
Photo Credits: Twitter
Sidharthnagar: किसान हमारे समाज की रीढ़ की हड्डी हैं। किसान ही हैं, जो हमें वह सब खाद्य पदार्थ (Food) मुहैया कराते हैं, जो हम खाते हैं। नतीजतन, देश की पूरी जनसंख्या किसानों पर निर्भर है। इस तरह किसान विश्व में अत्यधिक महत्वपूर्ण शख्स की श्रेणी में आता हैं। हालांकि किसानों का इतना महत्व है, लेकिन तब भी उनके पास उचित जीवन यापन नहीं है।
आज हम आपको ऐसे किसान के बेटे की कहानी से रूबरू करा रहे है, जिसने कभी हार नही मानी। सांथा ब्लाक के पोखर भिटवा गांव के किसान अलाउद्दीन के पुत्र मोहम्मद आकिब (Mohammad Aqib) ने यूपीएससी 2020 की परीक्षा (UPSC Exam 2020) पासकर सफलता का परचम लहराया है। आकिब को 203वीं रैंक हासिल हुई है।
उनकी सफलता से गांव-क्षेत्र के लोगों में हर्ष का माहौल है। लोगों ने घर पहुंचकर आकिब के स्वजन को बधाई दी है। सिद्धार्थनगर (Sidharthnagar) जिले के संथा ब्लॉक के पोखरभटिया (Pokharbhatiya) ग्राम के किसान अलाउद्दीन (Alauddin) के बेटे आकिब (Aaqib) ने अपने माता पिता और राज्य का नाम रोशन किया है।
आकिब (Mohammad Aquib) ने साल 2019 में वे यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) में 579वीं रैंक प्राप्त किये थे। ओ यूपीएससी 2020 की परीक्षा उत्तीर्ण कर कामयाब हुए हैं। आकिब को 203वीं रैंक हासिल हुई है। वर्तमान में वह सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
आकिब की मां कलिमुन्निशा (Kalimunnisha) गृहणी हैं। इनके दो भाई तारिक व ताहिर हैं। उनकी कामयाबी से ग्राम और क्षेत्र के लोगो में हर्ष और उल्लास का माहौल है। आकिब की प्रारंभिक शिक्षा सुकरेली के प्राथमिक विधालय में हुई।
उसके बाद उन्होंने नवोदय विद्यालय बसंतपुर की परीक्षा उत्तीर्ण कर वहां शिक्षा प्राप्त की। वहां से आकिब ने इंटरमीडिएट पास किया। उसके बाद उन्होंने IIT चेन्नई से कम्प्यूटर साइंस में BTech किया। फिर दिल्ली से ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की।
अपने ग्राम और निकट के क्षेत्रों में आकिब पहले ऐसे विद्यार्थि है जिन्होंने दूसरी बार मे IAS की परीक्षा उत्तीर्ण की और IAS बने हैं। आकिब के पिता ने कहा कि आकिब बाल्यावस्था से ही आइएएस बनने का सपना देखने लगा था।
आकिब (Mohammad Aquib UPSC) के शिक्षक रामाज्ञा विश्वकर्मा (Ramagya Vishwakarma) ने कहा कि उसने यह साबित कर दिया कि केवल कांवेंट स्कूल नहीं बल्कि प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी भी आइएएस बनकर देश की सेवा कर सकते हैं।



