IAS ऑफिसर आदित्‍य ने अपने दम पर बदल दी स्टूडेंट्स की जिंदगी, अब मुफ्त में देंगे UPSC की कोचिंग

0
8854
Story Of UPSC Topper Aditya Ranjan Rank 99 in UPSC Exam. Aditya Ranjan, an IAS officer from Jharkhand, is working on ground with workers to improve the healthcare and education system.

Koderma: शिक्षा प्राप्त करने का लक्ष्य कभी भी अगर केवल नोकरी पाने तक ही सीमित रहे, तो व्यक्ति केवल रोजगार ही हासिल कर पाता है, लेकिन शिक्षा अगर ज्ञान प्राप्त करने के लिए की जाती है तो लोग एक अलग तरीके से सफलता के मुकाम को हासिल करता है।

झारखंड (Jharkhand) के छात्रों के शिक्षा हासिल करने के ख्वाबों को पूरा करने के लिए एक आईएएस अधिकारी (IAS OFFICER) ने अनूठी पहल शुरू की है। विद्यार्थियों को डिजिटल साक्षर बनाने के लिए झारखंड के कोडरमा (Koderma) जिले के डीसी, आदित्‍य रंजन (Deputy Commissioner Aditya Ranjan) उन्‍हें कंप्यूटर का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

इसके अलावा उन्‍होंने जिला प्रशासन की ओर से ‘एक्सीलेंट 200’ भी प्रारंभ की है। इसमें चयनित छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग दी जाएगी। उन्‍हें यूपीएससी और सिविल सेवा की परिक्षाओं (UPSC Exam) की बारीकियों के विषय में बताया जाएगा।

मीडिया से साक्षात्कार के दौरान उन्‍होंने यह बताया कि कैसे उनके मन में यह विचार आया। IAS अधिकारी आदित्‍य रंजन ने बताया कि वर्ष 2017 में 14वें वित्त आयोग (Finance Commission) में कंप्‍यूटर ऑपरेर्टस की भर्ती निकली थी।

उस वक़्त झारखंड के बहुत से लोगों ने इसके लिए आवेदन दिया। परीक्षा हुई लेकिन केवल 8 से 10 फीसदी लोगों का ही इसमें चयन हो पाया था। इसका कारण यह था क्‍योंकि उन्‍हें कंप्‍यूटर की बेसिक जानकारी भी नहीं थी।

आदित्‍य रंजन ने बताया ‘जो लोग उस परीक्षा में आसफल हो गए थे, मैंने उन्‍हें प्रशिक्षण देना प्रारंभ किया।’ चाईबासा (Chaibasa) जिले में पोस्टिंग के समय उन्‍होंने सबसे पहले 2100 लोगों को कंप्‍यूटर का प्रशिक्षण दिया, जिसमें से आज तकरीबन 700 लोग कहीं न कहीं नौकरी कर रहे हैं।

इसी मुहीम को उन्‍होंने कोडरमा में प्रारंभ किया है। उनका मानना है कि डिजिटल साक्षरता विद्यार्थियों के भविष्‍य को संवारने का कार्य करेगी। आईएएस अधिकारी (IAS Officer) ने जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम (डीजीएस) की शुरुआत किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर विद्यार्थि को कंप्यूटर शिक्षा हासिल हो।

इस कार्यक्रम में लंबा पाठ्यक्रम शुमार है, जिसमें 32 मॉड्यूल शामिल हैं, जो कंप्यूटर के सभी मूल सिद्धांतों को कवर करते हैं। डीजीएस सेंटर्स का उत्तरदायित्व ई-डिस्ट्रिक्ट मैंनेजर राजदेव महतो (Rajdev Mahato) संभालते हैं।

IAS आदित्‍य रंजन ने बताया कि कोडरमा जिले में अलग अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर एक्सीलेंट-200 नामक खास शिक्षण संस्थान शुरू की जा रही है। इसके लिए कुल 1400 विद्यार्थियों (इंटर और ग्रेजुएट) ने अप्‍लाई किया था। 800 विद्यार्थियों ने परीक्षा दिया जिसमें से पहले बैच (पहले सेंटर) के लिए 200 विद्यार्थियों को चयनित किया गया है।

कोडरमा के डीसी (Koderma DC) ने बताया कि 22 अक्‍टूबर से इन छात्रों की कोचिंग प्रारंभ हो जाएगी। इसमें इन्‍हें जीएस, गणित, अंग्रेजी, हिंदी और रीजनिंग की शिक्षा दी जाएगी। उन्‍होंने बताया कि आने वाले वक़्त मे जिले में 3 और सेंटर खोले जाएंगे।

जानिए IAS आदित्‍य रंजन के विषय में

आदित्य रंजन की प्रारंभिक शिक्षा गवर्नमेंट स्‍कूल से हुई। आदित्य ने जनता की सेवा करने के लिए सिविल सेवा (Civil Service) को चुना। आज वो पूरी लगन से झारखंड में जनता का जीवन संवार रहे हैं। आदित्य एक कंप्यूटर इंजिनियर रहे हैं। वो एक बहुराष्ट्रीय कंपनी ओरेकल में काम करते थे।

आदित्य ने नौकरी से इस्तीफा देकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की। लगभग एक वर्ष तक वो खाली बैठे और सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। कड़ी मेहनत का फल ये मिला कि उन्होंने वर्ष 2014 में 99वा रैंक प्राप्त किये और अपने सपने को साकार करते हुए वे IAS अधिकारी बन गए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here