एक LLB बढ़ने वाली लड़की गरीब बच्चों को फ्री में शिक्षा दे रही हैं, इस नेक काम की कहानी बड़ी रोचक है

0
831
Meena Chaudhary LLB
LLB student Meena Choudhary giving free education to kids in her Yamuna Khadar Pathshala study centre in Delhi: Ek Number News

Photo Credits: Social Media Crap Image

Delhi: एक शिक्षित शख्स की समझ ज्यादा होती है और वह अपनी शिक्षा के चलते अशिक्षित की तुलना में कहीं अधिक सफल होने की संभावना रखता है। शिक्षा पर सभी का अधिकार है। अगर कोई महंगे प्राइवेट स्कूल में शिक्षा नहीं ले पा रहा है तो उन्हें लिए भारत सरकार ने सरकारी स्कूल भी खोले हैं। फिर भी देश में कई ऐसे लोग हैं, जो गरीब बच्चो को फ्री में शिक्षित कर रहे हैं।

ठीक ऐसी ही एक बेटी है, मीना चौधरी (Meena Chaudhary)। वे बहुत ही बढ़िया काम कर रही है। फिलहाल वे विद्यार्थी होने के साथ एक बहुत बड़ा सोशल वर्क भी करती हैं। मीना चौधरी की कहानी जानकर आप उनकी प्रशंसा किये बिना नहीं रह पाएंगे।

अभी मीना चौधरी LLB फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट हैं और दिल्ली में ही रहकर गरीब और असहाये बच्चों को शिक्षा देने (Free Education) का कार्य करती है। हमें दिल्ली में एक मित्र ने जानकारी दी की मीना के माता पिता खुद अशिक्षित हैं। फिर भी वे शिक्षा के महत्व को जानते और समझते हैं। अपनी इसी सोच के चलते वे अपनी बेटी की अपने स्तर पर सहायता भी करते हैं।

मीना (Meena Choudhary) ने हमारे एक मित्र को बताया की उनके पापा पढ़े-लिखें नहीं हैं। ऐसे में वे जानते है की अशिक्षित होने के कारण उन्होंने जो मुश्किलें झेली हैं, वो सभी कोई अन्य बच्चा न झेले। उनका मानना है की हर बच्चें को पढ़ना चाहिए। पिता की इसी सोच के चलते आज मीना और उनके सभी भाई-बहन पढ़े लिखे शिक्षित भारतीय हैं।

मीना ने वहां लोगो को बनता की वे हमेशा से पुसिल अफसर बनना चाहती थीं। उनका सपना था एक पुलिस इंस्पेक्टर बनना। फिर उन्हें इस बात का अहसास हुआ की पुलिस इंस्पेक्टर बनके वे गरीब, असहाये और वंचित तबके के बच्चो को उनका आधुकर, न्याय और अन्न मदत नहीं दिलवा पाएंगे, तो उन्होंने अपने करियर को लॉ के रूप में चुन लिया और फिर LLB में दाखिला ले लिया।

अब 24 साल की मीना एक अच्छी वकील (Advocate) बनकर अपने सपने पूरे करना और समाज सेवा करना चाहती है। अभी वे LLB फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट हैं। मीना दिल्ली के यमुना खादर में एक पुल के नीचे बच्चों को पढ़ाती भी करती हैं। अब वे यमुना खादर पाठशाला नाम से जानी जाती है। ये सभी बच्चें गरीब मजदूरों और किसानों के बच्चें हैं। उनके माता-पिता भी अनपढ़ हैं।

अब मीना इन गरीब बच्चों को अपने ही यमुना खादर पाठशाला (Yamuna Khadar Pathshala) नाम के स्टडी सेंटर में पढ़ाती हैं। मीना ने बच्चों को पढ़ाने का यह काम साल 2017 से शुरू किया था और यह काम अभी भी ज़ारी है। मीना का मनना है की यदि बच्चो को अच्छे तरीके से पढ़ाया जाये, तो वे सभी भी पढाई से पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें अच्छे प्रोत्साहन की भी जरुरत होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here