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Pauri Garhwal: भारत के राज्य उत्तराखंड (Uttrakhand) को पहाड़ कहा जाता है। इस यज्य का अधिकतर हिस्सा पहाड़ों में बसा है। यह देव भूमि भी कहा जाता है। यहाँ लोह लोग बड़े होनहार और जोशीले होते हैं। पहाड़ की बेटियां भी किसी से पीछे नहीं है।
यहाँ की होनहार बेटियां हर क्षेत्र में कमाल कर रही हैं। फिर चाहे अभिनय हो, खेल हो या विज्ञान, हर क्षेत्र में पहाड़ की बेटियों ने कामयाबी हासिल की है। उत्तराखंड की बेटियों ने अपनी पहचान हर फील्ड में बनाई है। अब पौड़ी गढ़वाल की अर्चना बिष्ट (Archana Bisht) ने भी बड़ी कामयाबी हासिल की है।
उन्होंने इसरो (ISRO) जैसे बड़े राष्ट्रीय संस्थान में सेलेक्ट होकर पूरे उत्तराखंड के सामने मिसाल पेश की है। अर्चना बिष्ट पौड़ी गढ़वाल (Pauri Garhwal) के द्वारीखाल स्थित हिलोगी गांव की निवासी हैं। अभी के समय में उनका परिवार गाजियाबाद के प्रताप विहार में रह रहा है।
अर्चना शुरू से ही बढ़ाई में अच्छी रही है और 12वीं तक की पढ़ाई गाजियाबाद के ब्लूम इंटरनेशनल स्कूल में की। यहां वह स्कूल टॉपर थी। फिर साल 2016 में, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मैथमेटिक्स ऑनर्स की पढ़ाई पूरी कर ली।
इसके बाद उन्होंने बीएचयू बनारस (BHU) से मास्टर डिग्री हासिल की। अर्चना ने सीएसआईआर (CSIR) परीक्षा भी पास की। उनका सिलेक्शन आईआईटी रुड़की में पीएचडी के लिए हो गया। इस सबसे बाद अर्चना बिष्टका चयन इसरो में भी हो गया है। इस पहाड़ की बेटी ने लॉकडाउन में लोगों बहुत रेसेपी बनाई। उस वक़्त लगा की अब सपना पूरा होगा भी की नहीं।
गाजियाबाद प्रताप विहार इलाके में रहने वाली अर्चना बिष्ट का चयन इसरो में हो गया है। बहुत बहुत बधाई pic.twitter.com/uGVXBFtair
— Dharmendra Singh Nayal🇮🇳 (@DharmendraNayal) April 26, 2022
अर्चना का कहना है कि आपदा के चलते लगाया गया लॉकडाउन उनके लिए वरदान बन गया। लॉकडाउन में दो साल के दौरान उन्होंने कड़ी मेहनत की और बिना की डिस्टर्ब के अपनी पढ़ाई करती रही। जिसके चलते उनका चयन इसरो में हो गया।
Archana Bisht of Pauri Garhwal has made entire Uttarakhand proud by getting selected in a big national institute like ISRO. Archana Bisht originally hails from Hilogi village located in Dwarikhal of Pauri Garhwal. @isro #Uttarakhand #ISRO pic.twitter.com/rgEB3ozawu
— RW • Rishikesh Writings (@RwRishikesh) April 27, 2022
अर्चना के पिता विनोद बिष्ट प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं और उनकी मां बीना बिष्ट एक हाउस वाइफ हैं। दोनों अपनी बेटी की कामयाबी पर बहुत खुश हैं। अर्चना के एक हिंदी अख़बार को बताया कि अगर लाइफ में अपना लक्ष्य बना लिया जाये और उसके लिए कड़ी मेहनत की जाये, तो कठिन लगने वाले लक्ष्य को भी आसानी से हासिल किया जा सकता है। इस वक़्त उनके घर बधाइयों का ताँता लगा हुआ है।



