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Delhi: कहते हैं कि जब कुछ पाने का जुनून हो तो कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यो ना आये, कभी हार नही मानना, कोशिश करने से लेकिन मंजिल मिल ही जाती है। ऐसा ही कुछ सही साबित कर दिखाया है। अगर इंसान चाहे तो सब कुछ मुमकिन है। लक्ष्य को पाने की जुनून इंसान को हर मुश्किल परिस्थिति से लड़ जाने की हिम्मत देता है।
जब ठान लिया जाए तो हर मुश्किल आसान और हर कठिनाई छोटी लगने लगती है लेकिन कठिनाई अगर अपने ही घर वाले खड़ी करने लगें तब इंसान समझ नहीं पाता कि आखिर वह सुने किसकी, अपने मन की या घर वालों की। निधि सिवाच भी तब समझ नहीं पाई थीं जब उनके और उनके लक्ष्य के बीच उनका परिवार खड़ा हो गया था।
अपनी इस विषम परिस्थिति का निवारण करने के लिए निधि ने अपनी जी तोड़ कठिन मेहनत को अपना हथियार बनाया। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन UPSC-Union Public Service Commisiion परीक्षा में हर साल लाखों परीक्षार्थी बैठते हैं। लेकिन कुछ ही परीक्षार्थि ऐसे होते हैं जो अच्छी रैंक हासिल कर पाते हैं।
आज हम आपको ऐसे ही एक लड़की की सफलता की कहानी बता रहे हैं, जिसके रास्ते में न जाने कितनी कठिन परिस्थितिआईं, लेकिन उसने हार नहीं मानी और यूपीएससी 2019 की परीक्षा में 83वीं रैंक हासिल कर अपने देश का नाम रोशन किया है। कहानी है निधि सिवाच की जब निधि ने यूपीएससी परीक्षा पास की उस समय उनकी उम्र मात्र 24 वर्ष थी।
निधि मूल रूप से गुरुग्राम, हरियाणा की हैं। निधि ने ग्रेजुएशन भी हरियाणा के एक कॉलेज से किया और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद हैदराबाद की एक कंपनी में नोकरी करने लगीं। यहां उन्होंने दो साल काम किया पर उनका मन नहीं लगा। वे कुछ ऐसा करना चाहती थी,जिससे देश का नाम रोशन कर पाए। लेकिन उस परिस्थिति में उनके मन मे कुछ भी कर पाना सम्भव नही था, लेकिन उन्होंने ने हार नही मानी अपने सपनो को उड़ान देना शुरू कर दिया।
इस विचार के साथ निधि ने एएफसीएटी परीक्षा दी और लिखित परीक्षा पास कर ली। इसके बाद के दिए एसएसबी इंटरव्यू ने उनकी जिंदगी बदल दी। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें डिफेंस की जगह सिविल सर्विसेस चुननी चाहिए।बस यहीं से निधि को सिविल सर्विसेस का विचार आया और वे तैयारी में जुट गईं।
महम की निधि सिवाच बनी IAS
निधि सिवाच का IAS में 83 वॉ रैंक आने पर ननिहाल पहुने पर हुआ जोरदार स्वागत । सरपंच बिजेन्द्र मलिक ने सम्मान की प्रतिक पगडी बांध कर व अन्य ग्रामिणों ने फूलमालाओं से उनका स्वागत किया । pic.twitter.com/YbdkLSvdgT
— Lesh Gena (@Angadgena) April 12, 2019
निधि जब तैयारी कर रही थीं तो उनके पिता ने साफ कह दिया था कि अगर वे किसी भी एग्जाम में फेल हो जाती हैं तो उनकी शादी करा देंगे। हालांकि ऐसा नहीं था कि वे निधि के पढ़ाई के विरुद्ध थे, लेकिन सामाजिक दबाव के चलते वे चाहते थे कि बेटी की शादी करा देंगे।
निधि ने बताया था घर में बंद रहने का मतलब यह नहीं होता है कि आप बाहर की दुनिया के कॉम्पिटिशन से दूर हो जाये। ऑनलाइन सब सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, उनका इस्तेमाल करना आना चाहिए और देखें की इतने स्टूडेंट्स में आप कहा खड़े है। आपकी तैयारियों का लेवल क्या है।
निधि खूब मॉक टेस्ट देती थीं और खुद ही इंटरनेट पर मौजूद टॉपर्स के उत्तरों से उन्हें मैच भी करती थीं। वे कहती हैं, यूपीएससी आपके बहुत से हुनर की परीक्षा लेता है जैसे पेशेंस, परिश्रम, नॉलेज का इंप्लीमेनटेशन आदि। अगर सही दिशा में सही इरादे के साथ बढ़ेंगे तो भले देर से लेकिन सफलता जरूर मिलेगी। सफलता अपने के लिए अपने होसलो को कभी कम नही होने देना। हर कठिन परिस्थितियों का डट कर सामना करना।



