
Delhi: समाज में कुछ लोग यह सोचते है कि एक लड़की की जिंदगी शादी के बाद विराम अवस्था में आ जाती है। उनका मानना है कि शादी के बाद लड़की जीवन में कुछ अनोखा नहीं कर सकती। अपना करियर नहीं बना सकती। वह अपने घर परिवार में ही सिमट जाती है।
आज हम जो कहानी लेकर आये है, उसे जानने के बाद इस तरह की मानसिकता रखने वाले लोगों के विचार बदल जायेंगे। आज की हमारी कहानी है, संगीता मोहपात्रा की है। संगीता मोहपात्रा वह लड़की जिसने शादी के बाद यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) निकाली।
संगीता महोपात्रा जिन्होंने 5वे प्रयास में पाई सफलता
यूपीएससी हमारे देश में मानी जाने वाली कठिन परीक्षा है। इसे पास करने का सपना हर वर्ष लाखों के नंबर में स्टूडेंट देखते है। लेकिन इसे पास सिर्फ ईमानदारी से प्रतिदिन लगन और जज्बे के साथ कठोर परिश्रम करने वाला स्टूडेंट ही निकाल पाता है। जो स्टूडेंट इस परीक्षा के प्रति अपना पॉजीटिव रूख लगता है। वही स्टूडेंट इस परीक्षा मे सफल हो पाता है।
असफलता-सफलता की पहली सीढ़ी होती है। यह बात तो हमने सुनी है। परन्तु संगीता मोहपात्रा (Sanjita Mohapatra) ने इसे साबित भी करके दिखाया है। वह इस परीक्षा में 4 बार असफल हुई। परन्तु अपने कदम उन्होंने पीछे नहीं लिये। लगातार वह प्रयास करती रही। अंत में पॉंचवी बार प्रयास करके उन्होंने अपने सपने को पूरा कर दिखाया।
इंटरनेट की मदद से की पढ़ाई बनी आईएएस
कई लोग इंटरनेट को स्टूडेंट के जीवन की सबसे बड़ी बाधा समझते है। कहते है कि इंटरनेट स्टूडेंट का ध्यान भटकाता है। लेकिन हम जानते है, अगर इसका सही इस्तेमाल हो, तो यूपीएससी ही नहीं अन्य परीक्षा भी पास किया जा सकता है। यही बात संगीता महोपात्रा ने भी साबित कर दिखाई है। उन्होंने इंटरनेट (Internet) का सहारा लेकर यूपीएससी कि तैयारी की और इसकी मदद से आज वह आईएएस बन गई है।
संगीता महोपात्रा की शिक्षा शुरूआती जीवन
संगीता मोहपात्रा उड़ीसा (Odisha) राज्य से है। उनका जन्म उड़ीसा राज्य में हुआ। उड़ीसा में रहकर ही उन्होंने अपनी स्कूलिंग कंपलीट की। स्कूल के बाद उन्होंने आईआईटी में जाने का डिसिजन लिया। उन्होंने आईआईटी में दाखिला लेकर वहॉं से इंजनियरिंग कंपलीट की। संगीता ने मैकेनिकल इंजीयरिंग में डिग्री हासिल की है।
सरकारी नौकरी बनी बाधा तो छोड़ दी नौकरी
संगीता प्रारंभ से ही चाहती थी कि वह आईएएस ऑफीसर (IAS Officer) बने। इसके लिए ही वह दिन रात परिश्रम भी किया करती थी। लेकिन शुरूआत में उन्हें 4 बार असफलता मिली। हालांकि उन्होंने अपनी तैयारी नहीं छोड़ी। लगातार उन्हें असफलता मिल रही थी।
Congratulations to Rourkela girl Sanjita Mohapatra for securing 10th rank in #UPSC civil service examination. pic.twitter.com/QFlPRYPgvL
— Biplab Keshari Ray 🇮🇳 (@Biplabkray01) August 5, 2020
इसकी वजह से उन्होंने दूसरी सरकारी नौकरी भी जॉइन कर ली थी। लेकिन नौकरी जॉइन करके भी वह यूपीएससी की तैयारी करती रही। परन्तु एक समय ऐसा आया जब उन्हें नौकरी की वजह से तैयारी करने में दिक्कत होने लगी थी। ऐसे में संगीता ने अपनी नौकरी छोड दी और अपने सपने को पूरा करने में दिलो-जान से लग गई।
शादी के बाद ससुराल वालों ने की मदद
इसी बीच में संगीता की शादी हो गई। लेकिन संगीता ने शादी के बाद भी अपनी तैयारी जारी रखी। वह लोग जो सोचते है कि शादी के बाद कुछ भी कर पाना लड़की के लिए असंभव है। उन्हे संगीता की कहानी सोचने पर मजबूर कर देगी।
She was ranked 2nd in OAS but didn't join and promised to be IAS which she grabbed now. Sanjita Mohapatra Ranked 10 in #UPSC #Odisha pic.twitter.com/vCLLXPJwZp
— alpha ray (@alpharay63) August 4, 2020
वास्तव में कभी कभी ऐसा होता है कि शादी के बाद एक लड़की चार दीवारी में सिमट जाती है। क्योंकि शादी के बाद उनके कंधे में ज्यादा जिम्मेदारी आ जाती है। लेकिन ससुराल वाले सपोर्टिव हो तो लड़की कुछ भी कर सकती है और यही संगीता के ससुराल वालों ने किया। उन्होंने संगीता का साथ दिया। उनके सपने को पूरा करने में मदद की।
यूपीएससी 2019 में हासिल की 10 वी रैंक
ससुराल वालों के साथ से संगीता पॉंचवे प्रयास में यूपीएससी निकाल पाने में सफल हुई। भले ही वह इसके पहले 4 बार असफल हुई हो। लेकिन लगातार मेहनत करने की वजह से वह पॉचवी बार इसे निकाल पाई और अपने सपने को पूरा कर पाई। संगीता ने पॉचवी बार इसे निकालकर 10 वा रेंक प्राप्त किया। उनकी ऑल इंडिया 2019 यूपीएससी में 10 स्थान आया। जिससे वह और उनके ससुराल वाले बहुत खुश हुए।
दृढ संकल्प ने बनाया आईएएस ऑफिसर
संगीता ने लगातार तैयारी की। उन्होंने सेल्फ स्टडी की इंटरनेट की मदद (Self Study From Internet) से उन्होंने अपनी प्रेपरेशन की। भले ही उनकी जिंदगी मे कई दिक्क्तें आई हो, लेकिन उनका दृढ संकल्प उनके सपने को पूरा करने में उनका सहारा बना।
Future Torchbearers of #GoodGovernance🇮🇳
IAS officer Sanjita Mohapatra of 2020 batch, shared her experience about the Interactive session organized for Assistant Secretaries. pic.twitter.com/R9mvZkMaIx
— DoPT (@DoPTGoI) July 23, 2022
संगीता (IAS Sanjita Mohapatra) की जितनी तारीफ की जाये उतनी कम है। वह कई बार गिरी, उठी मेहनत की लेकिन कभी हार नहीं मानी। लगातार प्रयास से पत्थर भी तोड़ा जा सकता है, यह बात संगीता ने साबित कर दिखाया है। आज लाखों लडकियों के लिए वह पथ प्रदर्शक बन चुकी है।



