
Photo Credits: Social Media
Rohtak: नारी के अलग-अलग रूप होते है। वह एक बेटी, पत्नी, मॉ, बहन सब कुछ होती है और समय-समय पर उसे इन रिश्तों को निभाने के लिए कई कठोर हालातों से गुजरना पड़ता है। चाहे सामाज उसे ताने दे, लेकिन वह अपने परिवार के लिए कुछ भी करने के लिए खड़ी हो जाती है।
एक ऐसी ही मिसाल पेश ही है, रोहतक की पहली गुलाबी ऑटो चालक (Pink Auto Driver) प्रमिला सैनी (Promila Saini) ने। एक तरफ रिश्तेदारों और पड़ोसियो के ताने तो दूसरी और बच्चों की भूख इन दोनों में से प्रमिला ने अपने बच्चों की भूख और भविष्य को चुना।
छह साल पहले जब रोजी कमाने के लिए ऑटो चलाने के काम को चुना, तो सबने खूब ताने मारे थे। लेकिन पेट की भूख स्त्री-पुरूष और छोटे-बड़े का भेद नहीं देखती। यह कहना है, रोहतक की पहली गुलाबी ऑटो चालक प्रमिला सैनी का।
प्रमिला का संघर्ष्र
हर व्यक्ति की सफलता के पीछे संघर्ष की कहानी होती है, जो आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करती है। इस लेख में हम आपको हरियाणा (Haryana) की प्रमिला सैनी के बारे में बताने जा रहे है। जो लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
हरियाणा के हिसार (Hisar) की रहने वाली प्रमिला पिछले कई सालों से ऑटों चलाने का काम कर रही है। और आज कई दूसरी औरतों को भी ऑटो चलाना सिखा रहीं है। पहले लोग उनकी आलोचना करते थे, लेकिन अब लोग उनकी तारीफ कर रहे है।
प्रमिला के घर की हालत ठीक नहीं थी। एक तरफ जहां उनके बच्चे भूख से हर दिन मर रहे थे। वहीं दूसरी और समाज की कठोर बांते सुननी पड़ रही थी। ऐसे में प्रमिला ने बिना लोगों कि परवाह किये वो चुना, जो उन्हें सही लगा। उन्होंने अपने बच्चों को जरूरी समझते हुए ऑटो चलाना सीखा और उनका लालन पालन किया।
गुलाबी ऑटो को चलाना शुरू किया
प्रमिला पहली महिला ऑटो चालक बन चुकी है। आज वह पुरे देश में बहुत प्रसिद्ध है। उन्होंने पिंक ऑटो चलाने का कारवा शुरू किया। प्रमिला को भले ही लोंगों कि बाते सुननी पड़ी हो, लेकिन उन्होंने इस सफर को रोकने की नहीं बल्कि, इसे और मजबूत बनाने की सोची।
उन्होंने शहर में गुलाबी ऑटो चलाना शुरू किया। और उसको चलाते हुये वह फेमस भी हो गई। हालांकि यह सफर उन्होंने अकेले शुरू किया। लेकिन धीरे-धीरे उनके साथ कई महिलायें जुड़ने लगी।
6 साल से चला रही है ऑटो
शहर के बाबरा मुहल्ला की रहने वाली प्रमिला ने छह साल पहले गुलाबी ऑटो चलाने का फैसला किया था। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए उन्होंने ऑटो चलाने की ठानी। प्रमिला ने पहले तो ऑटो चलाने में दक्षता हासिल की।
पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद ने भी प्रमिला को प्रोत्साहित किया। जब प्रमिला ने ऑटो चलाना शुरू किया तो दूसरी महिलाओं में भी हिम्मत जागी और वह इस और आगे बढ़ी। प्रमिला के परिवार मे कुलदीप, बेटा पंकज, दो बेटी और पुत्रवधु है।
महिलाओं को देती है ट्रेनिंग
इस सफर को अकेले शुरू करने वाली प्रमिला के साथ धीरे-धीरे कई महिलाएं जुड़ती गई। आज वह दूसरी महिलाओं को भी ऑटो चलाने कि ट्रेंनिंग देती है। आज तक वह कई महिलाओं को ट्रेनिंग दे चुकी है। उनसे प्रेरित हो कर 150 महिलायें आज ऑटों चलाकर अपने परिवार का पेट पाल रही है।
कुछ समय पहले ही प्रमिला बीमार हो गई थी और उन्होंने ऑटो चलाना बंद कर दिया। अब वह दूसरी महिलाओं को ट्रेनिंग देती है। अगर आप भी ऑटो चलाने कि ट्रेनिंग लेना चाहते है। तो आप भी रोहतक में जाकर प्रशिक्षण ले सकते है।
प्रमिला को प्रशासन भी करती है प्रोत्साहित
प्रमिला ने जब गुलाबी ऑटो चलाना शुरू किया, तो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा सामाजिक संगठनों ने भी उन्हें प्रोत्साहित किया। अब प्रमिला अपनी टीम के साथ रोहतक, हिसार, झज्जर, पानीपत और जींद में भी महिलाओं को ऑटो चलाने का प्रशिक्षण दे रही है। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद ने भी प्रमिला की पहल को आगे बढ़ने में मदद की थी।
प्रियंका गांधी ने भी किया है प्रमिला के ऑटो में सफर
प्रमिला को ना सिर्फ समाज, प्रशासन का साथ मिला, बल्कि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) भी इनके ऑटो में सफर कर चुकी है। 2019 में लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा रोहतक पहुंची थी।
@priyankagandhi in Pink auto with @DeependerSHooda before #RoadShow. This auto is driven by Lady Auto Driver. @INCIndia pic.twitter.com/mssNDbDUvD
— Manish Prasad (@manishindiatv) May 7, 2019
उस समय प्रियंका गांधी जींद रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के मैदान में हेलीकॉप्टर से उतरकर सीधे प्रमिला के गुलाबी ऑटो में बैठी थी। वहां से लेकर शहर के प्रवेश स्थल तक प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रमिला के ऑटो की सवारी की थी।



