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लोग कहते हैं खुली आँखों से सपने नहीं देखना चाहिए, लेकिन अगर खुली आँखों से सपने देखने के साथ-साथ उसे पूरा करने में रात दिन जुट जाएँ, तो सपने साकार भी हो जाते हैं। माता-पिता का सपना होता है कि जो ऊंचाइयां वे अपनी जिंदगी में हासिल नहीं कर पाए, उन्हें उनके बच्चे जरूर हासिल कर सकें। यही वजह थी कि श्रेष्ठ अनुपम के फैमली ने उन्हें आईएएस बनने के लिए प्रेरित किया।
आज आपको यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में सफलता (Success) प्राप्त करके आईएएस अफसर (IAS Officer) बनने वाले श्रेष्ठ अनुपम की कहानी बताएंगे, जिन्होंने आईआईटी (IIT) से पढ़ाई करने के बाद पिता का सपना पूरा करने |(Fulfill Dream) का ठान लिया, इसके लिए उन्होंने अपना रुख यूपीएससी की ओर मोड़ लिया।
ये करना आसान नही था, लेकिन पिता को दिया वचन भी पुरा करना था। कड़ी मेहनत और बेहतर रणनीति की बदौलत उन्होंने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (All India Rank) 19 हासिल कर ली। इस तरह श्रेष्ठ अनुपम केमिकल इंजीनियर से सिविल सर्वेंट बन गए। उनकी कहानी जानकर आप खुद को प्रेरित महसूस करेंगे।
कौन है आईएएस श्रेष्ठ अनुपम
श्रेष्ठ अनुपम (Shreshta Anupam) मूल रूप से बिहार के भागलपुर (Bhagalpur) जिले के रहने वाले हैं। उनके परिवार की पढ़ाई लिखाई हमेशा बेहतर रही और पिता ने पहले मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद यूपीएससी की तैयारी की थी। चार प्रयास करने के बावजूद अनुपम के पिता आईएएस अफसर नहीं बन पाए। इसका अफसोस उन्हें लंबे समय तक रही।
IAS Shrestha Anupam से जानें उनका स्टडी प्लान और तैयारी की रणनीति | IAS Toppers’ Success Story
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— JagranJosh India (@Jagranjosh) February 12, 2021
जब श्रेष्ठ अनुपम ने आईआईटी (IIT) से इंजीनियरिंग (Engineering) की डिग्री हासिल की, तो उनके फैमली ने यूपीएससी में जाने की सलाह दी। परिवार शुरू से ही श्रेष्ठ अनुपम को आईएएस अधिकारी के रूप में देखना चाहता था। श्रेष्ठ को मालूम था कि यूपीएससी का रास्ता इतना आसान नहीं होता। अनुपम ने माता पिता के सपने के लिए यूपीएससी की तैयारी की और दूसरे प्रयास में सफलता (Success) को अपने नाम किया।
बचपन से पढ़ाई में रहे इंटेलिजेंस
श्रेष्ठ अनुपम पढ़ाई में हमेशा सर्वश्रेष्ठ रहे। 12वीं में उनके पूरे जिले में सबसे ज्यादा नंबर आए थे। श्रेष्ठ बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थे और यही वजह रही कि आईआईटी में भी दाखिला मिल गया था। इतना ही नहीं इंटरमीडिएट के बाद उन्होंने आईआईटी का एंट्रेंस एग्जाम क्लियर कर लिया और दिल्ली आईआईटी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। उनकी लगन और मेहनत को देखकर उनके माता-पिता की आंखों में सालों पुराना सपना वापस लौट आया और उन्होंने अनुपम के सामने अपनी इच्छा जाहिर की। आपको जानकर हैरानी होगी कि 3 साल के अंदर अनुपम ने अपने परिवार का सपना पूरा कर दिया।
अन्य कैंडिडेट्स को श्रेष्ठ अनुपम की सलाह
