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Delhi: भारत के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने एक नारा दिया था की “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ”, आज हम आपको बताएँगे की बेटी को पढ़ाने से ऐसी सफलता मिलती है की ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं रहता। संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल करके राबर्ट्सगंज की साक्षी गर्ग ने जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने अपने पिता के सपने को पूरा किया।
आपको बता दे की दिल्ली में रहकर तैयारी करने वाली साक्षी के घर आने पर परिवार के लोगों ने उन्हें फूल माला पहनाकर स्वागत किया था। परिवार के लोगों के साथ ही दूर दूर के रिश्तेदारों ने मिठाई खिलाकर मेधावी बेटी को बधाई दी थी। बेटी की कामयाबी पर सबसे ज्यादा खिशी उनके पिता को है।
अपनी सफलता के बात अपने आवास पर साक्षी ने पत्रकारों से बातचीत की थी और अपने बारे में बताया था। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया की उन्होंने कहा कि संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा में सफल होना और आइएएस (IAS) बनकर देश की सेवा करने का मकसद हमने दसवीं कक्षा में ही बना लिया था।
IAS इंटरव्यू में पूछा गया: ‘हिंदू या मुस्लिम में किसे करोगे सपोर्ट?’ ये जवाब देकर साक्षी गर्ग हुई सिलेक्ट – https://t.co/DseMV2sXWz pic.twitter.com/dldsB36p42
— Zeet Samachar (Jeet Samachar) (@ZeetSamachar) October 20, 2019
साक्षी देश की सबसे बड़ी समस्या महिलाओं का पिछड़ापन और उनका जागरूक न होना बताती है। उन्होंने इस पर ध्यान देने की बात कही। इनके दादा रतनलाल गर्ग जो व्यापार मंडल प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष हैं, दादी अनारकली गर्ग, मां रेनू गर्ग को अपनी बेटी पर बहुत नाज़ है। उन्होंने सभी के सहयोग के साथ ही इस उपलब्धि के लिए श्रेय अपने शिक्षकोंको भी दिया।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आइएएस बनना पहले मेरे पिता कृष्ण कुमार गर्ग को था, परन्तु किन्हीं कारणों से वे इसमें इसमें सफल नहीं हो सके। फिर मैंने अपने पिता के सपने को पूरा करने का मन बना लिया। उसके बाद चार साल की कड़ी मेहनत के बाद यह सफलता मिली है। यह उनका दूसरा प्रयास था और वे सफल रही। बेटी ने बताया की वे आगे भी परीक्षा देंगी, ताकि और अच्छी रैंक आ सके। इस बार साक्षी की 350 वीं रैंक आई थी।



