
सबसे अमीर की लिस्ट में सभी बड़े उद्योग पति अपना नाम चाहते है, लेकीन इन सबसे अलग एक शख्स है जो इन सबसे अलग है। हर इंसान अपने आपको बड़े लोगो के दर्जे में शामिल करना चाहते है। सबसे बड़े उद्योग पति में एक नाम रतन टाटा का है। जो बड़े उद्योग पति में तो शामिल है, लेकिन सबसे अमीर लोगो की सूची में उनका नाम नही, क्योकि उनकी जो भी कमाई होती है उसका आधे से ज्यादा वो दान में दे देते है।
यही बात उनको सबसे अलग रखती है। उनको अपनी कंपनी से जो भी मुनाफा होता है वो उसे समाज के नेक काम मे इस्तेमाल कर देते है। कंपनी से जो भी मुनाफा होता है वो उसे अपने निजी स्टेटमेंट में नही जोड़ते है। इतना कारोबार होने के बाद भी उनकी कंपनी का मुनाफा कभी 100 करोड़ को पार नही करता है। हर कोई शख्स उनके जैसा बनाना चाहते है। उनके जैसे बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।
रतन टाटा कभी भी राजनीति में नहीं आये
रतन टाटा ने कभी भी अपने आपको राजनीति में नही उतरने दिया। उन्होंने अपना सारा ध्यान अपने काम पर ही लगाया। काम को ही उन्होंने अपनी प्राथमिकता समझा। हर कोई शख्स उनसे सवाल करता था कि वो राजनीति में क्यो नही अपना कदम रखते। इस बात का जवाब देने से वो हमेशा बचते रहे क्योकि उन्होंने अपने काम को ही महत्व दिया है अपनी लाइफ में।
आज जिस जगह पर वो है उनकी कामयाबी ही उनको इस शिखर में ले गई है। उन्होंने अपने काम को हमेशा पूजा की तरह माना। उनका काम ही उनकी पूजा है। जिस भी चीज को हम प्राथमिकता देते है वो हमें सफल बनाने में साथ देती है। हर सफलता के पीछे उसका सम्मान और प्राथमिकता होती है।
अपने से बड़ो को हमेशा सम्मान देना उनका आदर करना। जितने भी रतन टाटा के करीबी से बातचीत की उनका यही कहना है कि उन्होंने कभी अपने आपको बड़ा नही समझा, हमेशा सभी का सम्मान किया, शांत स्वभाव से सबका आदर किया। उन्होंने अपने साथ काम करने वाले छोटे लोगो को हमेशा प्यार दिया। हमेशा उनका सम्मान किया।
रतन टाटा के करीबी उनकी तारीफ़ करते हैं
अगर जीवन मे सफलता हासिल करनी हो तो उसकी पहली सीढ़ी लोगो का सम्मान करना आदर करना होती। जिस दिन इंसान अपने से छोटे बड़ो का आदर करना सम्मान करना शुरू कर देगा उस दिन सफलता उससे ज्यादा दूर नही होगी। रतन टाटा का कहना है कि कभी भी लोगो से कही हुई बात से पीछे नही हटना चाहिए। अपने किये हुए वादे को पूरी ईमानदारी के साथ पूरा करना चाहिए।
जीवन मे मुश्किले तो आती है, लेकिन अपने द्वारा किये हुए वादे को पूरा करे। हर परिस्थितियों से लड़ना सीखे। रतन टाटा का कहना है कि किसी भी कम की शुरुआत तो हमे अकेले ही करना होती है, लेकिन जैसे जैसे काम बढ़ता है तब हमें लोगो के साथ कि आवश्यकता होती है सभी के साथ से ही हम एक बड़े मुकाम को हासिल कर सकते है।




