
Delhi: दोस्तों हम सब जानते हैं आज दुनिया भर में कार्बन उत्सर्जन को लेकर के एक बड़ी समस्या पैदा हो गई है, जैसे-जैसे इंडस्ट्री लाइजेशन होता है, फैक्ट्रियां बढ़ रही है, वैसे वैसे धुआं एवं कार्बन से संबंधित प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। इसका सीधा असर हमारी धरती के पर्यावरण पर पड़ता है।
यह समस्या इतनी भयावह हो चली है कि हमारी वसुंधरा को प्रोटेक्ट करने वाली ओजोन लेयर भी आज डैमेज होने की कगार पर आ चुकी है। अलग-अलग समय किए गए रिसर्च के अनुसार जो गाड़ियां आज हम इस्तेमाल करते हैं।
डीजल एवं पेट्रोल की आंकड़ों के अनुसार पूरी दुनिया के कार्बन प्रदूषण में इनका योगदान 15 से 25 परसेंट तक है अर्थात जो गाड़ियां आज आप और हम सुबह से शाम हर छोटे बड़े काम के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। वह जाने अनजाने पर्यावरण को रोज नुकसान पहुंचा रहा है।
इसका एक ही उपाय है कि हम इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) की तरफ अपना रुख करें, परंतु नई इलेक्ट्रिक वाहन काफी महंगे हैं इसलिए वेदांता ग्रुप ने यह खास तोहफा अनाउंस किया है आइए जानते हैं उसके बारे में।
यह पहल की देश के बड़े कॉरपोरेट वेदांता ग्रुप ने
आज वेदांता ग्रुप को कौन नहीं जानता या देश की अग्रणी कॉर्पोरेट कंपनी है, जो कई छोटी मोटी कंपनियों का एक समूह है और अलग-अलग सेक्टर्स में काम कर रही है। आज हजारों लोगों को उन्होंने रोजगार दे रखा है और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर के ईस कंपनी ने भी अपने रुक को साफ कर दिया है।
उनका सोचना है कि यदि धरती को सवारना है, तो मिलकर के काम करना होगा, इसलिए चूंकि इलेक्ट्रिक वाहन काफी महंगे होते हैं और उनके एम्पलाई अफोर्ड नहीं कर सकते, इसके लिए उन्होंने यह ऑफर निकाला है कि यदि उनका कोई कर्मचारी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेगा, तो पॉलिसी के आधार पर 30 से 50 प्रतिशत तक कंपनी के द्वारा पे किया जाएगा।
यह पॉलिसी आसान बनाएगी कर्मचारियों को प्रकृति बचाव के लिए
जानकारी के अनुसार कंपनी ने काफी समय तक अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया कि वह आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहन ही खरीदें, परंतु उन्होंने नोटिस किया कि लोग चाहते तो है।
पर्यावरण को बचाना परंतु वह इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ खरीदी को लेकर के इतने अवेयर नहीं है, क्योंकि सामान्य गाड़ियों की अपेक्षा इलेक्ट्रिक व्हीकल काफी कॉस्टली होते हैं।
इसलिए कंपनी ने अपने कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक व्हीकल की तरफ इंटरेस्टेड करने के उद्देश्य (Electric Vehicle Policy) से यह 50 प्रतिशत डिस्काउंट (50 Percent Discount) का ऑफर अपनी ओर से रखा, जिसका नतीजा आज कर्मचारी की पहली पसंद इलेक्ट्रिक व्हीकल बनती जा रही है।
चेयरमैन का कहना 2050 तक वेदांता होगी कार्बन जीरो
वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) के चेयरमैन के अनुसार उन्होंने अपने सामने एक लक्ष्य रखा है कि आने वाले 2050 तक हमारी पूरी कंपनी कार्बन जीरो होगी इस शब्द का अर्थ यह होता है, दोस्तों की कंपनी के कार्य करने की प्रणाली कुछ इस तरह होगी कि इनके द्वारा चलाई जाने वाली मशीनरी किसी भी प्रकार के वाहन या उपकरण के इस्तेमाल से कोई भी धुआं या कार्बन जैसा प्रदूषण नहीं होगा।
#newsupdate :-#Vedanta announces #incentives for purchase of EVs by employees
As part of its #commitment towards net-zero carbon, the company has pledged 100 per cent of its #light motor #vehicles to be decarbonised by 2030.#stock #share #nse #bse #sell #buy #index #banknifty pic.twitter.com/vTObLnAZCQ— Shraddha Mishra (@shraddham008) December 21, 2022
यह अपने आप में एक बहुत बड़ा विजन है और यदि ऐसा होता है, तो यकीन मानिए इस तरह के प्रयोग से धरती का पर्यावरण पहले की तरह साफ एवं शुद्ध होता जाएगा। इसके लिए कंपनी ने बकायदा योजना तैयार कर ली है।
कुछ इस तरह कार्बन जीरो की योजना का क्रियान्वयन होगा
आपको बता दें वेदांता ग्रुप भारत के अलावा दक्षिण अफ्रीका एवं नामीबिया जैसे देशों में काम करता है। यह गैस एवं एनर्जी का एक बड़ा व्यापार समूह है। साथ ही यह लोहा, जस्ता, चांदी, तांबा, एल्यूमिनियम जैसे अन्य धातुओं का व्यापार भी करता है।
Vedanta Promotes EV Adoption for Employees https://t.co/pQL2W3bMOd pic.twitter.com/4oN5qjrsuf
— Motoroids (@Motoroids_India) December 22, 2022
इसलिए इनके चेयरमैन ने यह संकल्प लिया है कि इलेक्ट्रिक वाहन के इस्तेमाल के साथ आने वाले सालों में 7 मिलियन से ज्यादा पेड़ों को लगाया जाएगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी ने वर्ल्ड इकोनामिक फोरम के साथ हांथ मिलाया है। इसकी शुरुआत कंपनी ने 2022 में अपने स्वयं के कर्मचारियों के साथ कर दी है।



