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Delhi: पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 40 लाख 81 हज़ार से अधिक हो गए हैं। कोरोना संक्रमण से अपने प्राण गवाने वालों की संख्या 2 लाख 81 हज़ार से अधिक हो गई है। ब्रिटेन में COVID-19 संक्रमण के 2 लाख 20 हज़ार से अधिक मामले मिले है। इस वक़्त पूरी दुनिया में राज करने वाले ब्रिटेन में कोरोना से प्राण जाने वालों की संख्या 31,930 हुई है।
कोरोना महामारी से अमरीका सबसे अधिक प्रभावित देश। अमरीका में कोरोना संक्रमण से अभी तक 79 हज़ार से अधिक लोगों की जान चली गई है। वही रूस में एक बार फिर 10000 से अधिक मामले आये हैं। पुतिन ने देश रूस में COVID-19 संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 209,688 हो गई है। पिछले कई दिनों से रूस में हर रोज़ 10000 कोरोना संक्रमण के मामले आ रहे हैं।
भारत में कोरोना वायरस (COVID-19) के मामले अभी भी तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में COVID19 के 4213 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में कोरोना वायरस के 67,152 मामले सामने आ गए हैं। इनमें से 44,029 एक्टिव केस हैं। 20,917 लोग ठीक हो गए हैं और 2206 लोगों के प्राण जा चुके है।
अब कोरोना वायरस के फैलाव को लेकर एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। कोरोना वायरस के सबसे पहले सोर्स को लेकर पहले से ही सस्पेंस में चल रहे चीन की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। अब जर्मनी की समाचार पत्रिका ‘डेर स्पीगल’ ने यह दावा किया है कि चीन ने कोरोना वायरस फैलने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से COVID-19 की वैश्विक चेतावनी जारी करने में देरी करने का आग्रह किया था।
Invest now to fight next pandemic, says WHO chief @DrTedros pic.twitter.com/AG2Vgs71gi
— Sawrac Media Corp. (@SawracMedia) May 7, 2020
इस विदेशी पत्रिका के मुताबिक़, इस खबर की चेतावनी देने में देरी करने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने स्वयं WHO प्रमुख टेड्रोस एडहैनम को कॉल किया था। इसमें यह अनुरोध किया कि WHO इसकी चेतावनी जारी करने में देरी करें। इस समाचार पत्रिका ने जर्मनी की फेडरल इंटेलिजेंस सर्विस से मिली जानकारी के हवाले से यह दावा किया है।
आपको बता दें की विदेशी पत्रिका के अनुसार, कोरोना वायरस फैलने के समय जनवरी में यह फोन कॉल करके चीन के राष्ट्रपति ने WHO प्रमुख टेड्रोस से अनुरोध किया था। अब WHO ने इस मीडिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है। WHO ने एक के बाद एक ट्वीट करके कहा कि शी चिनफिंग और टेड्रोस के बीच कभी कोई बातचीत नहीं हुई।
China's president Xi Jinping 'personally requested WHO hold back information about human-to-human transmission and delay a pandemic warning' at the start of the COVID-19 outbreak, report states https://t.co/yf0uUvztdu via @MailOnline
— Climate Realists & Unacceptable Views (@ClimateRealists) May 10, 2020
Media reports has came that China’s president Xi Jinping ‘personally requested WHO hold back information about human-to-human transmission and delay a pandemic warning’ at the start of the COVID-19 outbreak.
WHO ने उस ख़बर का खंडन किया है जिसमें ये दावा किया गया था कि चीन ने WHO से कोरोना वायरस पर वैश्विक चेतावनी जारी करने में देरी करने के लिए कहा था। इस तरह की गलत रिपोर्टो से कोविड-19 महामारी से लड़ने के WHO और विश्व की साड़ी कोशिशों को निकसान पहुंचता है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी WHO पर ऐसे ही आरोप लगाए थे। उस वक़्त भी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उन आरोपों को खारिज कर दिया था।
अब कोरोना का एक और रूप देखने को मिला है। कोरोना वायरस के नए लक्षण सामने आ रहे हैं। कोरोना संक्रमितों के फेफड़ा और हार्ट डैमेज के साथ स्ट्रोक और ब्रेन डैमेज नए लक्षण हैं, जो नए संक्रमितों में दिखाई दे रहे हैं। अब डॉक्टर्स का कहना है कि इस वायरस का असर इंसान के शरीर पर लंबे समय तक बना रहेगा।
No harm in knowing WHO Chief Tedros is a former PilitburoMember of Tigrey Peoples Luberation Front that waged guerilla war against Mengistu regime of Ethiopia. Not surprising China managed his WHO job n allowed Covid19 ravage the world. pic.twitter.com/sKkMMFK6X4
— mohamala Vijaya Raghava (@raghava838) May 3, 2020
एक खबर के मुताबिक़ डॉक्टरों ने बताया है कि जो लोग COVID-19 वायरस से ठीक हो चुके हैं, उनमें भी कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा। वहीं, ब्रिटेन के डॉक्टरों का कहना है कि आंकड़े ये बताते हैं कि कोरोना के लक्षण किसी मानव में 30 दिन या उससे अधिक दिनों में भी सामने आ सकते हैं, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि 14 दिन का समय बहुत है। अब यह बाद बदल गई है। इस नई रिपोर्ट में पता चला है कि कुछ मरीजों को ये वायरस लंबे समय तक दिक्कत पैदा कर सकता है।




