
Photo Credits: Pramila Nehra on Social Media
Sikar: भारत के अधिकतर युवाओं का सपना देश की सेवा के लिए काम करने का होता है। आज कई राज्यों के युवा फ़ौज में भर्ती होना चाहते है या फिर आईएएस या आईपीएस (IAS-IPS) बनने का सपना देखता हैै। हम कह सकते है कि युवा उस खाकी वर्दी को पहनने का सपना देखता है। पुरुष के साथ साथ महिलाए भी इस परीक्षा में बढ़ चढ़ कर भाग ले रही है और कई महिलाएं आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी है।
लोग 12वीं कक्षा के बाद अपना लक्ष्य निर्धारित कर लेते है, फिर वे उसी पर मेहनत करते है। परंतु आज के इस प्रतियोगीताओ भरे समय में लोगो को कोई भी नोकरी मिल जाए, बस सरकारी (Government Job) होना चाहिए वे ख़ुशी-ख़ुशी करते है।
पिछले 2 से 3 सालों में आपदा के कारण देश में आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। ऐसे में सरकार भी सब जानते हुए नोकरी नहीं दे पा रही है। ऐसे में कोई इंसान अपनी लगी नोकरी को छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकता। परंतु एक महिला ने अपनी 9 सरकारी नोकरी को छोड़ा सिर्फ सिविल सर्विस (Civil Service) के लिए। आइये आगे विस्तार से जानते है।
कोन है प्रमिला नेहरा
प्रमिला नेहरा (Pramila Nehra) राजस्थान के सीकर (Sikar) जिले के अंतर्गत आने वाला एक गांव सिहोट की निवासी है। प्रमिला के माता-पिता का नाम रामकुमार नेहरा और मनकोरी देवी हैं। प्रमिला के पिता पेशे से किसान है और उनकी माता एक गृहणी है।
प्रमिला का भाई महेश नेहरा पुलिस में सिपाही के पद पर हैं। प्रमिला पढाई में काफी होशियार है और एक किसान पिता की बेटी ने मात्र 26 वर्ष की उम्र में 9 बार सरकारी नौकरी हासिल कर ली है। उस पिता के लिए इससे ज्यादा गर्व की बात हो ही नहीं सकती और प्रमिला ने पिछले पांच वर्षो में 7 बार सरकारी नौकरियों को छोड़ चुकी है। 2021 में उन्होंने आठवीं बार भी जॉब छोड़ दी। प्रमिला कुछ बहुत बड़ा हासिल करना चाहती है।
आज तक सभी परीक्षाओं में पास हुई है
प्रमिला ने 5 सालों में 9 बार सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा दी है। लेचरार भर्ती परीक्षा ,पटवारी, ग्रामसेवक, महिला पर्यवेक्षक, पुलिस कांस्टेबल, एलडीसी की परीक्षायें दे चुकी है और पास भी हुई है। परंतु उन्होंने इन सब परीक्षा को छोड़ दिया है।
अभी के समय में लोग सोचते है कि कोई भी जॉब मिल जाए पर मिल जाए। प्रमिला अभी के समय में राजस्थान के नागौर जिले के एक सरकारी स्कूल में सीनियर टीचर के पद पर है और बच्चों को शिक्षा देने का काम कर रही हैं।
प्रमिला के पति दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है
प्रमिला की शादी हो चुकी है। उनकी शादी सीकर जिले के गांव बोदलासी के निवासी राजेंद्र प्रसाद रणवा से हुई है। राजेंद्र प्रसाद वर्तमान में दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर है। प्रमिला नेहरा ने आज तक जितनी भी परीक्षा दी है, वो शादी के बाद दी है।
उन्होंने शादी के बाद ससुराल के काम काज को संभालते हुए एक बहु का फर्ज निभाते हुए कड़ी मेहनत करके पास की हैं। कहते है शादी के बाद ससुराल की जिम्मेदारी और गृहस्थी की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे में पढ़ाई करना कठिन होता है। इन बहानो को पीछे छोड़ती हुई प्रमिला सबके लिए मिसाल बनी।
प्रमिला नेहरा जी बहिन ने राजस्थान की सारी जॉब हासिल कर ली है pic.twitter.com/6bSTjmNQWy
— Riya balot💞💞 (@Riyabalot) January 20, 2021
प्रमिला को ससुराल वालों और उनके पति का पूरा सपोर्ट मिला। प्रमिला ने राज्य लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित होने वाली व्याख्याता भर्ती परीक्षा में ग्रेड 1 के शिक्षक परीक्षा में सफलता हासिल की इतना ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में नौवी रैंक प्राप्त की है।
सभी जॉब को छोड़ने का कारण आईएएस बनना है
प्रमिला ने पहली बार सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा वर्ष 2015 थर्ड ग्रेड टीचर के लिए दी थी और पास भी हुई इस नोकरी को उन्होंने कुछ ही समय के लिए ज्वाइन की और बाद में छोड़ दी। इस नोकरी के बाद उन्होंने पटवारी, ग्राम सेवक, एलडीसी व महिला सुपरवाइजर की परीक्षा दी और सब को क्लियर भी किया और सारी नौकरीयों को उन्होंने दो महीने, तीन महीने तक ही की।
अगर सोच लो तो क्या नही हो सकता,
जब मन मे दृढ निश्चय हो तो सफलता जरूर मिलती है।।। #प्रमिला नेहरा ma'am
ma'am u motivation for all aspirant👏 pic.twitter.com/vxDt4Ai4ZH— Kapil pareta (@Kapilpareta6) January 15, 2021
इसके बाद उन्होंने वर्ष 2020 में राज्य लोक सेवा आयोग की तरह से होने वाली व्याख्याता भर्ती में प्रथम श्रेणी शिक्षक परीक्षा में उनका चयन हुआ। तब से अब तक प्रमिला उस नोकरी को कर रही है। परंतु वह बहुत जल्द इस नौकरी को भी छोड़ देंगी। क्योंकि उनका सपना आरएएस व यूपीएससी परीक्षा में अपना नाम दर्ज करना है। प्रमिला एक जुनूनी महिला है और वे कुछ भी कर सकती है। फिर ये UPSC और RAS की परीक्षा ही है।



