सिर्फ 11 साल की लड़की सब्जी के छिलकों से बना रही पेपर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ

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Manya Harsha record
Manya Harsha records in Hindi. Meet 11-years-old Climate Activist Manya Harsha The Nature Hero · India Book of Records for being the Youngest Poet to publish a book on Nature.

Photo Credits: Twitter

Delhi: आपको बता दें कि पूर्व 2 सालो में भारत समेत समस्त विश्व में काफी समस्याओं से जूझ रही है। इस दौरान समस्त भारत बंद रहा और लोगों ने घर पर रहकर ही अपने कार्य किए। अधिकांश लोगों की इस दौरान नौकरी भी छूट गई।

घर पर रहते हुए जहां लोग मस्ती मजाक के वीडियो देखते हैं और अपना समय व्यतित कर रहे हैं, वही एक छोटी सी बच्ची ने ऐसा कारनामा कर दिखाया जिसके चलते उसकी हर तरफ प्रसंसा की जा रही है। हम बात कर रहे हैं केवल 11 साल की मान्या हर्षा (11 Year Old Girl Manya Harsha) के विषय में जिसने एक ऐसा रिकॉर्ड (Record) बनाया है, जिसके विषय में लोगों को कभी विचार तक नहीं आया था।

इस 11 साल की बच्ची ने सब्जी के छिलकों से कागज बना दिया। यह सुनने में थोड़ा अटपटा लगता है, परंतु जहां बड़े-बड़े लोग यह कारनामा नहीं कर पाते वहीं केवल 11 साल की मान्या हर्षा ने यह कारनामा कर दिखाया। इसकी बदौलत आज इस छोटी सी बच्ची ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करवा दिया है।

केवल 6 साल की उम्र से कर रही है पर्यावरण संरक्षण के कार्य

आपको बता दें कि मान्या जब 6 साल की थी, तब से वह पर्यावरण संरक्षण (Environment protection) का काम कर रही है। आमतौर पर जहां लोग पानी की बर्बादी करते हैं वही यह बच्ची पानी की बर्बादी, पिकनिक स्पॉट्स पर गंदगी फैलाना, सिंग यूज़ प्लास्टिक आदि के प्रति लोगों को बाल्यकाल से जागरूक कर रही है।

मान्या (Climate Activist Manya Harsha) ने एक दिन अपनी रसोई के कचरे से ही कागज बना दिया था। इस बच्चे का कहना है कि “एवरीडे किचन वेस्ट टू ईच पेपर ए डे”। प्रारंभ में इस बच्चे की य़ह प्रयास विफल हो गया था, लेकिन उसने हार नहीं मानी आखिरकार रसोई के कचरे से ही कागज बनाने के कार्य में कामयाब रही।

आपको बता दें कि सब्जी के छिलकों से कागज का निर्माण करने के साथ-साथ मान्या पुरानी विद्यालय की पुस्तकों को भी रीसायकल करती है। यह छोटी सी बच्ची अब तक प्याज, लहसुन, आलू आदि के छिलकों से कागज का निर्माण सफलतापूर्वक कर चुकी है, जिसकी चारों ओर प्रशंसा की जा रही है।

सब्जी के छिलकों से बनाया कागज

आज के समय भारत में स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है जिसके तहत हर एक छोटे शहर में भी कचरा उठाने वाली गाड़ियां पहुंच जाती हैं यह सुविधा आज के वक़्त घर घर में दी जा रही है। साधारण रूप से सामान्य लोग सब्जी के छिलकों को कचरे में फेंक देते हैं। लेकिन 11 वर्ष की इस छोटी सी बच्ची ने सब्जी के छिलकों से ही इको सस्टेनेबल कागज बना दिया है।

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