
Chennai: चेन्नई (Chennai) के निवासी ज्यावेल (Jayavel) तीन-भाई बहन हैं। जिनमें ज्यावेल सबसे बड़े हैं। ज्यावेल जब 3 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया, पूरे घर परिवार और तीन मासूम बच्चों का उत्तरदायित्व अब उनकी मां पर आ गया था। पति के गुजर जाने और बच्चों के अनाथ होने पर मां को इतना गहरा आघात हुआ कि उसे शराब की लत ने जकड़ लिया।
तीनो भाई बहनों के ऊपर कुदरत ने ऐसा चक्रव्यूह बनाया की पिता गुजर गए मां के शराबी बन जाने से घर में खाने का एक दाना तक नहीं बचा। मजबूरन तीनों बच्चे भीख मांग कर अपना पेट भरने लगे। ज्यावेल (Jayavel From Chennai) अपने दोनों छोटे भाई बहनों का पूरा ख्याल रखता था। जिंदगी तीनों बच्चों की परीक्षा ले रही थी।
इसी दौरान सुयंम एनजीओ के संस्थापक उमा और नाथूराम ने ईन तीनों मासूम बच्चों को देखा पढ़ने खेलने की आयु में भीख मांगने पर विवश थे। एनजीओ (NGO) ने तीनों बच्चों का सिरको मोंटेसरी विद्यालय में दाखिला करवाया। वहीं से तीनो भाई बहनों ने बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की।
ज्यावेल पढ़ने में बेहद चतुर था। उन्हें कैंब्रिज विश्वविद्यालय (Cambridge University) में छात्रवृत्ति मिली, जिसके चलते उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से अपना अध्ययन पूरी की। कैंब्रिज विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण होने के बाद उन्होंने Glyndwr University में एक कोर्स के लिए दाखिला कराया।
The inspiring story of Jayavel Chinnaih who went from begging in Chennai to studying Engineering in Wales. pic.twitter.com/iFchZjol5P
— ♫ Revolution ♫ (@Iam_BigV) September 17, 2016
यहां उसे छात्रवृत्ति नहीं मिली जिसकी वजह से उसे बैंक से लोन लेना पड़ा। ज्यावेल ने विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद विमान मेंटेनेंस टेक्नोलॉजी का कोर्स किया है। विमान मेंटेनेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं है और भविष्य उज्जवल है।
Jayavel, The Chennai Beggar Who Attended Cambridge: https://t.co/RPDQlCe31z#AGAYBARHO! with #ROZEE pic.twitter.com/VPB9DhxXPy
— ROZEE.PK (@rozee_pk) October 19, 2016
ज्यावेल ने अपनी सफलता का श्रेय सुयंम एनजीओ (NGO) के संस्थापक उमा और मथुरा को दिया। जिन लोगों ने इन्हें सड़कों से उठाकर बेहतरीन शिक्षा और संस्कार दिए। ज्यावेल की मां ने अब शराब छोड़ दी है।



