लंदन से पढ़कर वापस भारत आईं और ऑर्गेनिक खेती करने लगी, बंपर कमाई के साथ रोजगार भी दे रही

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Neha Bhatiya organic farming
London Return Neha Bhatiya with Puneet Tyagi started organic farming and earning huge. She has given employment to 25 farmers near Noida.

Photo Credits: Social Media

Delhi: विदेश में पढने के बाद भी देश की बेटी का मन नहीं बदला। भारतीय की नई मिशाल पेश करते हुऐ, किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए किया कार्य। जैविक खेती केवल किताबों तक ही सीमित नहीं रही। लंदन से पढ़ाई करके वापस भारत लौट कर देश की बेटी ने शुरू कि जैविक खेती (Organic Farming) कर कमाई करने के साथ-साथ कई किसानों को दिया जॅाब का अवसर एवं जैविक खेती करने का प्रशिक्षण दिया।

जैविक खेती जिसके बारे में हम हमेशा किताबों में पढ़ते थे। आज वह सच हो गया है। जैविक खेती अब सिर्फ बुक के पन्‍नों तक सीमित नहीं रह गई है। आज के युवा इसे कर रहे है और काफी पैसे भी कमा पा रहे है। हमारे देश में किसानों को देश की रीढ़ की हड्डी माना जाता है। उन्‍ही किसानों को फिर से उड़ान भरने का काम जैविक खेती कर रही है। इसका जीता जागता उदाहरण देश की बेटी नेहा भाटिया है।

स्‍नातक करने के बाद ग्रामीण जीवन को समझा

नेहा भाटिया (Neha Bhatiya) दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय से स्‍नातक करने के बाद ग्रामीण जीवन को समझने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में काम किया। उसके बाद वह लंदन (London) में स्‍कूल ऑफ इकॉ‍नॉमिक्‍स में मास्‍टर करके दिल्‍ली से लंदन चली गई। मास्‍टर की पढाई करते समय उन्‍होंने कई सामाजिक कार्य करने वालें संगठनों के साथ जुड़ कर काम जारी रखा। विदेश में भी नेहा जी को हमारे देश के किसानों की ही तरह समस्‍या दिखाई दी।

विदेश से अपने देश भारत लौटने के बाद नेहा ने जैविक और रासायन युक्‍त उर्वरकों पर पूरी निष्‍ठा के साथ अध्‍ययन किया। इस दौरान उन्‍हे समझ आया कि देश का किसान रासायनिक उर्वरकों पर ज्‍यादा निर्भर हो गया है। रासायनिक उर्वरक जो कि हमारे वातावरण के लिए नुकसानदायक है। इससे हमारे वातावरण को नुकसान होता है। हमारे आस पास के वातावरण के घटक भोजन, जल, जंगल और मृदा सबको खराब कर देता है।

खुद ही खेती करने का फैसला किया

अध्‍ययन के दौरान ही नेहा ने पुनीत त्‍यागी (Puneet Tyagi) से विवाह किया। पुनीत त्‍यागी जी की जमीन दिल्‍ली के नोएडा (Noida) में है। जहां पर वह लोग खेती किया करते है। वह लोग किसानों को जमीन लीज पर दे दिया करते थे। लेकिन नेहा के आने के बाद उन्‍होंने डिसाइड किया की अब वह खुद ही खेती करेंगे। इन सब में पुनीत व उनका परिवार भी उनके साथ रहा।

नेहा ने खेती शुरू करने से पहले सात महीनें की ट्रेनिंग पूरी करके कोर्स कम्‍पलीट किया। इसके बाद वह अलग अलग राज्‍य में जाकर जैविक खेती करने वाले महानुभावों से बात की फिर उन्‍होंने अपने पति के साथ मिलकर खुद खेती करने की योजना बनाई इस कार्य के लिए उन्‍होंने कुछ किसानों का भी साथ लिया और धीरे-धीरे अपने कार्य को जैविक खेती करने के सपने को पूरा करने में लग गई।

किसानों को ट्रेनिंग देने का प्रोग्राम चलाया

इस दौरान नेहा ने सिर्फ खेती ही नहीं कि बल्कि, किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए ओपन फॉर्म एवं लर्निंग प्रोग्राम मतलब, जिसमें किसान कभी भी आकर खेती करने के नये तरीकों को देखकर सीख सके का प्रोग्राम चलाया। सिर्फ 6 महीने के कम समय में ही नेहा की मेहनत रंग दिखाने लगी और वह कामयाबी के नये मुकाम को हासिल करने लगी।

नेहा ने खेती करने के दौरान 35-40 तरह की सब्जियॉं उगाई। इसके लिए उन्‍होनें मिश्रित खेती की और किसानों की सहायक गाय को अपना सहारा बनाया। इसके बाद उनके पति पुनीत ने भी जॉब छोड़ कर अपनी पत्नि का साथ दिया और खेती करने का फैसला लिया।

अभी 25 किसानों को रोजगार दिया है

धीरे धीरे उन्‍होंने 25 और किसानों को अपने (The Prodigal Farm) साथ जोड़ लिया। आज वह सब जैविक खेती करके ना सिर्फ पैसे कमा रहे है, बल्कि रासायनिक उर्वरकों का इस्‍तेमाल ना करके वातावरण को नुकसान ना पहुँचा कर प्राकृतिक संसााधनों की सुरक्षित भी कर रहे है।

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