महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म करके उसके शरीर को जलाकर उसका खात्मा कर दिया। ये खबर सुनकर लोगो मे आक्रोश की भावना पैदा हो गई है। महिला डॉक्टर के आरोपियों का एनकाउंटर कर उसकी आत्मा को शांति प्रदान की।
हैदराबाद में एक महिला पशु चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और फिर उसको जान से मारने के बाद देशभर में लोगो मे आक्रोश की भावना को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ऐसे आरोपियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। इसके अंतर्गत महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को कड़ी सजा देने के लिए कानून तैयार हो गया है।
इस कानून के अंतर्गत आरोपियों को दया याचिका देने की बात नही होगी। महिला के साथ दुष्कर्म करने की बात बढ़ती ही जा रही है। इसको रोकने के लिए कड़ा कानून बनाना बहुत जरूरी हो गया है।
दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को खुला नही छोड़ा जा सकता है। लोगो मे इतना गुस्सा भर गया है कि लोग कानून को अपने हाथ मे लेने के लिए भी तैयार हो गए है। लोगो का कहना है कि आरोपियों को जनता के हवाले कर दिया जाए।
इसी बात को देखते हुए मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में महिलाओं साथ दुष्कर्म करने वालो को फंदे पर चढ़ाने का प्रस्ताव रखा था जिसको मंजूरी मिल गई है। इस कानून में नया प्रस्ताव भी रखा गया है जिसके अंतर्गत FIR दर्ज होने के 21 दिनों के अंदर सजा के साथ-साथ मामले को ख़त्म करने का प्रस्ताव है।
आंध्रप्रदेश की जगनमोहन रेड्डी सरकार एक बिल लाने की तैयारी में है, जिसमें बलात्कार के दोषियों को 21 दिनों में फांसी की सजा दिए जाने का प्रावधान है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार 11 दिसंबर को इस बिल को राज्य विधानसभा में पेश कर सकती है..
— The Third Eye🇮🇳 (@Third_Eye39) December 9, 2019
मोजूदा समय में महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों के साथ किसी भी प्रकार का मृत्युदंड की सजा तय नही थी। इसलिए अगर आंध्र प्रदेश विधानसभा में यह बिल को मंजूरी मिल जाती है तो, दुष्कर्म करने वालो को सजा-ए-मौत देने वाला भारत का पहला राज्य बन जाएगा।
आंध्रप्रदेश सरकार बिल लाने की तैयारी में
बिल में बलात्कार के दोषियों को 21 दिनों में फांसी की सजा देने का प्रावधान है
सराहनीय— संदीप जायसवाल 🇮🇳 (@Sandeep_Real_3) December 10, 2019
अगर यह बिल पूरी तरह से पास हो जाता है तो इस बिल को नाम दिया गया है 2019 का आंध्र प्रदेश दिशा एक्ट कहा जाएगा। यह बिल गुरुवार को राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किया गया है।
कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बाद रहे दुष्कर्म पर रोक लगाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की स्वीकृति दी है। जबकि महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले दुष्कर्म से निपटने के लिए सभी जिलों में विशेष कोर्ट स्थापित किए जाने की बात कही है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने महिला पशुचिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उनको जान से मारने के चार आरोपियों को एनकाउंटर में ढेर हो जाने पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव और तेलंगाना पुलिस की तारीफ की थी।
इसके साथ ही महिलाओं के साथ हो रहे दुष्कर्म पर रोक लगाने के लिए आरोपियों पर जल्द कारवाही करने के साथ उनको कड़ी सजा देने की बात करते हुए कड़ा कानून बनाने के उद्देश्य से विधानसभा के वर्तमान सत्र में एक बिल प्रस्तुत करेगी।



