लो अब JNU में ‘रामायण’ का पाठ पढ़ाये जाने की तैयारी, वामपंथी-टुकड़े ब्रिगेट की नींद उड़ी

0
953

Image Credits: ANI and Twitter

Delhi: भारत में लॉक डाउन के बीच जनता ने दूरदर्शन पर रामायण धारावाहिक को बहुत पसंद किया। अब देश का बच्चा बच्चा भगवान् राम का भक्त हो गया है। इसी बीच खबर आई की जवाहरलाल यूनिवर्सिटी मतलब JNU में रामायण पर 2 से 3 मई को विशेष सत्र होगा। यह विशेष सत्र जेएनयू में 2 से 3 मई को शाम को 4:00 से 6:00 बजे तक चलेगा। यह विशेष सत्र रामायण के माध्यम से लीडरशिप की कला और मैनेजमेंट सिखाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

JNU कुलपति प्रोफेसर जगदीश कुमार के मुताबिक़ इस विशेष सत्र का आयोजन जेएनयू का रामायण स्कूल कर रहा है। इसके आयोजक स्कूल ऑफ संस्कृत एंड इंडिक स्टडीज के प्रोफेसर संतोष कुमार शुक्ला और स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चरल स्टडीज के प्रोफेसर मजहर आसिफ हैं। यह आयोजन अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है।

मीडिया में आ रही खबर के मुताबिक़ ‘रामायण से नेतृत्व के सबक’ सब्जेक्ट पर ऑनलाइन Webinar का आयोजन किया जाना है। यह Webinar आज के समय में बहुत ही खास माना जा रहा है। रामायण में से नेतृत्व की कला को बहुत बढ़िया तरीके से सीखा जा सकता है। आज जब देश कोरोना वायरस की चपेट में है, तब दूरदर्शन पर रामायण से देश के युवाओं से काफी कुछ सीखा है। अभी भी हम रामायण से काफी कुछ और ही अधिक बातें सीख सकते हैं।

News agency ANI wrote, Some people have asked me why there is a webinar on leadership lessons from Ramayan at JNU. During the lockdown period we have conducted several webinars related to COVID-19. This is a part of such series of webinars that we have been conducting: JNU VC Mamidala Jagadesh Kumar.

आपको बता दें जब JNU में रामायण का यह कार्यक्रम और वेबिनार आयोजित होगा, तब JNU के कुछ वामपंथी छात्र और विरोधी क्जेमे के लोग इसका विरोध भी कर सकते हैँ। हालाँकि जिसको इंटरेस्ट है वे इसमें ऑनलाइन या वही पर शामिल हो सकेंगे। आपको बता दे की इसके पहले रामायण के प्रसारण को बंद करवाने की भी नाकामयाब कोशिश हुई थी।

इसी सिलसिले में वकील प्रशांत भूषण टीवी पर रामायण सीरियल के खलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया था, प्रशांत भूषण ने रामायण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई और रामायण को बंद करवाने की मांग की थी। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से प्रशांत भूषण को झटका मिला था, इसकी इस बेतुकी याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर प्रशांत भूषण को ही फटकार दिया था।

प्रशांत भूषण की याचिका पर कोर्ट ने कहा था की टीवी पर कोई भी किसी भी कार्यक्रम को देखने के लिए स्वतंत्र है, चैनल अपने मन मुताबिक कार्यक्रम टेलीकास्ट करने के लिए स्वतंत्र है। इस से पहले लॉक डाउन के शुरुवात में दूरदर्शन ने रामायण को फिर से टेलीकास्ट करने का निर्णय लिया था और ये टेलीकास्ट इतना हिट रहा की अब रामायण ने वर्ल्ड रिकॉर्ड ही बना दिया, 16 अप्रैल को रामायण को 7 करोड़ 70 लाख लोग एक साथ देख रहे थे और ये नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है।

आपको बता दे की दूरदर्शन पर दिखाए जा रहे रामायण सीरियल ने इतिहास रच दिया है। रामायण के 16 अप्रैल के एपिसोड को दुनियाभर में 7.7 करोड़ लोगों ने देखा। इस तरह वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए Ramayan दुनिया में एक दिन में सबसे ज्यादा देखा जाने वाले मनोजन प्रोग्राम बन गया है। प्रसार भारती ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।

जानकारी हो की कोरोना वायरस महामारी से कारण लॉकडाउन लगने के बाद मांग उठी थी कि रामायण और महाभारत का पुनः प्रसारण किया जाए। इसके बाद से करोड़ों लोग रामायण सीरियल देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस सीरियल और इससे जुड़े पात्रों की लगातार चर्चा है। कल रामायण का आखिरी एपीसोड आया था और देश की जनता अब रामायण को बहुत मिस कर रही है। देश में बच्चे से लेकर बड़ों के मन में भगवान् राम बस चुके है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here