दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन भारत में चलती है, 3.5 KM लंबाई वाली वासुकी ट्रैन आपको चकित करेगी

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Super Vasuki train
All about Super Vasuki train India's longest (3.5km) Train run with 6 Locos and 295 wagons and 25,962 tonnes gross weight.

Raipur: भारत में रैल एक ऐसा साधन है, जिसे लाइफ लाइन का दर्जा हमारे यहा माना जाता है। भारत मे हर रोज करोडों लोग सफर करते है। कोई बस से कोई हवाई जहाज से तो कोई जहाज से एक जगह से दूसरी जगह जाता है। लेकिन अगर हम सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले साधन की बात करे तो वह ट्रेन ही है।

करोड़ों की संख्या में इससे लोग एक जगह से दूसरी जगह सफर करते हैं। भारतीय रेलवे (Indian Railway) में अधिक सफ़र करने का सबसे अहम कारण यह है कि इसका किराया बहुत ही कम है। ट्रेन का ना केवल कम किराया होता है।

इसकी खास बात यह भी है कि लंबा सफर अगर तय करना हो, तो उस लिहाज से यह ट्रैन काफी अधिक सुविधाजनक व आरामदायक मानी जाती हैं। ट्रेन (Train) अलग अलग लम्बाई की हमारे देश मे है। अक्सर ही ट्रेन काफी लम्बी होती है।

आज हम ऐसी ट्रेन की बात करेंगे जिसे दुनिया की सबसे ज्यादा लंबी ट्रेन कहा जाता है। इसे लोग लम्बी रेल के नाम से ही जानते हैं। दुनिया की यह लम्बी ट्रेन भारतीय रेल का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिससे भारत की पहचान भी है।

वासुकी जो है इस दुनिया की अधिक लंबी ट्रेन

वेसे तो भारतीय रेल द्वारा अक्सर ही नए-नए रिकॉर्ड स्थापित किए जाते हैं। भारतीय रेल कुछ नया करने के लिए पूरी दुनिया में काफी मशहूर भी है। अगर लंबी ट्रेनों की बात करे तो इस मामले में हमारे देश भारत का Comparison किसी भी दूसरे देश से नही किया जा सकता है। हमारे देश भारत मे इस दुनिया की सबसे अधिक लंबी ट्रेन है। जिसे हम सब वासुकी (Vasuki) नाम से जानते है।

3.5 मीटर लंबी है ट्रेन वासुकि, 295 टोटल है डब्बे

इस ट्रेन (Super Vasuki train) की सभी विशेषताओं में लम्बाई की बात करे, तो इसकी कुल लंबाई पूरे 3.5 किलोमीटर है। जी हां साड़े तीन किलोमीटर। आप सोच रहे होंगे अगर यह इतनी लम्बी है, तो इसमे टोटल डिब्बे कितने होंगे।

आपको बता दे कि इसमे टोटल 295 डिब्बे हैं। वासुकी की लम्बाई और वजन इतना ज्यादा है कि इस ट्रेन को खींचने में 5 इंजन की आवश्यकता पड़ती है। इस ट्रेन में पूरे 5 इंजन संचालन के लिए लगाए गए है।

इन सभी इंजन को आपस में इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल के माध्यम से जोड़ा गया है। लम्बी ट्रेन वासुकी कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं बल्कि एक मालगाड़ी है। जिसको छत्तीसगढ़ के रायपुर रेल मंडल भिलाई से लेकर विलासपुर रेल मंडल कोरबा तक संचालित करती है।

पहले शेषनाग ट्रैन के नाम था यह रिकार्ड

वासुकी काफी अधिक वजन एक जगह से दूसरी जगह लेकर जा सकती है। इसका उपयोग दूसरी मालगाड़ीयों के डिब्बों को ढोने के लिए किया जाता है। एक जगह से अगर दूसरी जगह में डिब्बे पहुँचाने हो तो उसके लिए वासुकि का ईस्तेमाल किया जाता है।

यह ट्रेन वासुकि ऐसी ट्रेन है, जोकि कम लागत में बहुत सी बेहतरीन सुविधाओं के लिए जानी जाती है। बहुत सी सुविधाओं के मामले मे इस ट्रेन का रिकॉर्ड कोई भी नहीं तोड़ पाया है।

आपको जानकारी के लिए बता दें कि भारत की लंबी ट्रेन वासुकी से पहले ट्रेन शेषनाग थी। जिसका रिकार्ड वासुकि ने तोड दिया है। वासुकि को 4 ट्रेनों को आपस में जोड़कर निर्मित किया गया था। वासुकि हमारे भारत देश की एक पहचान है। भारतीय रेल्वे पर हम सभी को गर्व है।

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