सरकार ऐसे विधेयक क्यों नहीं लाती है, जहां भाजपा या उसके सहयोगी सत्ता में हैं।



