अर्नब गोस्वामी पर एक और केस, महाराष्ट्र सरकार ने SC में याचिका डाली, बेतुका मामला समझे

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Image Credits: Twitter

Mumbai/Maharashtra: मुंबई से पत्रकार अर्नव स्वामी पर एक बड़ी खबर आ रही है। खबर के मुताबिक़ महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार मई 4 को मुंबई के डिप्टी कमिश्नर जोन 3 की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया है। इस आवेदन में यह आरोप लगाया गया कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने पुलिस को धौंस दिखाई। तो इस पर कार्यवाही होनी चाहिए।

खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने 24 अप्रैल को अपनी सुनवाई में पत्रकार अर्नब गोस्वामी को 3 हप्ते का अंतरिम संरक्षण दिया था। कोर्ट ने कहा था कि इस 3 हप्ते में अर्नब अग्रिम जमानत ले सकते हैं। अब महाराष्ट्र सरकार ने कोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम संरक्षण के खिलाफ अदालत का दरवाज़ा खटखटाया है।

याचिका को कांग्रेस के बदले ही भावना करार दिया जा रहा

कुछ लोग सोशल मीडिया में इस याचिका को कांग्रेस के बदले ही भावना करार दे रहे है। उनके अनुसार कांग्रेस और उनके समर्थक दल अर्नव गोस्वामी के पीछे पढ़ गए है। लोगो का कहना है की पालघर मामले सोनिया गाँधी से सवाल पूछना कांग्रेस की नज़र में सबसे बड़ा अपराध है। पता हो की अर्नब गोस्वामी के खिलाफ पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान और झारखंड के अलग-अलग थानों में एक दर्जन से अधिक FIR कांग्रेस नेताओं के द्वारा दर्ज कराई गईं थी।

आपको बता दे की यह सब तब शुरू हुआ, जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कथित सवाल करने के मामले में मुंबई पुलिस ने आज भारत के आने माने टीवी चैनल रिपब्लिक के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी से 12 घंटों पूछताछ की। मुंबई पुलिस के इस कार्रवाई को लेकर राजनीति में उबाल आ गया है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि महताष्ट्रा राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस अर्णव गोस्वामी को बेमतलब परेशान कर रही है।

Arnav Goswami Case
Demo File Image

अर्णब गोस्वामी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से इंकार है। उन्होंने कहा कि मुझे देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मैंने जो कुछ भी कहा उस पर आज भी कायम हूं। उन्होंने कहा कि मेरे और मेरी पत्नी के ऊपर हुयी घटना के मामले में भी पुलिस को इसी तत्परता के साथ जांच करनी चाहिए। इसे लेकर उन्होंने पुलिस कमिश्नर को एक पत्र भी लिखा है।

यह घटना पत्रकार अर्नब के घर से कछ ही दूरी पर अंजाम दी गई। जब अर्नब अपने ऑफिस स्टुडिओ से घर जा रहे थे। तब घर से लगभग 400 मीटर की दूरी पर बाइक सवारों ने उनकी कार पर अपनी बाइक सत्ता कर इस कायराना घटना को अंजाम दिया। उस वक्त अर्णव की पत्नी भी कार में मौजदू थीं। इस वक़्त अर्नब स्वयं कार ड्राइव कर रहे थे और उनकी पत्नी भी साथ में मौजूद थीं। इस घटना के वक़्त कार के शीशे को तोड़ने की कोशिश की गई और जब शीशा नहीं टूटा, तो कार पर स्याही फेंक दी गई।

इस घटना के तुरंत बाद अर्नब के सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन दोनों को पकड़कर पूछताछ के लिए पुलिस के हवाले कर दिया। ​​​​सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक अर्नब पर इस घटना को अंजाम देने वाले बाइक सवार यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता थे।​​​​​​​​​​​​​​ आपको बता दे की जिन 2 कथित कांग्रेस वर्कर्स ने अर्णव गोस्वामी पर घटना को अंजाम दिया था, उनको बेल पर छोड़ दिया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कथित सवाल करने के मामले में मुंबई पुलिस ने भारत के आने माने टीवी चैनल रिपब्लिक के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी से 12 घंटों से भी ज़ादा समय तक पूछताछ की थी। मुंबई पुलिस के इस कार्रवाई को लेकर राजनीति में उबाल आ गया था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस अर्णव गोस्वामी को बेमतलब परेशान कर रही है।

आपको बता दें की कुछ दिन पहले पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने अपने TV शो में साधुओं वाली घटना पर सोनिया गाँधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा था, “इटली से आई सोनिया गाँधी चुप क्यों है, सोनिया गाँधी तो खुश हैं। इटली से उन्हें वाहवाही मिलेगी। लोग कहेंगे कि वाह, सोनिया गाँधी ने अच्छा किया। इन लोगों को शर्म आनी चाहिए। क्या उन्हें लगता है कि हिन्दू चुप रहेंगे, पूरा भारत भी यही पूछ रहा है। बोलने का समय आ गया है।” इस समय अर्नव ने सोनिया गाँधी के कथित पूर्व नाम अंटोनिआ माइनो (Antonia Maino) का भी इस्तेमाल किया था। इस शब्दों के बाद कांग्रेस के लोग विरोध में आ गये।

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