
Delhi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि नए जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Missiom) के अंतर्गत अगले पांच सालों में साढ़े 3.5 लाख करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे। इस प्लाइनिंग के माध्यम से 2024 तक हर ग्रामीण घर में नल से पानी मुहैया कराए जाने का उद्देश्य है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया इस पहल का उद्देश्य महान समाजवादी नेता रहे राममनोहर लोहिया के शौचालय और जल मुहैया कराने के सपने को साकार करना है ताकि महिलाओं की परेशानी खत्म हों सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया, “1970 के दशक में राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि महिलाओं को दो परेशानियों का सामना करना पड़ता है जल और शौचालय।
सरकारें बनती हैं और चली जाती हैं। लेकिन हमने लोहिया के सपने को साकार करने का फैसला लिया है। हमने हर महिलाओं के लिए शौचालय उपलब्ध कराने और जल संकट को दूर करने का काम किया है।” उन्होंने सूखे की मार से प्रभावित मराठवाड़ा क्षेत्र में महाराष्ट्र सरकार के जल ग्रिड की पहल की तारीफ की और प्रॉमिस किया कि स्क्रीम के साकार होते ही हर घर में पानी की उपलब्धता बढ़ जाएगी।
प्रधानमंत्री राज्यस्तरीय “महिला साक्षम मेलावा” या स्वयं सहायता समूहों की सशक्त महिलाओं की मीटिंग को संबोधित कर रहे थे जिसका आयोजन महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने रखा था। उन्होंने 10 हजार एकड़ में फैले औरंगाबाद औद्योगिक शहर का भी शुभारंभ किया जो देश का प्रथम हरित औद्योगिक स्मार्ट सिटी है और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कोरीडोर का भाग है।
Government to spend Rs 3.5 lakh crore on mega water scheme in 5 years, says PM @narendramodi https://t.co/NE0d0QpPzV pic.twitter.com/Ph655VwFok
— Hindustan Times (@htTweets) September 7, 2019
Maharashtra राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भरोसा जताया कि 20 हजार करोड़ रुपये की ग्रिड स्कीम को केंद्र सरकार पूरा योगदान देगी जिससे कोंकण क्षेत्र से पानी को मराठवाड़ा में गोदावरी बेसिन तक लाया जा सके और इसे तीव्र गति से पूरा किया जा सके।
PM Narendra Modi ने कहा कि उनकी सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को हर तरह से सहयोग और योगदान दिया है जैसे ऋण के ब्याज पर सब्सिडी आदि और उनकी भूमिका की तारीफ की।



