
लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी ही कम है। सूत्रों की खबरो के मुताविक महेंद्र सिंह धोनी भारत देश के इतिहास के इकलौते ऐसे VVIP है, जो कश्मीर बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे हैं। इंडियन क्रिकेट टीम के विकेटकीपर और बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी वर्तमान में टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल भी हैं और वो बुधवार को कश्मीर पहुँचकर सेना के साथ जुड़ गए। सेना में शामिल हो गए है।
लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी को आतंक प्रभावित दक्षिण कश्मीर में पोस्टिंग मिली है जहां वो अन्य जवानों की तरह गश्त, गार्ड ड्यूटी और अन्य कार्य कर रहे है। महेंद्र सिंह धोनी कश्मीर में 15 अगस्त तक 106 टीए बटालियन के साथ रहेंगे और जवानों की तरह कार्य करेंगे।
खबरो के अनुसार टेरिटोरियल आर्मी मुख्य सेना का ही भाग होता है और वो प्राकृतिक आपदाओं साथ ही अन्य आवश्यकताओ की, महत्वपूर्ण सेवाओँ को बनाए रखने में सेना की हेल्प करती है। लेफ्टिनेंट कर्नल धोनी के बारे में सेना के अधिकारियों ने कहा कि वो कश्मीर पहुंच चुके हैं और यूनिट के साथ जुड़कर अपनी ड्यूटी करने लगे हैं।
Mahendra Singh Dhoni यहां पर विक्टर Force के साथ जुड़े हैं जो कश्मीर में सबसे अधिक आतंक प्रभावित जिलों जैसे कि अनन्तनाम, शोपिया में कार्य करती है। महेंद्र सिंह धोनी ने सेना के साथ काम करने की परमिशन की अपील की थी, जिसे सेना मुख्यालय ने हरि झंडी दिखा दी थी। विक्टर Force का मुख्य काम आतंक विरोधी Operation चलाना है।
इस रेजीमेंट में सेना की बाकी सभी रेजिमेंट से सैनिक कश्मीर ड्यूटी के लिए जोड़े जाते हैं। 2019 World Cup के बाद ये अटकलें लगाए जा रही थी कि महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट को अलविदा कहकर सन्यास ले लेंगे। लेकिन उन्होंने सेना में शामिल होने की बात कहकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया था।
महेंद्र सिंह धोनी ने बोर्ड से दो महीने की छुट्टी की अपील की थी, जिससे वो पैराशूट रेजिमेंट को ये समय दे सकें। सेना में शामिल होने के साथ महेंद्र सिंह धोनी ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए स्वंय को उपलब्ध नहीं बताया था। वे इन दो महीनों को देश की सेवा में लगाना चाहते थे। और सेना से जुड़कर सच भी कर दिखाया। जो अपने आप मे एक मिसाल है।



