पालघर घटना: जूना अखाड़े के साधु संत उद्धव को असली तांडव के दर्शन करवाएंगे, टाइम जान लो

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Palghar/Maharashtra: महाराष्ट्र के पालघर (Palghar) में साधुओं पर की गई शर्मनाक घटना का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इन केस को देखकर देश में पोरे सोशल मीडिया पर विरोध हो रहा है। सोशल मीडिया पर इंसाफ की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस वक़्त हर कोई इस घटना पर अपनी अपनी राये देने में लगा हुआ है। इस कारण महाराष्ट्र की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है।

पूर्व आप नेता कवि कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने भी इस घटना पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि यह घटना महाराष्ट्र सरकार के माथे पर कलंक है। दोषियों को सख्त सजा मिले। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कहा की महाराष्ट्र शासन के माथे पर कलंक है, पालघर की लोमहर्षक घटना, छत्रपति महाराज शिवाजी की धरा पर मित्रता-शत्रुता से उपर उठ चुके साधुओं को अगर उन्मादी जाहिल भीड़ घेर कर ऐसा कर दें, तो यह उस ऐतिहासिक परम्परा पर धब्बा है, जिसमें शत्रुपक्ष की महिलाओं तक को आदर दिया जाता है।

महाराष्ट्र के पालघर की घटना पर शक होता है

महाराष्ट्र के पालघर में पिछले गुरुवार की रात कुछ ग्रामीणों ने तीन लोगों के प्राण ले लिए, जिनमे 2 हिन्दू संत थे और 1 उनका ड्राइवर। तीनों मुंबई के कांदिवली से सूरत अपने एक परिचित के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने जा रहे थे। उनकी पहचान 35 वर्षीय सुशीलगिरी महाराज, 70 वर्षीय चिकणे महाराज कल्पवृक्षगिरी और 30 वर्षीय निलेश तेलगड़े के तौर पर की गई। निलेश उनका ड्राइवर था।

मिली खबर के मुताबिक़ बताया जा रहा है कि कासा पुलिस थाने के गडचिंचले के ग्रामीणों ने गुरुवार की रात पहले उनकी कार रोकी, फिर इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर इस मामले में 110 लोगों को हिरासत में लिया था। मामले की जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मामले को हलके में ले रहे

हालाँकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है की यह घटना गांव वालो की ग़लतफहमी के चलते हुए और इसे राजनैतिक व धार्मिक रंग ना दिया जाये। उद्धव ठाकरे ने दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की बात कही है। किन्तु अनेक लोगो को इस घटना पर किसी बड़े षड्यंत्र का शक हो रहा है। जब देश में लॉक डाउन लगा हुआ था, तब इतनी भीड़, ऐसी घटना को अंजाम देने भला कैसे आ सकती है। कोई तो उनको लीड कर रहा होगा और आदेश दे रहा होगा। यह एक जाँच का विषय है।



कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इस मामले में त्वरित अदालती कार्यवाही और दोषियों को सजा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। रणदीप सुरजेवाला ने कहा, की ‘यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है। हमारे सभ्य समाज में इनकी कोई जगह नहीं है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सुरजेवाला के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने 110 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

हिंदू संगठन ने जूना अखाडा को पूरा समर्थन दिया

अब खबर मिली है की हिंदू पुत्र संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक श्रीमान राजीव ब्रह्मर्षि ने महाराष्ट्र के अंदर जूना अखाड़ा से संबंधित दो साधुओं वाली इस घटना पर दुःख ज़ाहिर किया। उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हिन्दू पुत्र संगठन अपने साधु समाज के साथ इस अंन्याये पर चुप नही बैठेगा। बिहार प्रदेश के अंदर 300000 से ज्यादा हिंदू कार्यकर्ता हैं। वे सभी अपने साधु संत समाज के साथ हुई इतनी बड़ी घटना से काफी दुःख में हैं।

आहे कहा गया है की हम भारत में वैश्विक महामारी कोरोना के कारण प्रभावि लॉक डाउन के प्रति अपनी जवाबदेही और जिम्मेदारी समझते हैं। किन्तु हम लॉक डाउन का समय समापत होने पर अखाड़ा के साथ किसी भी बड़े आंदोलन में हम अपनी भूमिका निभाने को तैयार हैं। हम किसी भी परिस्थिति में हिंदुस्तान में ऐसे लोगो और ऐसे विचारों को फैलने नहीं देंगे। हम साधु समाज की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के लिए भी तत्पर हैं।

आपको बता दें की अभी लॉक डाउन की स्थिति में महाराष्ट्र की उद्धव-कांग्रेस सरकार अभी बची हुई है, किन्तु लॉक डाउन समाप्त होने पर सभी सधी संत और जूना अखाड़ा महाराष्ट्र की ओर कूच करने की तैयारी में है। ऐसे में अब उद्धव ठाकरे नहीं चाहेंगे की लॉक डाउन कभी भी समाप्त हो। क्योंकि जब यह लॉक डाउन समाप्त होगा, तब उद्धव सरकार की ज़मीन हिलने लगेगी।


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