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Ayodhya, Uttar Pradesh: अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद विवादित भूमि पर राम मंदिर बनने का रास्ता क्लियर हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए पूरी 2.77 एकड़ भूमि रामलला विराजमान को देने की बात कही है। राम मंदिर बनाने के लिए NSUI जिलाध्यक्ष विलाल अहमद ने दिया 1100 रुपए का चेक देकर कहा, मेरे नाम से भी 4 ईंटें।
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय बाद विवादित जमीन पर राम मंदिर बनने को लेकर सारी समस्या खत्म हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए पूरी 2.77 एकड़ जमीन रामलला विराजमान को देने का निर्णय किया। विलाल अहमद ने मंदिर निर्माण के लिए दिया 1,100 का चेक देकर मिसाल कायम की।
लोग राम मंदिर निर्माण में अपना योगदान देने आगे आ रहे
मस्जिद के लिए अयोध्या में ही अलग से पांच एकड़ जमीन देने की बात भी कही है। विवादित जमीन विराजमान को देने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने मंदिर बनाने के लिए सरकार को तीन महीने के अंदर एक ट्रस्ट बनाने का भी आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद लोग मंदिर निर्माण में अपना योगदान देने के लिए आगे आ रहे हैं।
अपना योगदान देने वाले लोगो में विलाल अहमद का नाम भी दर्ज हो गया है। विलाल अहमद आगरा के निवासी हैं और उन्होंने राम मंदिर बनाने में अपना योगदान देते हुए 1100 रुपए की राशि एक चेक जिला मस्जिस्ट्रेट को दे दिया है। विलाल अहमद नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया NSUI के जिलाध्यक्ष हैं।
Vilal Ahmed: People of the country have wholeheartedly accepted Supreme Court's verdict. We have handed over a cheque of Rs 1,100 to the District Magistrate, it is our heartfelt desire that 4 bricks should be laid in our names, when the construction of the temple begins. (11.11.) https://t.co/UEMEGc1Pdz pic.twitter.com/cHG3nUn9Lm
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 11, 2019
जिला मस्जिस्ट्रेट को चेक सौंपने के बाद विलाल अहमद ने बताया कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय को सभी ने खुले दिल से स्वीकार किया है। यह मेरी तमन्ना है कि जब मंदिर का निर्माण हो तो उसमें मेरा भी अपना सहयोग हो।
उन्होंने बताया कि, “देश के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को खुले से स्वीकार किया है। सभी के दिल मे खुशी की लहर है। मैंने जिलाधिकारी को 1100 रुपये का चेक अपने सहयोग के रूप में सौंप दिया है। यह मेरी दिल की तमन्ना है कि जब मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो तो उसमें मेरे नाम से भी 4 ईंटें रखी जाएं।”



