जब बेटी DSP बनकर अपने गांव पहुंची, तब गांववालों ने बिटिया का बैंड बाजे के साथ स्वागत किया

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Sivan daughter Rita DSP
Sivans daughter Rita became DSP a wave of happiness in the village. Dalits daughter reached her village in Bihar as DSP.

Siwan: कहते है सफलता अमीरों की चाकरी नहीं करती वो तो केवल मेहनत देखती है। जो भी व्यक्ति किसी चीज़ को शिद्दत से चाहता है और दिल लगा कर मेहनत करता तो उसे अपने लक्ष्य को पाने से कोई नहीं रोक सकता फिर चाहे कोई गरीब हो या अमीर।

ऐसा लोगो से कहते सुना है कि किसी अच्छी सरकारी नोकरी पाने के लिये खूब नामचीन कोचिंग सेंटर से पढाई करना बेहद जरुरी होता है, वरना सफलता नहीं मिल पाती परंतु यह एक मिथ है, क्योंकि एक अभावग्रस्त व्यक्ति भी सफलता पा सकता है केवल मेहनत के बलबूते पर।

देश में करोडो युवा प्रतिदिन अपने लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे होते है। इन में गरीब और आमिर दोनों शामिल है, क्योंकि हर युवा चाहता है कि वो पढ़ लिख कर अच्छी नोकरी करे और अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सके। इन्ही में से एक बिहार की दलित परिवार की बेटी है, जिसने अपने मेहनत के बलबूते पर Bpsc परीक्षा पास की और DSP बन कर अपने माता पिता का नाम रोशन कर दिया आइये जानते है कोन है वह बेटी।

BPSC ने किया अपना परिणाम घोषित

बिहार ने कुछ समय पूर्व ही BPSC के 66 वीं बार पदों की भर्ती के लिये परीक्षा आयोजित की थी और अब उसका परिणाम घोषित हुआ है। परिणाम घोषित होते ही राज्य में कई युवा अपने ऑफिसर बनने का सपना पूरा कर चुके है। बिहार के अलग-अलग जिले के कई युवाओ ने अच्छे अच्छे रैंक हासिल किये है और अब बिहार के प्रशासन के कई विभागों पर अपनी सेवा दे रहे है।

उनकी कामयाबी पर उनके क्षेत्र और क़स्बे के लोगों ने उनका काफी भव्य स्वागत किया। इन्ही सब में एक बेटी भी शामिल है जो बिहार के सीवान इलाके की निवासी है। वह बेटी DSP बन अपने गांव लौटी, तो लोगों ने उसका ऐसा स्वागत किया की सब देखते ही रह गए।

DSP बिटिया जब घर पहुची तो घर वालो ने बेंड बाजे से किया स्वागत

सीवान की बिटिया जब DSP बन जब अपने घर पहुची, तो पहले तो गांव के लोगों ने उसका भव्य स्वागत किया इसके बाद घर में बेटी के आते ही जोर जोर से ढोल ताशे बजने लगे और उस पर फूलों की बारिश होने लगी यह देख बेटी भी बेहद खुश हुई।

आपको जानकर हैरानी होगी की जब BPSC का परिणाम आया और सीवान के लोगों को पता चला तो उनके लिए उनके गांव की बेटी कोई सेलिब्रिटी की तरह बन गई और घर आई तो गांव और परिवार ने भी उसे खूब स्नेह दिया।

जीप में बिठाकर पूरा सीवान घुमाया गया

सीवान की DSP बिटिया का नाम रीता (Rita) है, रीता के स्वागत में फूलो के बारिश के साथ ढोल नगाड़े लेकर उन्हें खुली जीप में बैठाकर पुरे गांव में घुमाया गया फिर उनको एक जगह ले जाया गया, जहाँ उनका स्वागत समारोह का आयोजन किया गया था, वहां ले जाकर उनका फूल हार से स्वागत किया गया।

जानकारी के अनुसार रीता बिहार (Bihar) राज्य के सीवान (Siwan) जिले के हसनपुरा कस्बे की एक दलित बस्ती की रहने वाली है। उनके पिता एक पूर्व शिक्षा पदाधिकारी थे, उनका नाम सुदर्शन दास हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं है। रीता कुमारी (Rita Kumari) ने BPSC की परीक्षा में 682वा रैंक हासिल किया है और DSP पद के लिए चुनी गई है। रीता के DSP बनने से पूरे गांव में ख़ुशी का मोहोल है।

गांव की बेटी के DSP बनने पर पूरे गाँव में घूम मची हुई है

गांव वासियो ने रीता के स्वागत के लिए बैंड बाजा और फूल हार की व्यवस्था की हुई थी। साथ ही DSP रीता कुमारी के आगमन पर एक सभा का आयोजन भी हुआ था। जिसमें लोगों ने रीता से अपनी बातें साँझा की और रीता ने अपने DSP बनने तक की कहानी उन्हें सुनाई।

हसनपुरा की बिटिया का DSP बनने से पूरे गांव में खुशी का माहौल है और रीता ने भी इस खास मौके पर अपने भाषण में कहा कि आज वे जो कुछ भी है, अपने पिता और भाई के कारण है, उनके बिना रीता का कोई अस्तित्व नहीं है। रीता ने अपने ही जैसे कई विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि यदि इंसान चाहे तो हर नामुमकिन चीज़ को भी हासिल कर सकता है।

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