
Ghaziabad: लोगों का हर जानवर के प्रति प्रेम अलग होता है। जानवरों कि वफादारी ने हमेशा से ही लोगो को अपनी और आकर्षित किया है। किसी को बिल्ली से प्रेम होता है तो किसी को कुत्ते से। प्रेम को दुनिया का सबसे बड़ा वरदान माना जाता है। कुछ लोग जानवरो से डरते है तो वही कुछ लोगों को उनमें पूरी दुनिया दिखती है।
आज की हमारी कहानी एक ऐसी ही दादी ओर उसकी पोती कि है। जिन्होंने आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के नाम अपनी पूरी जिंदगी कर दी। जिस दादी की हम बात कर रहे है, उनका दिल इन जानवरों के लिए इस कदर बड़ा हुआ कि आज की बात करें तो वह 120 कुत्तों (120 Dogs) के लिए रोज खाना बनाती है।
कुत्तो को बिरयानी खिलाने का वीडियो हुआ वायरल
आज इस 90 साल की दादी का एक वीडियो सोशल मीडिया ऐसा वायरल हुआ है कि इसे कुछ ही दिनों में लगभग 1.42 लाख लोगो ने इसे देख लिया है। इस वीडियो को 42 हजार लोग लाइक भी कर चुके है। इस वीडियों में यह दादी बिरयानी बनाती हुई दिख रही है। यह बिरयानी वह कुत्तों के लिए बना रही है।
आपको बता दे कि इस दादी (Grandmother) का नाम कनक सक्सेना (Grandma Kanak Saxena) है। इनकी पोती का नाम सना सक्सेना (Sana Saxena) है। पोती सना सक्सेना एक एनजीओ भी चलाती है। इस वीडियो को सना सक्सेना ने ही अपने इंस्टा अकाउंट पर डाला है। जिसमें उनकी दादी बिरयानी बनाती हुई नजर आ रही है। इस वीडियों में सना और कनक सक्सेना दोनों ही कुत्तों को अपने हाथो से बिरयानी खिलाते है।
दादी कनक सक्सेना रोज बनाती है करीब 120 कुत्तो के लिए खाना
इस वीछियों को शेयर करके सना ने जो कैप्शन लिखा वह लोगों को बहुत ही भावुक कर रहा है। उन्होंने लिखा कि उनकी दादी कनक सक्सेना ऑस्टियोपोरोसिस के बहुत से ऑपरेशन करवा चुकी है। वह शय्याग्रस्त भी थी। फिर भी उन्होंने अपनी जान से प्यारे कुत्तों के लिए सुबह 4 बजे उठकर खाना बनाया है। अपने प्रेम के बीच उन्होंने अपनी बीमारी नहीं आने दी। वह रोज इसी तरह तकरीबन 120 कुत्तों का खाना बनाती है।
दादी, बहु और पोती सब साथ में करते है, काम
जब दादी कनक सक्सेना जी से इस विषय में जानकारी ली गई तो वह बताती है, कि उन्हें यह तो याद नहीं कि वह कब से इस कार्य को कर रही है। लेकिन जहॉ तक उनको याद है। वह ढाई साल से रोज इसी तरह सुबह उठती है ओर कुत्तों के लिए खाना बनाने में जुट जाती है।

उनके इस काम में उनकी सहायिका भी मदद करती है। वह अपनी बहु, पोती और सहायिका के साथ मिलकर पूरा खाना बनाती हे और फिर इस खाने को पैक करके अलग अलग जगह पर जहॉ आवारा कुत्ते मिलते है।
वहॉं पर इन पैकेट को कुत्तो को दे देती है। हालांकि कनक सक्सेना जी का स्वास्थ्य सही नहीं रहता है, इसलिए वह खाना बाटने नहीं जाती। लेकिन जो वायरल वीडियो है, उसमे वह खाना बाटते हुये दिख रही है। इस अनुभव की खुशी उनके फेस में अलग ही दिखती रही है।
घर में लाये कोको नाम के कुत्ते ने बदली सोच
दादी कनक सक्सेना जी बताती है, उनकी पोती सना को कुत्तो से बहुत ही प्यार है। पहले दादी कनक जी भी कुत्तो को पसंद नही करती थी। लेकिन जब उनकी पोती ने एक कुत्ता घर में ले आया तो वह भी उनकी देखभाल में लग गई। उस कुत्ते का नाम उन्होंने कोको रखा।
जैसे जैसे समय बीता कनक जी को भी कुत्तो से एक अलग ही लगाव हो गया। आज की बात करें तो यह स्थिति हो गई है कि कनक जी अगर किसी आवारा कुत्तों को भी तकलीफ में देख ले तो उनको बहुत कष्ट होने लगता है।
कुत्तो कि मदद के लिए पोती ने बनाया एनजीओ
सना जो एनजीओ चलाती है उसके विषय में वह बताते हुए कहती है कि उन्होने अपनी संस्था (Paws in Puddle) को 2 साल पहले शुरू किया था। वह चूँकि पहले से ही कुत्तो को बहुत पसंद करती थी। ऐसे में वह हमेशा से ही चाहती थी, वह कुत्तो के लिए कुछ करें। इसलिए उन्होंने अपने परिवार के साथ मिलकर 2019 में एक संस्था बनाई। जिसमें वह आवारा कुत्तो कि देखभाल करती है। उनकी यह संस्था गाजियाबाद मे है।
इस तरह चलता है एनजीओ, काम को जाने
सना जी कि संस्था ‘Paws in Puddle’ सिर्फ कुत्तो को खाना नहीं खिलाती, बल्कि उनकी संस्था बीमार कुत्तो का इलाज भी करती है। इसके साथ ही ठंड मे इनकी संस्था आवारा कुत्तो को कपड़े भी देती है। जोकि गर्म कपड़े होते है।
सना जी कि संस्था पूरी तरह से उनके परिवार की संस्था है। इसमे उनके घर का हर सदस्य भाग लेता है। उनके माता, पिता, उनकी दादी सभी मिलकर इस संस्था को संभालते है।
सना बताती है कि जब उनको अपनी संस्था के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है, तो वह इंस्टाग्राम के फंड रेजर का इस्तेमाल करके पैसे कलेक्ट करती है। आज सना और उनके परिवार का छोटा सा अभियान इतना बड़ा हो गया है कि बहुत से लोग भी उनके साथ जुड़ने लगे है। उनके संस्था कि और उनके कदम की लोग तारीफ करते नहीं थकते।