अनुपम का मानना है कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान आपको खुद पर भरोसा रखना होगा और यही आपकी सफलता की कुंजी आपकी मेहनत होगी। वे मानते हैं कि यहां बेहतर स्ट्रेटजी और कड़ी मेहनत करना जरूरी होता है, अगर आप अपनी सही रणनीति बना कर पढ़ाई करते है, तो आपको सफल होने से कोई रोक नही सकता।
Bhagalpur’s Shrestha Anupam bags AIR 19 in UPSC exam, studied 10-15 hours dailyhttps://t.co/dFfV6hSYQq pic.twitter.com/3xiyoeNNBw
— Hindustan Times (@htTweets) August 4, 2020
लेकिन अगर आप कॉन्फिडेंस के साथ परीक्षा में बैठेंगे तो बेहतर कर पाएंगे। उनके मुताबिक आप सबसे पहले सिलेबस को देखें और उसके हिसाब से स्टडी मटेरियल तैयार करें। फिर अपनई स्ट्रेटजी बनाकर ज्यादा से ज्यादा पढ़ाई करें और तैयारी का एनालिसिस भी करते रहें। ज्यादा से ज्यादा टेस्ट सीरीज को हल करे।
इससे ये पता चलेगा कि आप किस विषय मे कमजोर है। उससे आपकी कमजोरी पकड़ आ जायेगी। पेपर को हल करते समय ध्यान रखे कि जो प्रश्न आपसे नही बन रहा है, उसमें अपना समय बर्बाद नही करे। जिस प्रश्न को हल करने में आप सक्षम है, उसे पहले हल करे। समय का विशेष ध्यान रखे।
पिता का सपना
श्रेष्ठ अनुपम के पिता आईएएस अधिकारी बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिली असफलता को उनके बेटे ने अपनी चुनौती बना लिया। श्रेष्ठ अनुपम ने अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए यूपीएससी एग्जाम देने का फैसला किया था। श्रेष्ठ के पिता ने भी यूपीएससी का एग्जाम दिया था, लेकिन उन्हें इसमें कामयाबी हासिल नहीं हो पाई थी। हालांकि पहले प्रयास में श्रेष्ठ अनुपम को सफलता हासिल नहीं हो पाई थी, लेकिन उन्होंने हार नही मानी।
Meanwhile in Bhagalpur !
Congratulations to Shrestha Anupam. pic.twitter.com/YLxxjNF5e1— Bhagalpur Our Pride (@bgpourpride) August 4, 2020
उसी जज्बे के साथ फिर से मेहनत करने में जुट गये। फिर दूसरे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की। श्रेष्ठ अनुपम ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरे पिता ने चार प्रयास के बाद भी यूपीएससी एग्जाम में सफलता हासिल नहीं की थी और इसका अफसोस उन्हें हमेशा रहा भी कि वह सिविल सर्वेंट नहीं बन पाए। परिवार का सपना पूरा करने के लिए अपनी मेहनत भी शुरू कर दी। श्रेष्ठ अनुपम ने तीन ही साल में यूपीएससी क्लियर कर ली। श्रेष्ठ अनुपम को ऑल इंडिया 19 रैंक प्राप्त हुई थी।
रणनीति बनेगी सफलता की सीढ़ी
श्रेष्ठ अनुपम को बिहार कैडर मिला था और अब वह लोगों की सेवा के लिए रात-दिन मेहनत भी कर रहे हैं। श्रेष्ठ अनुपम का मानना है कि यूपीएससी क्लियर (UPSC Clear) करने के लिए आपको रणनीति (Strategy) बनानी बहुत जरूरी है। अगर आपकी रणनीति सही होगी, तो आपको इस परीक्षा में सफल होने से कोई रोक नही सकता। इसके साथ यूपीएससी क्लियर करने के लिए आपको लगातार मेहनत करनी पड़ती है।
इसमें आप बिल्कुल भी ऐसे नहीं सोच सकते कि एक दिन नहीं पढ़ाई करेंगे तो क्या हो जाएगा। आपको प्रतिदिन पढ़ाई के लिए समय देना होगा। न्यूज पेपर पढ़ाना होगा। डाप्ने आप को समय के अनुसार अपडेट रखना होगा। इससे आगे एग्जाम देने में आपको आसानी होगी। समय का विशेष ध्यान रखें। सही समय पर बनाई सही रणनीति ही आपको सफलता दिला सकती है।



