
Indore: भारतीय किचिन की शान मसाले होते है। भारत के कई क्षेत्रों में काफी ज्यादा मात्रा में मसाला खाया जाता है। पंजाब में तो तेज़ मसाला पंजाबीओ की शान मानी जाती है। कोई भी दावत हो लोग मसालेदार खाना ही बनवाते है। नॉनवेज खाने में मसालों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है, तभी तो उसमें अच्छा स्वाद आता है।
मसाले किसी एक चीज़ से नहीं बनता उसमे कई तरह की चीज़ होती है। सब का स्वाद और सबका काम अलग अलग होता है। ऐसा ही एक मसाले का मुख्य पार्ट है, तेजपत्ता (Bay leaf) इसका उपयोग तड़के के लिए किया जाता है। इसकी खुशबु से सब्जी महक उठती है और भूखे इंसान की भूख को और बढ़ा देती है और जिसे भूख भी नहीं होती तो भी उसे भूख लग जाती है।
इसका उपयोग तरह तरह की ग्रेवी वाली सब्जी में किया जाता है। साथ ही पुलाव में भी इसका उपयोग किया जाता है। जैसे जैसे मसालों की खपत बढ़ रही है, वैसे वैसे इनके दाम भी बढ़ते जा रहे है। लॉन्ग, इलाइची, खसखस, तेजपत्ता, और अन्य मसालों के दाम आसमान छू रहे है।

ये सब चीज़े पेड़ो पर उगती है। परंतु इसकी जलवायु अलग अलग होती है, इसीलिए इनका हर जगह उगना आसान नहीं होता। परंतु आप तेज पत्ता अपने घर पर किसी भी गमले में उगा सकते है। आइये जानते है किस तरह उगाया जा सकता है।
तेज पत्ता उगाने के लिए क्या चाहिए और सही बीज को चुनना
तेजपत्ते को घर में उगाने के लिए हमें चाहिए बीज, खाद, बड़े साइज का गमला, और मिटटी। यदि हमें तेजपत्ते अच्छे चाहिए तो हमें अच्छे बीज का चुनाव करना होगा। क्योंकि एक पौधे का आधार ही उसका बीज होता है।
यदि बीज में क़्वालिटी नहीं होगी, तो आपका मेहनत करना बेकार हो जाएगा। इस लिए आप तेजपत्ता के पौधों के लिए सही बीज किसी बीज भंडार से ही करे। बीज भंडार से आपको बीज की कई किस्मे बहुत ही सरलता से मिल जाती है। तेजपत्ता उगाने के लिए (Tejapatta Ki Kheti) तेजपत्ता के हाइब्रिड बीज या फिर पौधे का भी इस्तेमाल कर सकते है।
मिटटी और सही खाद का उपयोग बेहद जरुरी
बीज का चयन करने के पश्चात मिट्टी को तैयार करते है। मिट्टी को तैयार करने के लिए पहले उस स्थान का चुनाव करे जहा आपको बीजो (Seeds) की बुबाई करनी है। इसके बाद वहां की मिट्टी को खोद कर दो से तीन दिनों के लिए ऐसे ही छोड़ देना है।
2 3 दिन के बाद आप मिटटी में एक मग यानि 200 से 300 ग्राम खाद डालें और उसे मिटटी में अच्छी तरह मिला दें। इसके बाद उस मिटटी में तेजपत्ता के बीज को करीब 1-2 इंच की गहराइ पर लगा दें। और ऊपर से थोड़ी सी मिटटी डाल दे और थोड़ा थोड़ा पानी छिड़क दें।
यदि आपके पास तेजपत्ता के हाइब्रिड पौधें है और आप उसे किसी गमले में लगाना चाहते हैं, तो सबसे पहले मिट्टी में एक से दो मग खाद डालें और मिटटी को अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद गमले में पौधों को सेंटर में लगा कर साइड से मिट्टी डाले और थोड़ा दवा दें और थोड़ा सा पानी छिड़क दें।
आप अपने पौधों के लिए अच्छी खाद का प्रयोग करे। कोई भी केमिकल युक्त खाद का उपयोग करने से बचे इससे आपका पौधा सुख भी सकता है। इसलिए आप जैविक खाद का प्रयोग करें।
कीटों से रक्षा के लिए कीटनाशक का छिड़काव करें।
पौधों को सुरक्षा के लिए मौसमी कीड़े और भी दूसरे कीड़ों को दूर रखना बहुत जरुरी है। क्योंकि हमें मसाले के रूप में पत्तो की जरुरत होती है। इसलिए पत्तो को सुरक्षित रखना भी जरुरी है। आप कीटो से रक्षा के लिये कीटनाशक का इस्तेमाल कर सकती है।
स्प्रे की सहायता से इसका छिड़काव करें। आप नेचुरल कीटनाशक स्प्रे का उपयोग करे इसे आप घर में भी बना सकती है। नींबू का रस, पुदीना का पत्ता, नीम का पत्ता, सिरका और बेकिंग सोडा आदि चीजों से आप इसे आसानी से बना कर पौधों पर छिड़के।
मौसम के साथ साथ सिचाई का ख्याल रखना बहुत जरुरी
आपको समय समय पर तेजपत्ता के पौधे को पानी देने का ध्यान रखना पड़ेगा। जब आपका पौधा करीब 2 से 3 फीट का हो जाएगा, तो आप उसकी मिट्टी को आसपास से खोद कर उसमें खाद मिलकर वापस उसी में डाल दें। इसके बाद आपको रोजाना अपने पौधे पर पानी डालना है। ध्यान रहे जब तक आप का पौधा करीब 2 से 3 फीट का नहीं हो जाता आपको उसे तेज़ धुप से बचाना होगा।
आप देखते है कि कभी कभी पौधों के आसपास कुछ खरपतवार उग जाता है, जो पौधों के विकास को प्रभावित
करता है, इसलिए उसे निकालना जरुरी होता है। ठीक तरह से ध्यान रखने पर आपके पौधों से खाने योग्य पत्ते करीब 8-10 महिनों में आ जाते है। आप चाहें तो पत्तों को पेड़ पर ही सूखा सकते है, नहीं तो पत्तो को तोड़ कर धुप में सूखा लें।



