
Gaya: भारत कृषि के क्षेत्र में अग्रणी है। किसानो द्वारा विभिन्न तरह की सब्जिया यहां उगाई जाती है। लगभग हर प्रकार की सब्जिया हमने अपने जीवन में चखी है। लेकिन ब्लैक पटेटो (Black Potato) को शायद ही आपने कभी खाया होगा।
वैसे तो ब्लैक पटेटो की बात करे, तो यह दक्षिण अमेरिका में उगाया जाता है। दक्षिण भारत को एंडीज पर्वत ब्लैक पटेटो के लिये प्रसिद्ध है। ब्लैक पटेटो में बहुत से आयुर्वेदिक गुण होते है। लेकिन अब ब्लेक पोटेटो के सभी गुणो का लाभ आप भी ले पाएंगे।
अब मार्केट में ब्लेक पोटेटो भी बनायेगा अपनी जगह
जी हां खबर है कि बिहार (Bihar) राज्य के गया (Gaya) क्षेत्र में अब ब्लैक पटेटो की खेती की जा रही है। खबर है कि गया के किसान जिनका नाम आशीष सिंह है उन्होंने बलैक पटेटो की खेती ट्रायल के तौर पर 14 किेलो आलू के साथ प्रारंभ कर दिया है।
आशीष ने गया के टिकरी में गुलारियाचक नामक गांब में बलैक पटेटो को प्रयोग समझकर लगाया है। अगर वह इसमें सफल हो गये तो हम भी सफेद, पीले और लाल आलू की तरह ब्लेक आलू को भी अपने दैनिक खाने में शामिल कर पाएंगे।
गया के किसान आशीष ने अमेरिका से काले आलू के बीज मंगवा कर खेती का ट्रायल शुरू किया
आशीष जी बताते है कि खेती के लिये उनहोंने ब्लैक पोटेटो के बीज अमेरिका से पूरे 14 किेलो मंगवाये है। यह आलू उनको 1500 रूपये किलो के हिसाब से पड़े। अमेरिका के मार्केट की बात करे तो यह पोटेटो वहां 3 से 4 डॉलर के हिसाब से बिकते है।
इसकी खेती की बात करे तो यह साधारण आलू की ही तरह उगाया जाता है। इसकी फसल 3 महीने में तैयार हो जाती है। आशीष कहते है कि अभी वह सिर्फ ट्रायल के लिये उगा रहे है। अगर उनका यह ट्रायल सफल हो गया तो इसकी खेती वह बड़े पैमाने में करेंगे।
इस आलू के बारे में बात करे तो इसकी बाहरी सतह काली, तथा आंतरिक सतह गहरे बैंगनी रंग की होती है। इस आलू में बहुत से गुण है। इस कारण इसको सफेद आलू से बेहतर माना जाता है यह स्वास्थ्य के लिये बहुत ही लादायक है।
ब्लैक आलू में होती है निम्न विशेषता
ब्लैक आलू की विशेष्ताओ की बात करे तो इसकी माप ग्लाइसेमिक इंडेक्स से मापी जाती है। यह इंडेक्स 0 से लेकर 100 नंबर तक का होता है। जब आलू का जीआई 70 तक का होता है तो इस इंडेक्स में आलू को उच्च गुण वाला कहा जाता है। इस इंडेक्स के मुताबिक ब्लैक पोटेटो की ग्लाइसेमिक इंडैक्स 77 है।
वही इस इंडेक्स में लाल आलू 81 तथा सफेद आलू 93 जीआई में आता है। ब्लैक पोटेटो की बात करे तो इसमें विशेष रूप से एंथ्रोसायनिन पोलीफेलोल एन्टीआक्सीडेंड काफी ज्यादा पाया जाता है। यही कारण है कि यह अन्य आलू से कही बेहतर होता है।
काले आलू में एंथ्रोसायनिन होता अधिक मात्रा में
आशीष जी बताते है एंथ्रोसायनिन हमारे स्वास्थ्य को बहुत ही लाभ पहुँचाने वाला होता है। यह कोलेस्ट्रॉल, दिल की बीमारी, ऑंख को रोग, मधुमेह, कैंसर इन सभी के रोगो के जोखिमे से दूर रखने में हमारा सहायक होता है।
इस आलू में एन्थ्रोसायनिन अधिक होता है, जोकि रक्तचाप तथा रक्त वाहिनी इन सभी से संबंधित स्वास्थ्य में जो भी दिक्कतो हाती है वह दूर होती है। इसमें उच्च पोटेशियम सामग्री भी पाई जाती है। सफेद आलू की बात करे तो उसमे भी बहुत ज्यादा पोष्टिक तत्व मौजूद होते है। यह हमारे ब्ल्ड शुगर को सही बनाने में मदद करता है।



