एक्टर आर माधवन के बेटे ने फिरसे देश का नाम रोशन किया, तैराकी में गोल्ड मेडल लाकर मिसाल पेश की

0
1324
Vedaant Madhavan
Vedaant Madhavan Gold Medal in 800M Freestyle Swimming. Actor R Madhavan's son, Vedaant Madhavan is an Indian swimmer who has won medals.

Photo Credits: Twitter

Mumbai: हमारी फिल्‍मी दुनिया इतनी ग्‍लैमरस है, कि इस दुनिया में पैदा होने वाला हर स्‍टार किड इस दुनिया में ही खो जाता है। वैसे तो हमारे बॉलीवुड में बहुत से हीरो हीरोईन के बच्चे है, जिन्‍होनें बॉलीवुड (Bollywood) में ही काम किया है और अपने काम से पहचान पाई है।

जैसे रितिक रोशन, रणबीर कपूर, वरूण धवन, अभिषेक बच्‍चन, टाइगर श्रोफ, श्रद्धा कपूर। लेकिन आज हम एक ऐसे स्‍टार किड कि बात कर रहे है, जिसने अपने लिये एक अलग राह चुनने का फैसला किया और खेल की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।

वह इस फिल्‍मी दुनिया से निकलकर अलग क्षेत्र में अपने कार्य से देश का नाम रौशन कर रहे है। हम बात कर रहे है। आर माधवन (R Madhavan) के बेटे वेदांत माधवन (Vedaant Madhavan) की जिनकी पहचान उनके पिता से थी। लेकिन आज उन्‍होंने अपनी मेहनत से वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिस वजह से उनकी अलग पहचान बन चुकी है।

गोल्ड मैडल (Gold Medal) किया अपने नाम

वेदांत माधवन जिनका जन्‍म 21 अगस्‍त 2005 में सोमवार को मुम्‍बई में हुआ था। इन्‍होंने कोपेनहेगन डैनिश ओपन 2022 स्‍वीमिंग में गोल्‍ड और सिल्‍वर मेडल जीतकर पूरे देश का नाम रोशन किया है। वेदांत ने 800 मीटर की पुरूषों कि फ्रीस्‍टाइल तैराकी स्‍पर्धा (Freestyle swimming) में गोल्‍ड जीता।

उन्‍होंने यह खिताब 8:17:28 के समय में ही हासिल कर लिया और इसी टूर्नामेंन्‍ट में 1500 मीटर फ्रीस्‍टाइल तैराकी स्‍पर्धा में सिल्‍वर मेडल जीता। बेटे कि उस जीत पर उनके पिता आर माधवन ने अपने फैंस के साथ इंस्‍टाग्राम पर एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुये अपनी खुशी जाहिर की है।

उन्‍होंने लिखा है, कि आप सभी के आशीर्वाद और भगवान की कृपा से जीत जारी है। आज 800 मीटर में वेदांत ने गोल्‍ड जीता है, साथ ही उन्‍होंने कोच प्रदीप सर, एसएफआई और एएनएलए के साथ पूरी टीम को धन्‍यवाद किया।

कितने खिताब किये अपने

वेदांत माधवन ने इसके पहले भी कई खिताब अपने नाम किये है। 16 साल के वेदांत का यह सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा है। उन्‍होंने सिर्फ अपने पिता को ही नहीं बल्कि पूरे देश को गौरवान्‍वित किया है।

वेदांत माधवन ने मार्च 2021 में भी लातविया ओपन में कांस्‍य पदक जीता था। वही पिछले साल उन्‍होंने जूनियर नेशनल एक्‍वाटिक चैंपियनशिप में 7 पदक हासिल किये थे। जिसमें 7 रजत ओैर 3 कांस्‍य पदक शामिल थे।

अक्षय कुमार ने भी दी बधाई

वेदांत कि इस उपलब्धि पर अक्षय कुमार ने भी उन्‍हें बधाई दी है। आर माधवन के पोस्‍ट को रिट्विट करते हुये सबसे पहले उन्‍होंने आर माधवन को बधाई दी। अक्षय कुमार ने लिखा कि यंग लड़के वेदांत ने हम सबको गर्व महसूस करवाया है, मुझे यकीन है, पंरेंट्स के तौर पर यह काफी अच्‍छी फीलिंग होगी। दिल से बधाई उनकी इस पोस्‍ट पर सभी कमेंटस करके वेदांत को बधाई दे रहे है और उनकी काफी तारीफ भी कि जा रही है।

एक्‍टर सिकंदर खेर ने भी दी बधाई

आर माधवन ने जो विडियो शेयर किया उसमें वेदांत रजत पदक विजेता अलेक्‍जेंडर एल व्‍योर्न और कांस्‍य पदक जीतने वाले फ्रेडरिक लिंडहोम से हाथ मिलाते हुए दिखाई दे रहे है। वेदांत कि इस उपलब्धि पर एक्‍टर सिकंदर खेर ने भी उन्‍हें बधाई दी है। उन्‍होंने पोस्‍ट में लिखा कि शानदार। जय हिन्‍द।। कमेंट किया वही बहुत से फैन ने भी कमेंट किया और उन्‍हें बधाई दी। एक फैन ने लिखा गौरवशाली पिता और पूरे परिवार को बधाई।

अपनी पहचान बनाना चाहते है

आर माधवन के बेटे ने अपनी काबिलियत के दम पर यह मुकाम हासिल किया हे। उन्‍होंने यह रास्‍ता इसलिए चुना क्‍योंकि वह अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहते थे। वह बॉलीवुड कि दुनिया से निकल कर अपने लिए एक अलग रास्‍ता बनाना चाहते थे। वेदांत ने डीडी नेशनल पर दिये एक इंटरव्‍यू में कहा कि मैं अपने पिता की छांव में नहीं रहना चाहता, मैं अपना नाम बनाना चाहता हूँ, मैं सिर्फ आर माधवन का बेटा बनकर नहीं रहना चाहता।

वेदांत की वजह से दुबई शिफ्ट हुआ परिवार

पिछले साल ही आर माधवन अपने परिवार के साथ दुबई शिफ्ट हो गए थे। ताकि वेदांत ओलिंपिक खेलों के लिए अच्‍छे से तैयारी करें। वेदांत ने कहा कि उनके माता-पिता उनका बहुत ख्‍याल रखते है। उन्‍होंने कहा कि मेरे माता पिता हमेशा मेरे फ्यूचर के बारे में सोचते है और हमेशा मेरी देखभाल करते है। दोनों मेरे लिए काफी मेहनत करते है। मेरे माता पिता ने जो बलिदान दिया है, उसमें सबसे बड़ी बात दुबई शिफ्ट होना है।

यूँ तो फिल्‍म इंडस्‍ट्री (Film Industry) में अपने माता पिता के कदमों पर चलना आम बात है लेकिन वेदांत माधवन ने अलग राह चुनने का फैसला किया और उसमें सक्‍सेस भी हासिल की। आज जो उनकी पहचान है, वह आर माधवन के बेटे (R Madhavan Son) के तौर पर नहीं है, बल्‍कि अपनी खुद कि काबिलियत के दम पर है। उनकी इस सफलता के लिए हम उन्‍हें बधाई देते है और उनके बेटर फ्यूचर के लिए बधाई देते है, ताकि वह इसी तरह से आगे बढ़े और देश का नाम रोशन करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here