
Patna: भारत के हर राज्य हर शहर में कुछ ना कुछ अलग बात जरूर है। भारत के सभी राज्य अपनी अपनी खासियत के लिए पूरे विश्व में विख्यात है। दिल्ली जैसे भारत की राजधानी भी कहा जाता है यहां का इंडिया गेट (India Gate) और न जाने क्या-क्या दिल्ली को खास बनाती है।
इसी प्रकार मुंबई मायानगरी भी कहा जाता है क्योंकि इस नगरी में फिल्मि सितारे रहते हैं। साथ ही इस शहर में गेटवे ऑफ इंडिया (Gateway Of India) है, जो इस शहर की खूबसूरती को और भी ज्यादा बढ़ा देती है। वैसे तो मुंबई को जानने के लिए काफी सारी ऐसी चीजें हैं, जो पूरे भारत में फेमस है। इसी प्रकार भारत का हैदराबाद के चारमीनार के लिए प्रसिद्ध है।
भारत के कई ऐसे शहर है जो ऊंची ऊंची इमारतों के लिए प्रसिद्ध है, तो कुछ ऐसे भी हैं, जो अपने खान-पान और सभ्यता के लिए प्रसिद्ध है। वर्तमान समय का चलन सेल्फी और फोटोशूट अक्सर लोग दिल्ली मुंबई के फेमस गेटो में करते हैं, परंतु आज हम एक ऐसे गेट की बात करेंगे जो बिहार में है। यह गेट बिहार (Bihar) की शोभा बढ़ा रहा है। तो आइए जाने उस गेट के बारे में कौन सा गेट है और क्या नाम है।
बिहार का सभ्यता गेट
आज के इस लेख में हम बात करेंगे बिहार के सभ्यता गेट (Civilization Gate) की जो बिहार की शान है। बिहार का यह गेट (Sabhyata Dwar) पटना शहर के गांधी मैदान में उत्तर में बने ज्ञान भवन के ठीक पीछे बनाया गया है। इस गेट के निर्माण के पश्चात ही यह पूरे भारत में प्रसिद्ध हो गया है।

यदि आप इस गेट का शानदार दृश्य देखना चाहते हैं, तो गंगा पथ से अपनी यात्रा करें। इस गेट से बिहार की खूबसूरती उभरकर दिखती है। इतना ही नहीं लोग फोटोशूट और रिल्स (Photo Shoot And Reels) बनाने के लिए भी इसी जगह का चयन करते हैं।
सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर यह प्लेस बिहार के पटना शहर के हर निवासी के अकाउंट में देखने को मिलता है। इस गेट के पास फोटो शूट करने वाले और रील्स बनाने वालों को भीड़ नजर आती है। यह जगह देखते ही देखते काफी ज्यादा प्रसिद्ध होती चली जा रही है।
गेट नजर आती है बिहार की संस्कृति
ऐसा बताया जा रहा है कि इस गेट में बिहार राज्य की संस्कृति को देखा जा सकता है। मौर्य शैली की वास्तुकला और पाटलिपुत्र की प्राचीन महिमा से निर्मित यह गेट बिहार राज्य की परंपराओं और संस्कृति को दर्शाती है।
इस गेट के निर्माण का उद्देश्य पर्यटक दृष्टि से बनाया गया है, साथ ही इस गेट के माध्यम से बिहार राज्य के विशेष संस्कृति और सभ्यता का लोकार्पण किया गया है। जैसा कि हम जानते हैं कि भारत के हर राज्य अपने आप में ही एक विशेषता लिए हुए हैं इसी प्रकार बिहार भी भारत का राज्य है जो हर दृष्टि से एक सफल राज्य है।
#sabhyata_dwar#gandhimaidaan#Patna pic.twitter.com/809mpYNrSx
— Gautam Thakur (@gautam_thakur15) August 28, 2022
इस राज्य में साक्षात्कार पर भी अन्य राज्य से ज्यादा है। यहां के हर दो-तीन घर छोड़कर एक घर में आईएएस-आईपीएस अधिकारी। इसीलिए इस राज्य की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए और लोगों को इस राज्य की खासियत से अवगत कराने के लिए इस गेट का निर्माण किया गया है।
इस गेट में दिखता है बिहार का इतिहास
सभ्यता गेट कुछ इस प्रकार से बनाया गया है कि इस गेट से बिहार राज्य का इतिहास झलकता है। इस गेट को दिल्ली के इंडिया गेट और मुंबई के गेट वे ऑफ इंडिया की तर्ज पर बनाया गया है परंतु इस गेट की ऊंचाई गेटवे ऑफ इंडिया से लगभग 6 मीटर ज्यादा है।
Sabhyata Dwar | Patna ❤️ pic.twitter.com/ft8T7yLpJj
— Bihar Special (@bihar_special) November 9, 2022
आपको बता दें 32 मीटर ऊंचा बनाया है गेट बेहद खूबसूरत और आकर्षक है। इसको बनाने में भी काफी समय लगा और लागत भी काफी ज्यादा। परंतु इस गेट की शान बिहार राज्य को गौरवान्वित कर रहे हैं। इस गेट को बनाने में लगभग 5 करोड रुपए की लागत आई है। इस गेट के चारों तरफ हरियाली नुमा गार्डन का निर्माण किया गया है जो इस गेट को और भी ज्यादा सुंदर बनाता है।
21 मई वर्ष 2018 में हुआ था उद्घाटन
इस गेट के निर्माण को अभी करीब 5 वर्ष कंप्लीट होने को है और 5 वर्ष में है, इस गेट ने अपनी सुंदरता से बिहार में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में नाम कमा लिया है। इस गेट की सबसे खास बात यह है कि शाम के वक्त हमेशा इस गेट के पास शांत म्यूजिक बजता रहता है की वजह से लोग इस गेट के पास घंटों समय बिता लेते हैं और उन्हें इस गेट के पास शांति का अनुभव होता है।
The Sabhyata Dwar, an iconic sandstone arch on the bank of holy river Ganga, serves as the ceremonial gateway to #Patna, the capital city of #Bihar.
Built with a Mauryan architecture to evoke the glory of Pataliputra, the 105 ft high ceremonial arch is taller than Gate of India. pic.twitter.com/nwZ8pjIKpP
— Bihar Foundation (@biharfoundation) January 4, 2023
इस गेट के मेहराब में मेगस्थनीज, अशोक, बुद्ध और महावीर के शिलालेख देखने मिलते है। जिससे यह गेट और भी ज्यादा खूबसूरत हो जाता है। हार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के द्वारा इस गेट का उद्घाटन हुआ था।



