Tulsi Gabbard Image Credits: IANS
Delhi: अमेरिका की पहली हिंदू सांसद को तुलसी गबार्ड के नाम से जाना जता है। इस वक़्त वे अमेरिका में राष्ट्रपति से भी ज्यादा पॉपुलर है और एक जननेता के तौर पर अपनी छाप छोड़ रही है। तुलसी गबार्ड ने कहा है कि इस मुश्किल समय में भगवद् गीता से निश्चितता, शक्ति और शांति पाई जा सकती है। अमेरिका की पहली हिंदू सांसद गबार्ड ने कहा की भगवद् गीता से शांति व शक्ति मिल सकती है।
आपको बता दे की वर्चुअल दीक्षा समारोह ‘क्लास ऑफ 2020 फॉर हिंदू स्टूडेंट्स’ को संबोधित करते हुए अमेरिका के हवाई से सांसद गबार्ड ने कहा कि इस मुश्किल समय में कोई भी निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि कल कैसा होगा, परन्तु भगवद् गीता में कृष्ण ने हमें जो भक्ति योग और कर्म योग की शिक्षा दी है, उसे फॉलो करके हम निश्चितता, शक्ति और शांति प्राप्त कर सकते हैं।
ज्ञात हो की पहली बार आयोजित इस वर्चुअल दीक्षा समारोह का आयोजन ‘हिंदू स्टूडेंट्स काउंसिल’ ने सात जून को किया था। इसे सोशल मीडिया पर लाखों दर्शकों ने लाइव देखा। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, भारत और आस्ट्रेलिया के सैकड़ों छात्रों ने साझा हिंदू मूल्यों पर गर्व करते हुए अपने इस ज़बरदस्त स्नातक कार्यक्रम में भाग लिया। समारोह में ओक्लाहोमा स्टेट यूनिवर्सिटी के रीजेंट प्रोफेसर और 2019 में पद्मश्री से अलंकृत प्रो. सुभाष काक ने ग्रांड मार्शल के तौर पर मौजूद थे।
In this chaotic time, find strength and peace in Bhagavad Gita: Tulsi Gabbardhttps://t.co/61FRlTF8v9 pic.twitter.com/LGVKJeNTgk
— Hindustan Times (@htTweets) June 13, 2020
हिंदू सांसद तुलसी गाबार्ड ने श्रीमदभागवत गीता की शिक्षाओं से युवाओं को सीख लेने की बात कही है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बातों और शिक्षाओं को जीवन का मूल आधार करार दिया है। उन्होंने कहा है कि श्रीमदभागवत गीता में बताए गए भक्ति और कर्म योग के ज्ञान से मालूम पढता है की हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है।
अमेरिका में एक कार्यक्रम हिंदू स्टूडेंट्स काउंसिल की ओर से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में दुनिया के कई विश्वविद्यालयों के हिंदू छात्रों के साथ एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के दौरान तुलसी गाबार्ड ने यह बात बताई है। विदेशी मीडिया में बताया गया है की अमेरिका और कनाडा के कॉलेज कैंपस में हिंदू युवा छात्रों के बीच काम करने के लिए साल 1990 में बनाये गए हिंदू स्टूडेंट्स काउंसिल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम इवेंट में तुलसी गाबार्ड ने भारतीय संस्कृति में नमस्ते की परंपरा की तारीफ़ की है।
In this chaotic times, find peace in #Bhagavadgita: #US Congresswoman #TulsiGabbard https://t.co/iBcjtbsJ6C
— The Statesman (@TheStatesmanLtd) June 13, 2020
उन्होंने कहा कि नमस्ते हमें एक दूसरे से कैसे कनेक्ट बरता है। तुलसी गाबार्ड ने आगे कहा, “गीता के भक्ति योग और कर्म योग का पाठ विद्यार्थी हमेशा ध्यान करें। श्रीकृष्ण ने कहा है कि दूसरों की सेवा खुशी का सबसे बड़ा रूप है। धन और योग्यता का उपयोग आपको अच्छे काम के लिए करना चाहिए या फिर अपने निजी मतलब के लिए, इस सवाल के जवाब में ही जीवन का उद्देश्य छिपा है।” आपको बता दे की यह लाइन श्री कृष्णा जी ने कही थी, जो तुलसी गाबार्ड ने स्टूडेंट्स को बताई।
सांसद तुलसी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं काल समय से अलग और सार्वभौमिक हैं। यह संकट का समय है। कोई भी पुष्टि के साथ नहीं कह सकता कि आने वाले कल अब क्या होने वाला है। किन्तु श्री कृष्ण की शिक्षाओं से हमें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। भक्ति योग और कर्म योग का हमें हमेशा अभ्यास करना चाहिए, इससे सही मार्गदर्शन मिलता है।




