
Photo Credits: Twitter(@IITKanpur)
Delhi: देश में IIT का एक अलग ही लेवल है। इन सभी में IIT कानपूर भी बहुत खास है और अब अपने एक अहम् कार्य से और भी ज्यादा खास हो गया है। IIT कानपुर लम्बे समय से अपने अनोखे प्रयोगों के लिए सुर्ख़ियों में रहता है। इस साल के शुरू में खबर आई थी की IIT कानपुर ने एक ऐसा हेलीकॉप्टर बना दिया है, जिसकी सहायता से सेना के बहुत मुश्किल मिशन को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा।
IIT कानपूर (IIT Kanpur) ने इस 4 किलो के हेलीकॉप्टर (Helicopter) का निर्माण भारतीय सेना (Indian Army) को ध्यान में रखते हुए किया है। यह सभी जानते है कि IIT कानुपर कुछ नया और विचित्र करने के मामले में शुरू से ही अव्वल है और यही कारण है कि अधिकतर स्टूडेंट्स सपना देखते है की इस संस्थान से पढ़ाई करे।
अब इसी कड़ी में IIT कानपुर ने एक और नई चीज बनाई है। IIT कानपुर ने अब एक ऐसा हेलीकॉप्टर बनाया है, जिसकी सहायता से भारतीय सेना के किसी भी मुश्किल मिशन को आसानी से पूरा किया जा सकता है। खास बात यह है कि यह हेलीकॉप्टर भारतीय सेना की जरुरत को देखते हुए बनाया गया है।
आपको बता दें कि छुपे हुए दु-श्मनों को खोज निकालने के अलावा यह हेलीकॉप्टर और भी कई तरह से काम में लाया जा सकता है, जैसे मुश्किल समय में ज़रूरत पड़ने पर इसका उपयोग मेडिकल किट और बचाव के लिए भी किया जा सकता है। इस हेलीकॉप्टर की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इसका वजन केवल 4 किलो है।
मीडिया में आई खबर के अनुसार, यह IIT के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर अभिषेक की देख रेख में तैयार किया गया है। IIT कानपुर ने ट्वीटर पर जानकारी दी थी कि 4 किलो (4 KG) का हल्का हेलीकॉप्टर विकसित किया गया है, जो एयरो-इंडिया 2021 में भाग लेगा और इस हेलीकॉप्टर का डिजाइन सेना को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है।
ज्ञात हो कि IIT कानपुर का मानना था की स्टार्टअप इंड्योरएयर हेलीकॉप्टर बेंगलुरु में आयोजित एशिया के सबसे बड़े शो एयरो इंडिया 2021 में आकर्षण का केंद्र बनेगा, जिसकी जानकारी IIT कानपुर ने ट्वीटर पर खुद से दी। IIT कानपुर की ओरसे कहा गया की चार किलो का हल्का हेलीकॉप्टर विकसित किया गया है जो एयरो-इंडिया 2021 में भाग लेगा। हेलीकॉप्टर का डिजाइन सेना को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
A 4 kg light helicopter has been developed by #IITKanpur incubated company #EndureAir Pvt Ltd which will participate in Aero-India 2021 to be held in Bangaluru.@startupindia @IncubatorIITK #MakeInIndia #startupindia @MoCA_GoI pic.twitter.com/L1C6VRahe8
— IIT Kanpur (@IITKanpur) February 2, 2021
बताया गया की इसमें बचाव और सेना की जरुरत को देखते हुए कुछ खास तरह के कैमरे लगाये गये हैं, जो सेंसर से जुड़े हुए हैं। इसकी सबसे अच्छी बात यह है, कि यह 15 KM की दूरी से भी आसानी से वीडियो डेटा सेंड कर सकता है। इसमें भीड़ की निगरानी के लिए सेंसर भी लगाए गए हैं। इसे निगरानी के लिए बहुत अहम्य बताया गया।
It's key features include Vertical take off & landing, Long Range & Endurance, Obstacle Avoidance, Long Video Streaming and Precise Navigation etc. The major areas of application prposed are Medical Supply, CBRNE Detection, Crowd Monitoring, and Search & rescue etc.
— IIT Kanpur (@IITKanpur) February 2, 2021
बताया गया की यह हेलीकॉप्टर किसी अन्य हेलीकॉप्टर जैसे लैंडिंग या टेकऑफ नहीं करेगा। यह वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग करके कोई भी किसी भी जगह से आसानी से उड़ान भर सकता है। यह हेलीकॉप्टर भारत के लेह लद्दाख और अरुणाचल की दुर्गम पहाड़ियों तक आसानी से काम कर सकता है, क्योंकि यह माइनस 20 से 50° C के मध्य भी आसानी से एक्टिव रह सकता है।
अभी मिली एक ताज़ा खबर के मुताबिक़ जलवायु परिवर्तन की समस्याओं के व्यवहारिक समाधान के उद्देश्य के लिए आईआईटी में चंद्रकांता केसवन सेंटर फॉर एनर्जी पॉलिसी एंड क्लाइमेट सॉल्यूशंस की स्थापना की गई। इस केंद्र की स्थापना के लिए आईआईटी कानपुर और संस्थान के 1976 बैच के पूर्व छात्र सुधाकर केसवन के बीच समझौता हुआ।



