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Bhind: किसी ने ठीक ही कहा है की अगर आप कुछ करने की ठान लें और उसे जूनून की हद तक प्रयास करें, तो आप उस मंजिल या कामयाबी को पा ही लेंगे। पक्के संकल्प और मेहनत के बल पर कठिन परिस्थितियों में भी कुछ लोग मंजिल पाने में कामयाब हो जा रहे है। ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश में कभी बागियों के गढ़ रहे भिंड जिले के विकास सेथिया ने किया है।
विकास (Vikas Sethia) ने भिंड (Bhind Madhya Pradesh) के पास बीहड़ (Beehad) में बसे गोरम गांव से निकलकर यूपीएससी में 642वी रैंक (642 Rank in UPSC) हासिल करके सभी को चौका दिया है। विकास की सफलता की सबसे ज्यादा खुशी उनके पिता अवधेश सेथिया को है। पिता अवधेश ने हिंदी अख़बार को बताया कि बहुत कठिन परिस्थितियों में विकास ने ये सफलता प्राप्त की है।
आपको बता दें की विकास (Vikas Sethia) बीहड़ों के बीच बसे गोरम गांव के निवासी हैं। विकास शुरू से ही पड़ते अच्छा थे तो उनकी पढ़ाई को देखते हुए उनका परिवार भिंड शहर के वाटर वर्क्स क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर रहने लगे। विकास के परिवार वालों ने बताया कि उन्हें जैसे ही विकास की सफलता की खबर मिली, तो उन्होंने फौरन उनके स्वागत को लेकर अपने घर के बाहर एक आयोजन रख दिया और अपने परिवार समेत रिश्तेदारों को बुलाकर साड़ी तैयारी कर ली।
सभी लोग मिलकर विकास की सफलता पर खुशियां मना रहे हैं। आज उनके घर के बाहर होली दिवाली जैसा माहौल है। विकास ने यह सफलता हासिल करके गांव के अन्न अभ्यार्थियों को प्रेरित किया है। अब यहाँ को बच्चे भी आगे फ्यूचर में अफसर बनने के सपने देखने लगे है।
विकास की सफलता पर उनकी 95 वर्ष की नानी भी बेहद ही खुश है और उनको साफ़ समझ आता है की अब उनका पोता अफसर बांके लाल बत्ती वाली गाडी में आएगा। नानी की खुशी उनकी चेहरे से साफ झलक रही है। जब विकास की सफलता के बारे में उनसे पूछा गया तो उन्होंने तालियां बजाकर खुशी का इज़हार किया।
उन्होंने बताया कि विकास की सफलता पर उसे 500 रुपये का नेग भी दिया है। दादी के लिए 500 रुपये बहुत है। विकास ने एक अख़बार को बताया कि उनके लिए UPSC में सफल होना बहुत मुश्किल भरा था। विकास ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है। ऐसे में भिंड से निकलकर दिल्ली में जाकर यूपीएससी (UPSC) के लिए तैयारी करना काफी मुश्किल भरा था।
उन्होंने बताया की यूपीएससी कि परीक्षा (UPSC Exam) में यह मायने नहीं रखता कि आपको क्या पढ़ना है, यह ज्यादा मायने रखता है कि आपको क्या नहीं पढ़ना है। इसके साथ ही उन्होंने बताया यूपीएससी की तैयारी के लिए 8 से 10 घंटे की पढ़ाई काफी है, परन्तु परीक्षा नज़दीक आने पर इसे बढ़कर 12 से 13 घंटे किया जाना भी उचित है।
Vikash Sethiya From Bhind Madhya Pradesh got 642 rank in UPSC 2020. pic.twitter.com/Ux2U2lewvi
— sanatanpath (@sanatanpath) October 4, 2021
विकास (Vikas Sethia UPSC) बताते हैं कि उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा गोरम गांव के शासकीय स्कूल में की. इसके बाद पांचवी कक्षा के बाद वे भिंड शहर आए और यहां पर उन्होंने प्राइवेट स्कूल में एडमिशन लिया। स्कूल की शिक्षा भिंड से पूरी करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए और वहीं से पोस्ट ग्रेजुएशन करने के अलाव उन्हें यूपीएससी की तैयारी की और सफलता भी प्राप्त कर ली।
बता दें की विकास सेथिया (IAS Vikas Sethia) ने बीहड़ के बीच बसे गोरम गांव से निकलकर यूपीएससी में 642वीं रैंक हासिल करके यह साबित किया है की भिंड का नाम डकैतों के लिए पहले लिया जाट होगा, परन्तु अब सरकारी अफसर के लिए भी लिया जायेगा।



