अनपढ़ होने के बावजूत बिहारी शख्श ने हेलीकॉप्टर बना डाला, करोड़ों का ऑफर जाने पर लिया यह फैसला

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Amarjeet Paswan Bihar made Helicopter story. Made in Bihar Helicopter by Bihari Boy Amarjeet Paswan. Bihar Made Helicopter FLY Without Fuel: Ek Number News

Photo Credits: Twitter

Patna: भारत के राज्य बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और यहाँ के लोग जो सोच लेते है, वह करके ही देखते है। बिहार के गोपालगंज जिले के बरौली प्रखंड के बेलसंड गांव निवासी अमरजीत मांझी नाम युवक कुछ समय पहले हेलिकॉप्टर बनाने के चलते चर्चा में आये थे। अभी वे उसे उड़ाने में व्यस्त हैं।

अमरजीत अनपढ़ है, लेकिन उनके हौसले बहुत बुलंद हैं। जीवन का एक ही लक्ष्य है कि हेलिकॉप्टर बनाकर उसे उड़ाना हैं। बिहार के अमरजीत पासवान के हेलीकाप्टर बनाने की बात आज मीडिया और सोशल मीडिया में भी आ रही है। ऐसे में भारत के बाहर से उनको ऑफर भी मिला, लेकिन अमरजीत देश के लिए कुछ करने के अपने विचार के चलते नहीं गए। गोपालगंज के छोटे से गाँव भेलसड़ में रहकर उन्होंने यह सपना देखा था।

जब उनके पिता से हेलीकाप्टर उड़ने के बारे में पूछा गया, तो बता चला की उन्होंने पहले पिता को मिनी हेलीकाप्टर उड़ा कर दिखाया और पिता को भरोसा दिलवाया था की यह संभव है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है की पहले अमरजीत मैकेनिक का काम करते थे और फिर वो दुबई गए और वहाँ उनको काम में मज़ा नहीं आया, तो उन्होंने वापस आकर माँ को कहा कि मुझे हेलीकाप्टर बना कर उड़ाना है।

अब बेटे की इस बात को देखते हुए माँ ने कहा कि हम गरीब कैसे तेरी मदद करेंगे, फिर उन्होंने माँ को समझाया कि वो सब कर लेंगे। तो उन्होंने अपनी जिद्द पकड़कर इस हेलीकाप्टर बनाने के काम पर लग गए और उनकी माताजी ने बताया कि बचपन से ही ऐसे गाड़ियां और मैकेनिक का शौक था, जो युवा होने पर उन्होंने इससे अपना लक्ष्य बना लिया।

अमरजीत पैसे की कमी के चलते केवल पहली कक्षा तक ही स्कुल गए थें। फिर गांव के आस-पास मजदूरी का काम किया। कुछ दिन असम में तेल रिफाइनरी मे काम सीखने के बाद कुछ सालों तक नौकरी की। फिर कुछ सालों के लिए वो विदेश गए। वहीं पर अमरजीत ने हेलिकॉप्टर बनाने की जानकारी प्राप्त की और फिर घर आने के बाद इस काम में लग गए।

बताया जाता है की हेलीकाप्टर का लगभग 80 फीसदी काम पुरा हो चुका है। इंजन से लेकर ड्राइवर की सीट, पंखे, समेत ढांचा बन गया है। इंजन से जुड़े कुछ काम के बाद इसकी फाईनल टेस्टिंग होगी, फिर उड़ान लगाने की कोशिश की जाएगी। अमरजीत के पास जब पैसा का अभाव हुआ तो पिता ने जमीन बेच कर मदद की। आज अमरजीत के इस काम को देखने के लिए दूर दूर से से लोग आते हैं।

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