
Bhopal: शिक्षक को यूंही देश का भाग्य निर्माता नहीं कहा जाता। हम जानते है कि एक शिक्षक ही होता है जो स्टूडेंट का, सभी बच्चो का भविष्य बनाने की हिम्मत रखता है। बच्चो का पथ प्रदर्सक बनकर एक शिक्षक समाज में एक नये बदलाव की नींव रखता है।
एक ऐसे ही महान शिक्षक थे जिनका नाम जॉर्ज शेफर्ड पार्कर (George Safford Parker) था। जोकि अमेरिका में 1880 के समय टेलीग्राफी स्कूल में पढ़ाया करते थे। इसके अलावा वह दूसरा काम भी करते थे, वह जॉन हॉलेंड गोल्ड (John Holland) कंपनी के फेमस पेन जिसे फाउंटेन पेन कहते है उसे बेचने का काम भी किया करते थे।
इस कार्य को करते समय ही पार्कर के मन में एक नये पैन के अविष्कार (Pen Innovation) करने का विचार आया। जिसके चलते उन्होंने फैमस पार्कर पैन बना दिया। आइये पार्कर पेन के बनने की पूरी कहानी को समझते है।
जॉर्ज पार्कर जिन्होंने फाउंटेन पेन की लीकेज समस्या का निवारण किया
जॉर्ज पार्कर जिस पैन को बेचने का काम करते थे, दरअसल वह पेन ऐसे पेन थे जोकि लीक हुआ करते थे। पेन लीक होने के कारण अक्सर ही बच्चो के कपड़े खराब होने कि शिकायत आया करती थी। वही स्याही लीक होने के कारण पेन भी जल्द ही खाली हो जाता था। क्वालिटी खराब होने के कारण पार्कर ने इस समस्या का समाधान ढूँढने का प्रयास किया।
उन्होंने कई ऐसे उपकरण उपयोग में लिये जिससे फाउंटेन पेन (Fountain pen) की क्वालिटी सुधर सके। जब उनके किये गये प्रयास से स्याली लीक की समस्या का निवारण हो गया तो लीकेज की समस्या के समाधान हो जाने के बाद उन्होंने इसे अपने नाम पर पेटेंट करवा लिया।
पेटेंट करवाने के बाद जॉन पार्कर ने की पार्कर पेन कंपनी की शुरूआत
जब वह इसमें सफल हो गये तो वह इस बिजनेस में आगे बढ़ने की प्लानिंग करने लगे। लेकिन हर बिजनेसमेन की तरह उनको भी हार का डर सताता था। पर अपने डर को अलग रखकर उन्होंने इस पेन के क्षेत्र में आगे बढ़कर काम किया।
वही लकी कर्व फीड का फॉर्मूला भी निकालकर उन्होने बची स्याही को निकालने का उपाय खोज लिया। इस समाधान को दूर करने के बाद इस कार्य को भी जॉर्ज पार्कर ने अपने नाम से पेटेंट करवाया। फिर 1888 में पार्कर ने पार्कर पेन कंपनी की शुरूआत कर ली।
पामर ने की 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी उसके बाद कंपनी ने भरी ऊँची उड़ान
जॉर्ज पार्कर भले ही एक बिजनेसमेन बन गये थे, पर पैशे से वह एक शिक्षक थे। जिस कारण उनको मार्केटिंग करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था क्योंकि इस चीज का उनको अनुभव नही था। यह समय वह था जब मार्केट में जॉन हॉलेंड, विलियम पेन, तथा एच बी स्मिथ पेन अपने पैर पसार चुकी थी।
ऐसे में मार्केट में अपनी जगह बनाना जॉन पार्कर के लिये सबसे बड़ा चैंलेंज था। इन सब कंपनियो से आगे निकलकर पार्कर चाहते थे कि उनका पेन सस्ता, इन सबसे बेहतर और मजबूत हो। मार्केटिंग का नॉलेज ना होने के कारण इंश्योरेंस ब्रोकर जिनका नाम पाल्मर था।
Laszlo Biro a Hungarian-Argentine inventor who patented the first commercially successful modern ballpoint pen & George Safford Parker who founded the Parker Pen Company. When we say Bhilo ye Parker , we talking of these 2 guys….. courtesy of @MrDzicko pic.twitter.com/aN1V7Eizeg
— Freeman (@freemanchari) June 19, 2021
उन्होने उनसे आर्थिक मदद के तौर पर 1000 लेकर इस कंपनी के 50 प्रतिशत कि पार्टनर शिप उनको दे दी। जब पामर ने पार्कर के शेयर और पेटेंट खरीदे तो पार्कर पूरी तरह बिजनेस में आ गये। इस समय के बाद से पार्कर कंपनी के 2 संगठन हो गये थे। जिसमें नेवेल ब्रांड्स तथा पॉलीहेड़ॉन थे।
भारत में भी कई दशको से हो रही पार्कर पेन की मेनुफेक्चरिंग
1898 तक पामर तथा पार्कर को मार्केट में काफी अच्छा रिस्पोंस मिला। जिसके बाद उन्होने मिलकर 1899 में जेनेस्विल, विस्कॉसिन तथा जॉइंटलेस मॉडल लॉन्च कर दिया। इस समय तक उनके पूरे 100 डिस्ट्री ब्यूटर हो गये थे।
George Safford Parker, a school teacher who grew tired of fixing his student's pens, created a new design, founded the Parker Pen company, and turned a simple idea into a fortune.💫
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— SWARNIMA SAPRE (@SwarnimaSapre) September 14, 2021
1908 तक उनकी कंपनी पूरी दूनिया की सबसे बडी पेन निर्माता कंपनी बन गई थी। कंपनी के निर्माता जॉन पार्कर का 1937 में निधन हो गया था। जिसके बाद में इस कंपनी के अन्य संगठन ने इसको संभाला। काफी समय से भारत मे भी पार्कर कंपनी के पैन की मुनुफैक्चरिंग हो रही है।
VMC Tribute to George Safford Parker was an American inventor who perfected the fountain pen and founded the Parker Pen Company to manufacture it. #VMC #VidyamandirClasses #VMCEngineeringBytes #GeorgeSaffordParker #Inventor #ParkerPenCompany #IITJEE #IITJEEEvents pic.twitter.com/yQwOR6mXzA
— Vidyamandir Classes Chennai (@VMCChennai) July 19, 2022
इस कंपनी की दिल्ली के लक्जर ग्रुप से पार्टनरशिप हो गई है। पार्कर पेन (Parker Pen) सिर्फ भारत में ही नहीं अन्य दूसरे देश मे भी प्रसिद्ध है। इस कंपनी के 2012 तक के ऑफर में 9 फाउंटेन पेन, 4 5वे टेक्निक पेन, 8 बॉलपॉइंट पेन तथा रिफिल, 2 इंक यह शमिल है।



